जयपुरः प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम इन दिनों ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है इसी कड़ी में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने आज जयपुर विकास प्राधिकरण में कार्यरत एक सरकारी इंजीनियर यानी अधीक्षण अभियंता अविनाश शर्मा पर अपना शिकंजा कसा. आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज करने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम में अविनाश शर्मा के जयपुर स्थित आवास दफ्तर समेत 13 ठिकानों पर रेड मारी. रेड के दौरान भ्रष्टाचार से अर्जित भारी मात्रा में कैश और करोड़ों रुपए की चल अचल बेनामी संपत्तियां उजागर हुई.
एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने जयपुर विकास प्राधिकरण में कार्यरत अधीक्षण अभियंता अविनाश शर्मा के आवास, दफ्तर समेत 13 ठिकानों पर छापेमारी की. आय से अधिक संपत्ति के तहत दर्ज किए गए मुकदमे में सुबह 7:00 बजे एसीबी की टीम कार्रवाई के लिए घर पर पहुंच गई. घर पर पत्नी और बेटी वॉक पर गए हुए थे. घर पर सिर्फ अविनाश शर्मा मौजूद था. एसीबी की टीम को देखते ही अविनाश शर्मा घबरा गया. टीम ने घर में तुरंत सर्च करना शुरू किया. सर्च में 13 लाख रुपए की नगदी, लाखों के सोने चांदी के आभूषण, 25 कॉलोनियो में 50 से ज्यादा प्लॉट और दुकानों के दस्तावेज एसीबी को मिले. ACB को अविनाश शर्मा के घर से एक करोड 35 लाख रुपए शेयर मार्केट म्युचल फंड में निवेश के भी दस्तावेज मिले. 50 लाख रुपए से ज्यादा अपनी दो बेटियों पर खर्च कर डालें. मणिपाल और पूर्णिमा यूनिवर्सिटी में कॉलेज और एजुकेशन पर यह रुपए अविनाश शर्मा ने खर्च किए थे. लाखों रुपए की लक्जरी गाड़ियां भी अविनाश शर्मा के घर से बरामद हुई. एसीबी को अविनाश शर्मा के यहां से सात बैंकों के दस्तावेज में मिले हैं जिसमें 30 लख रुपए जमा है. दो बैंक लॉकर भी पाए गए हैं.
कई कॉलोनियो में निवेश कियाः
इतना ही नहीं अधीक्षण अभियंता अविनाश शर्मा ने निजी डेवलपर के साथ मिलकर कई कॉलोनियो में निवेश भी किया. जयपुर के नामी नीलकंठ कॉलोनाइजर और किंजल कॉलोनाइजर्स के साथ अविनाश शर्मा पार्टनरशिप में काम कर रहा था. जयपुर शहर में जो भी कालोनी काटी जाती थी उसमें नियमन के दौरान अविनाश शर्मा निजी डेवलपर को नियम विरुद्ध फायदा पहुंचाने के बदले लाखों करोड़ों रुपए के प्लॉट अर्जित करता था. अधीक्षण अभियंता के तौर पर रहते हुए मानसरोवर स्थित 200 फीट बाईपास पर अविनाश शर्मा ने रघुराम नाम से एक होटल ढाबा भी खोल रखा था. यही नहीं अपने रिश्तेदारों के नाम से भी विभिन्न गृह निर्माण समिति के साथ मिलकर अविनाश शर्मा ने 50 से अधिक परिसंपत्तिया अर्जित कर ली. इसके दस्तावेज एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम को अविनाश शर्मा के घर से मिले हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि जयपुर शहर में ऐसी कौन सी कॉलोनी नहीं जहां पर अविनाश शर्मा के प्लॉट दुकान या जमीन ना हो. सर्च में करोड़ों रुपए की बेनामी संपत्ति को देखकर खुद एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों के भी होश उड़ गए.
एसीबी के जाल में फंस गयाः
अविनाश शर्मा ने भ्रष्टाचार करते हुए सर्विस के कार्यकाल में अपनी वैध आय 6 करोड़ 25 लाख रुपए थी. लेकिन अविनाश शर्मा ने वैध आय से 253 प्रतिशत अधिक चल अचल संपत्तियां अर्जित कर ली. एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम के आकलन के मुताबिक अविनाश शर्मा ने करीब 100 करोड रुपए से ज्यादा की चल अचल संपत्तियां अर्जित की. यह पहली बार नहीं हुआ है जब जेडीए के किसी अधिकारी के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो ने अपना शिकंजा कसा हो. पहले भी कई बार ऐसी कारवाइयां हो चुकी है. अविनाश शर्मा भी उन अधिकारियों में से एक है. जिसने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए करोड़ों रुपए की अकूत संपत्ति अर्जित करली. लंबे समय से अविनाश शर्मा बच रहा था. लेकिन 3 महीने से एंटी करप्शन ब्यूरो की अविनाश शर्मा को रडार पर रखकर अपनी नजर रखे हुए थी. और आज अविनाश शर्मा एसीबी के जाल में फंस गया.