दिव्यांग खिलाड़ी सहीराम बने युवाओं की प्रेरणा, जीता ‘ Youth Icon of The Month ’ का खिताब

जयपुर : शनिवार को फर्स्ट इंडिया न्यूज़ द्वारा आयोजित 'यूथ आइकॉन ऑफ द मंथ' प्रतियोगिता के फरवरी माह के विजेता की घोषणा की गई. बीकानेर के सहीराम बारूपाल को फरवरी माह का विजेता घोषित किया गया. सहीराम ने अपनी दिव्यांगता को पीछे छोड़ खुद को एक मिसाल के रूप में स्थापित किया है. यूथ आइकॉन ऑफ द मंथ, फ़रवरी माह में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने आवेदन किया था, जिनमें से पांच प्रतिभागियों को निर्णायक मंडल ने शॉर्टलिस्ट किया. इनमें भीलवाड़ा के युधिष्ठिर मीना, अजमेर की गौरी माहेश्वरी, जयपुर के सौरभ सक्सेना, सांगानेर की इतिक्षा शर्मा और बीकानेर के सहीराम शामिल थे. निर्णायक मंडल ने उनके कार्यों की गहन समीक्षा के बाद सहीराम को यूथ आइकॉन घोषित किया.

सहीराम: संघर्ष और सफलता का दूसरा नाम
बीकानेर निवासी सहीराम 90% दिव्यांग हैं और उनके दोनों पैर नहीं हैं. फिर भी उन्होंने कभी अपनी कमजोरी को अपने हौसले पर हावी नहीं होने दिया. सहीराम चार बार राष्ट्रीय पैरा ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं. इसके अलावा उनके नाम राज्य और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुल 18 से अधिक मेडल दर्ज हैं. वर्तमान में वे अंतरराष्ट्रीय खेलों की तैयारी कर रहे हैं. सहीराम की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे राजस्थान को गौरवान्वित किया है.

फर्स्ट इंडिया की अनूठी पहल
फर्स्ट इंडिया न्यूज़ हर महीने 18 से 35 वर्ष के राजस्थान के युवाओं को उनके अद्वितीय कामों के लिए सम्मानित करता है. विजेता को एक इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी और एक विशेष स्टूडियो इंटरव्यू का मौका दिया जाता है. साथ ही, उनके कार्यों को बढ़ावा देने के लिए प्रचार-प्रसार किया जाता है. इस पहल का उद्देश्य युवाओं में अपने क्षेत्र और समाज के लिए कुछ करने की प्रेरणा को बढ़ावा देना है.

पवन अरोड़ा का विजन:
फर्स्ट इंडिया के सीईओ एवं मैनेजिंग एडिटर पवन अरोड़ा की एक सोच और विजन का परिणाम है. उनके नेतृत्व में फर्स्ट इंडिया न्यूज़ इस वर्ष को युवा उत्सव के रूप में मना रहा है. इसी क्रम में, पवन अरोड़ा के मार्गदर्शन में यह विशेष कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है.फर्स्ट इंडिया के सीईओ पवन अरोड़ा ने कहा, “हमारा उद्देश्य युवाओं को प्रोत्साहित करना है. अगर हम सही प्रयास करें तो हमारे युवा राज्य और देश का गौरव बढ़ा सकते हैं. यह वर्ष उनकी उपलब्धियों और संघर्ष को समर्पित है.