VIDEO: रीजनल थ्री आर एंड सर्कुलर इकॉनोमी फोरम की करेगा मेजबानी, 3 से 5 मार्च राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में होगा आयोजन, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: प्रदेश की राजधानी जयपुर एशिया और प्रशांत क्षेत्र में उच्च स्तरीय 12 वें रीजनल थ्री आर एंड सर्कुलर इकॉनोमी फोरम की मेजबानी करेगा. यह फोरम 3 से 5 मार्च तक जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित होगा. आखिर क्या है थ्री आर एंड सर्कुलर इकॉनोमी,क्यों हैं यह फोरम महत्वपूर्ण और क्या है इसका उद्देश्य ? 

संयुक्त राष्ट्र संघ के संयुक्त राष्ट्र क्षेत्रीय विकास केन्द्र (यूएनसीआरडी) की ओर वर्ष 2009 में रीजनल 3 आर और सर्कुलर इकॉनोमी फोरम की शुरूआत की गई थी. फोरम का उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों के सरकारी तंत्र को 3 आर- रिड्यूस,रियूज और रिसाइकल के लिए प्रचलित बेस्ट प्रेक्टिसेज को साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करना है. पिछला फोरम 2023 में कंबोडिया द्वारा आयोजित किया गया था. फोरम के बारहवें संस्करण की मेजबानी की जिम्मेदारी भारत को मिली है. केन्द्रीय आवासन व शहरी कार्य मंत्रालय ने इसके आयोजन के लिए प्रदेश की राजधानी जयपुर का चयन किया है. जयपुर ग्रेटर नगर निगम और जयपुर हैरिटेज नगर निगम को इस आयोजन के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है. भारत ने इससे पहले 2018 में फोरम की मेजबानी की थी, जब 8वां संस्करण इंदौर में आयोजित किया गया था. आपको सबसे पहले बताते हैं कि थ्री आर और सर्कुलर इकॉनोमी का मतलब क्या है.

-थ्री आर का मतलब रिड्यूज,रियूज और रिसाइकल करने से हैं
-लीनियर इकॉनोमी में किसी उत्पाद के निर्माण के बाद उसका विक्रय होता है
-उस उत्पाद का उपयोग करने के बाद उसे वेस्ट मानते हुए लैंड फिल साइट पर डाल दिया जाता है
-जबकि सर्कुलर इकॉनोमी में उत्पाद के इस्तेमाल के बाद उसे रिसाइल या रिफर्बिश किया जाता है
-ऐसा करने से उत्पाद रियूज के लिए फिर से इकॉनोमी में आ जाता है
-सर्कुलर इकॉनोमी में प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन को कम किया जाता है
-इससे लैंडफ़िल साइट पर कचरे के तौर पर जाने वाला मैटेरियल कम होता है
-इससे पर्यावरण में वेस्ट तो कम होता है साथ ही संसाधनों का दोहन कम होने से प्रदूषण भी कम होता है
-सर्कुलर इकॉनोमी के सिद्धांत ही हैं थ्री आर-रिड्यूज,रियूज और रिसाइकल

रीजनल थ्री आर एंड सर्कुलर इकॉनोमी फोरम के जयपुर में आयोजित होने वाले बारहवें संस्करण की थीम "एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सतत विकास लक्ष्यों और कार्बन तटस्थता को प्राप्त करने की दिशा में सर्कुलर समाजों को साकार करना " है. तीन से पांच मार्च तक राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में 500 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और घरेलू प्रतिभागियों के भाग लेने की उम्मीद है. इस फोरम में पूर्ण सत्र, देश-विशिष्ट चर्चाएं, थीम-आधारित गोलमेज सम्मेलन आयोजित होंगे. आपको बताते हैं कि तीन दिन आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की रूपरेखा क्या होगी.

-इस आयोजन में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 38 देशों के प्रतिनिधि,केन्द्र सरकार के 15 संबंधित मंत्रालयों के अधिकारी,
-देश के सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों और 60 से अधिक शहरों के अधिकारी भाग लेंगे
-40 से अधिक भारतीय और जापानी व्यवसायों और स्टार्ट-अप्स को बेस्ट प्रेक्टिस,
-आइडिया और सॉल्यूशन को प्रदर्शित करने के लिए यह आयोजन एक मंच प्रदान करेगा
-3 मार्च प्रात: साढ़े 9 बजे केन्द्रीय आवासन व शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर इस कार्यक्रम का उदघाटन करेंगे
-तीन दिवसीय कार्यक्रम में सर्कुलर इकॉनोमी से संबंधित विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित होंगे
-कार्यक्रम में एक समर्पित ‘इंडिया पैवेलियन’ में भारत की उल्लेखनीय पहलों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा
- इस पैवेलियन में प्रमुख मंत्रालयों और राष्ट्रीय मिशनों की प्रदर्शनियां होंगी
-जो सतत विकास के लिए भारत के समग्र सरकारी दृष्टिकोण का प्रदर्शन करेंगी
-इस दौरान मंत्रियों और राजदूतों की गोलमेज परिचर्चा और विभिन्न शहरों की मेयरों की परिचर्चा भी आयोजित होगी
-राष्ट्रीय शहरी मामलों के संस्थान (NIUA) की ओर से 100 से अधिक बेस्ट प्रेक्टिसेज की जानकारी दी जाएगी