VIDEO: बड़े समूहों के अवैध निर्माणों को लेकर नत मस्तक JDA, पूनो गेमिंग जोन के रेस्टोरेंट/बार,नियो रेस्टोरेंट/बार और वन एट रेस्टोरेंट के लिए किए गए अवैध निर्माण, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के जवाहरलाल नेहरू मार्ग स्थित ज्वैल्व ऑफ इंडिया प्रोजेक्ट के व्यावसायिक ब्लॉक में पूनो गेमिंग जोन के रेस्टोरेंट/बार,नियो रेस्टोरेंट/बार और वन एट रेस्टोरेंट के लिए किए गए अवैध निर्माणों को सील करने के लिए आखिर क्यो जेडीए प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है, जबकि खुद जेडीए के जोन अधिकारियों की निरीक्षण रिपोर्ट में खुले तौर पर जेडीए के भवन विनियमों की धज्जियां उड़ाने का मिलीभगत का खेल उजागर हो चुका है. आखिर किस तरह प्रकरण में नियम-कायदों को दरकिनार किया गया और जेडीए अधिकारी कैसे कर रहे हैं टालमटोल? जानने के लिए देखें फर्स्ट इंडिया न्यूज की एक्सक्लुसिव रिपोर्ट.

राजधानी के जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर मालवीय नगर ओवरब्रिज के नजदीक स्थित ज्वैल्व ऑफ इंडिया प्रोजेक्ट के व्यावासायिक ब्लॉक में सिनेमा संचालन की एनओसी देने के लिए जेडीए पुलिस कमिश्नरेट को तीन बार मना कर चुका है. वहीं इसी ब्लॉक में अवैध निर्माणों को लेकर शिकायत भी हुई थी. इन्हीं के चलते इस ब्लॉक में किए गए अवैध निर्माणों का खुलासा हुआ, लेकिन इस खुलासे के बावजूद यहां पूनो गेमिंग जोन के रेस्टोरेंट/बार,नियो रेस्टोरेंट/बार और वन एट रेस्टोरेंट के लिए किए गए अवैध निर्माणों को सील करने को लेकर जेडीए अधिकारी प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं. यहां सिनेमा संचालन के लिए एनओसी देने से स्पष्ट मना करने को ही जेडीए अधिकारियों ने अपने कर्तव्य की इति श्री मान ली है. जानकारों के अनुसार यहां ऊंचे रसूखात के चलते इन रेस्टोरेंट्स के खिलाफ कारगर कार्रवाई नहीं की जा रही है.

दरअसल यहां सिनेमा संचालन की स्वीकृति देने के लिए पुलिस कमिश्नरेट की ओर से तीन बार जेडीए को एनओसी देने के लिए पत्र लिखा जा चुका है. पिछली दो बार की तरह हाल ही तीसरी बार भी जेडीए ने पुलिस कमिश्नरेट के पत्र का जवाब देते हुए इस इमारत में सिनेमा संचालन की स्वीकृति देने के लिए स्पष्ट मना कर दिया है. सिनेपॉलिस ग्रुप की ओर से यहां सिनेमा का संचालन किया जाना है.

जानिए, किस तरह चला मामला:

-पुलिस कमिश्नरेट ने सबसे पहले 31 मई 2024 को सिनेमा संचालन की स्वीकृति देने के लिए जेडीए को पत्र भेजा था.
-पत्र के जवाब में जेडीए ने 13 जुलाई 2024 ने पत्र भेजकर कहा कि "हाईकोर्ट में जयनारायण त्रिवेदी बनाम राजस्थान सरकार का मामला लंबित होने के चलते प्रकरण में अनापत्ति दिया जाना संभव नहीं हैं.
-पुलिस कमिश्नरेट ने दूसरी बार 26 जुलाई 2024 को फिर जेडीए को पत्र भेजकर पूछा कि जेडीए की ओर से फर्म जय ड्रिंक्स की के पक्ष में जो नक्शा अनुमोदित किया गया है.
-उस नक्शे के अनुरूप सिनेमा भवन का निर्माण हुआ है अथवा नहीं.
-इस पर जेडीए ने 7 अगस्त 2024 को फिर से पुलिस कमिश्नरेट को जवाब भेजा.
-इस जवाब में जेडीए की ओर से कहा गया कि "प्रकरण में जेडीए स्तर पर अधिवास और पूर्णता प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है.
-आवेदक की ओर से व्यावसायिक ब्लॉक का आर्किटेक्ट की ओर से जारी पूर्णता प्रमाण पत्र 16 सितंबर 2022 को जेडीए में पेश किया गया.
-आवेदक की ओर से व्यावसायिक ब्लॉक का आर्किटेक्ट की ओर से जारी अधिवास प्रमाण पत्र 15 मई 2023 को जेडीए में पेश किया गया.
-जेडीए ने इस पत्र में कहा कि यह अधिवास प्रमाण पत्र केवल व्यावसायिक ब्लॉक के लिए प्रस्तुत किया गया.
-जबकि भवन विनियमों में आंशिक अधिवास प्रमाण पत्र देने का कोई प्रावधान नहीं हैं.
-भवन विनियमों के विपरीत आंशिक अधिवास प्रमाण पत्र देने वाले आर्किटेक्ट के खिलाफ कार्रवाई के लिए जेडीए ने मुख्य नगर नियोजक को पत्र लिखा है.
-विकासकर्ता ने भवन निर्माण अवधि ढाई वर्ष बढ़ाने के लिए आवेदन किया था.
-जिस पर जेडीए ने 13 जुलाई 2024 विकासकर्ता को सूचित किया कि मामला स्वामित्व व विधिक परीक्षण के लिए प्रक्रियाधीन है.
-जेडीए ने अपने जवाब में यह भी कहा है कि "व्यावसायिक ब्लॉक में मौके पर स्वीकृत भवन मानचित्र के विपरीत निर्माण किया गया है.
-इस मामले की जांच विचाराधीन है.
-जेडीए की ओर से यह जवाब भेजने के बाद फिर तीसरी बार पुलिस कमिश्नरेट ने जेडीए को पत्र भेजा.
-पत्र भेजकर पुलिस कमिश्नरेट ने सिनेमा भवन के अनुमोदित मानचित्र को लेकर जेडीए से टिप्पणी मांगी.

दो बार जवाब भेजने के बावजूद फिर से पुलिस कमिश्नरेट की ओर से मामले में मांगी गई टिप्पणी का जवाब भी जेडीए ने हाल ही भिजवा दिया है.मामले में जेडीए की ओर से तीसरी बार भी भेजे जवाब में कहा गया कि सिनेमा संचालन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा सकता है. दूसरी तरफ इस प्रोजेक्ट के व्यावसायिक ब्लॉक में अवैध निर्माण की शिकायत जेडीए को मिली थी. इस शिकायत पर जेडीए के जोन के अधिकारियों ने इस 11 जुलाई को ही ब्लॉक का मौका मुआयना किया था. इस मौका मुआयना के अनुसार इस ब्लॉक में बड़े स्तर पर अवैध निर्माण किए हुए हैं. यहां पूनो गेमिंग जोन के रेस्टोरेंट/बार और नियो रेस्टोरेंट/बार के लिए अवैध निर्माण कर इनका संचालन किया जा रहा है. वन एट रेस्टोरंट के भी संचालन की तैयारी है.जेडीए की ओर से हाल ही तीसरी बार पुलिस कमिश्नरेट को भेजे गए जवाब में जेडीए ने इसी निरीक्षण रिपोर्ट के तथ्य बताए हैं. आपको बताते हैं कि जेडीए अधिकारियों की निरीक्षण रिपोर्ट में किस तरह अवैध निर्माण के खेल का खुलासा हुआ और क्या जवाब पुलिस कमिश्नरेट की ओर से भेजा गया.

कैसे हुआ अवैध निर्माण का खुलासा?

-ज्वैल्व  ऑफ इंडिया प्रोजेक्ट में व्यावसायिक ब्लॉक के तौर पर होरिजन टावर का निर्माण किया गया है.
-जेडीए के जोन के अधिकारियों ने इसकी पहली मंजिल और दूसरी मंजिल का निरीक्षण किया.
-इस होरिजन टावर की प्रथम मंजिल पर सिनेमा का संचालन किया जाना है.
-प्रथम मंजिल के मौका मुआयना को लेकर जेडीए ने पुलिस कमिश्नरेट को भेजे अपने जवाब में कहा है कि
-प्रथम मंजिल का निर्माण अनुमोदित मानचित्र के अनुसार होना प्रतीत होता है.
-लेकिन व्यावसायिक ब्लॉक में  निर्माण भवन मानचित्र के अनुरूप नहीं होने से अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा सकता है.
-दरअसल करीब दस मंजिला यह होरिजन टावर शुरू की दो मंजिल तक जेएलएन मार्ग की तरफ विस्तारित है.
-इस विस्तारित भाग की दूसरी मंजिल पर आगे निकली हुई बॉलकनीनुमा छत जेडीए के स्वीकृत नक्शों के मुताबिक खुली होनी चाहिए.
-लेकिन जेडीए अधिकारियों के निरीक्षण में सामने आया इस खुले क्षेत्र में अधिकतर हिस्से में लोहे के स्ट्रक्चर खड़े कर निर्माण कर लिया गया है.
-इस हिस्से में पूनो गेमिंग जोन के रेस्टोरेंट/बार और नियो रेस्टोरेंट/बार संचालित किए जा रहे हैं.
-जबकि इसी हिस्से में वन एट रेस्टोरेंट के लिए भी निर्माण किया गया है.
-नियो व वन एट की ओर से तो यहां होटलनुमा कमरों का भी निर्माण किया गया.
-अवैध निर्माणों के मामले में केवल नोटिस देकर जेडीए ने खानापूर्ति कर ली है.