VIDEO: सीनियर रेजीडेंसी सीट आंवटन पर यू-टर्न ! चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सीनियर रेजीडेंसी आवंटन को लेकर निकाली SOP, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर : प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजीडेंसी आवंटन को लेकर सामने आए विवाद के बाद आखिरकार चिकित्सा शिक्षा विभाग ने "यू टर्न" ले लिया है. विभाग ने राजकीय और राजमेश के जुड़े कॉलेजों में पीजी और सुपर स्पेशिलिटी कोर्स करने वाले अभ्यर्थियों के लिए पूर्व में जारी सभी आदेशों को समाप्त करते हुए नई एसओपी बनाई है. इसमें विवाद को खत्म करने के लिए "सीनियर रेजीडेंसी" की सीटों के आवंटन में नीट पीजी के स्कोर को ही पहले की तरफ मुख्य आधार माना गया है. आखिर क्या है नई एसओपी और चिकित्सकों की प्रतिक्रिया.

मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजीडेंसी आवंटन को लेकर सामने आया विवाद चिकित्सा शिक्षा विभाग के नए आदेश के बाद समाप्त हो गया है. सीनियर रेजीडेंसी आवंटन को लेकर निकाली गई नई SOP में फिलहाल, नीट पीजी के आधार पर मेरिट बनाकर सीट आवंटन का फार्मूला रखा गया है. इसमें "SR" की सीटों को 2021 एमडी/एमएस/डीएम/एमसीएच बैच के इन सर्विस और नॉन-सर्विस उम्मीदवारों के विभागवार अनुपात के आधार पर वर्गीकृत करने के निर्देश दिए गए है. साथ ही स्पष्ट किया है कि इन-सर्विस उम्मीदवारों की मेरिट वो मानी जाएगी, जिस स्कोर पर उन्हें पीजी में प्रवेश मिला था. यानी नीट पी.जी.परीक्षा में प्राप्त अंको में बोनस अंक जोड़ने के बाद के स्कोर पर प्रवेश दिया जाएगा. जबकि नॉन-सर्विस उम्मीदवारों के लिए, NEET-PG की मेरिट को ही आधार रखा गया है.

नई एसओपी में रेजीडेंट्स की गई मांगे पूरी
- राजकीय एवं राजमेस के चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर एवं सुपर स्पेशियलिटी कोर्स में प्रवेश लेने वाले छात्र/छात्राओं से 2 वर्ष की राजकीय सेवा देने के लिए 25 लाख रुपए का बॉण्ड यथावत रहेगा
- स्नातकोत्तर एवं सुपर स्पेशियलिटी कोर्स के प्रवेश बैच 2019-20, 2020-21 एवं 2021-22 के लिए एकबारीय शिथिलता प्रदान करते हुए बॉण्ड राशि को 10 लाख रुपए की गई थी, जो यथावत रहेगी
- रेजीडेंट्स को "एसआर" आवंटन के लिए नहीं करना होगा इंतजार, हर साल कोर्स पूरा होने के दो माह पूर्व आवंटन बोर्ड लेगा स्टूडेंट्स की सूचना, मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजीडेन्ट के रिक्त पदों पर पोस्टिंग के लिए जाएंगे विकल्प पत्र
- सीनियर रेजिडेंसी (SR) के लिए सीटों का आवंटन केवल अभ्यर्थियों की संबंधित विशेषज्ञता क्षेत्र (Area of Specialcation) में ही किया जाएगा.
- सुपर स्पेशियलिटी के इन-सर्विस एवं नॉन-सर्विस अभ्यर्थियों की कॉमन काउंसलिंग नीट सुपरस्पेशियलिटी परीक्षा में प्राप्त NEET SS रैंक के आधार पर जारी होगी.
- यदि स्नातकोत्तर कोर्स करने वाले किसी छात्र/छात्रा का आगामी वर्ष के लिए सुपर स्पेशियलिटी कोर्स में चयन हो जाता है तो ऐसी स्थिति में उसे सुपर स्पेशियलिटी कोर्स पूरा करने के बाद 2 वर्ष की राजकीय सेवा करनी अनिवार्य होगी
- यदि कोई छात्र किसी Institute of National Importance (AIIMS, PGI JIPMER) में Fellowship के लिए चयनित होता है तो उसे भी Fellowships उपरान्त 2 वर्ष की राज्य में राजकीय सेवा देने की शर्त पर ही अनुमति दी जावेगी.
- राजस्थान राज्य के राजकीय एवं राजमेस के चिकित्सा महाविद्यालयों में सीनियर रेजीडेन्ट के वेतनमान को भी 31 मई 2021 के आदेशों की पालना में बढ़ाया जाएगा.