12 फरवरी को शनि की राशि कुंभ में प्रवेश करेंगे सूर्य देव, जानिए क्या पड़ेगा सभी राशियों पर असर?

12 फरवरी को शनि की राशि कुंभ में प्रवेश करेंगे सूर्य देव, जानिए क्या पड़ेगा सभी राशियों पर असर?

जयपुर: सूर्य देव ऊर्जा के स्तोत्र है. सूरज को नियमित अर्घ्य देने से सेहत और सुख की प्राप्ति होती है. ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को ग्रहों का राजा माना गया है. सूर्य देव का किसी राशि में गोचर करना काफी अहम माना गया है. सूर्य का प्रभाव राशि में मौजूद अन्य ग्रह की शक्तियों को कम कर देता है. अब सूर्य देव राशि परिवर्तन करने वाले हैं. पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि 12 फरवरी को रात 10:03 मिनट पर अपने पुत्र शनि की राशि कुंभ में प्रवेश करेंगे. ज्योतिष में सूर्य और शनि को एक-दूसरे का शत्रु माना जाता है. जब भी ऐसे योग बनते हैं तब देश-दुनिया में अनचाहे बदलाव और दुर्घटनाएं होती हैं. तनाव, अशांति और डर का माहौल भी बनता है. जिससे ज्यादातर लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. कई लोग मानसिक और शारीरिक तौर से तो परेशान रहेंगे ही साथ ही सेहत संबंधी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ सकता है. शनि-सूर्य का अशुभ योग बनने से राजनीतिक नजरिये से समय अनुकूल नहीं रहेगा. बड़े बदलाव और विवाद होने की आशंका है.

सूर्य का गोचर: 
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि सूर्य एक राशि में लगभग 30 दिनों तक रहता है. फिर सूर्य दूसरी राशि में गोचर करता है. 30 दिनों के बाद 12 राशियां बदलने का मतलब है कि सूर्य का पारगमन एक कैलेंडर वर्ष में 12 बार होता है. सूर्य के गोचर का प्रभाव आपकी चंद्र राशि पर निर्भर करता है. मूल रूप से जन्म के चंद्रमा से तीसरे, छठे, दसवें और ग्यारहवें भाव में स्थित सूर्य जातक को अच्छे परिणाम देता है. लेकिन अन्य भावों में सूर्य जातक को प्रतिकूल परिणाम दे सकता है. सूर्य अधिकार, शक्ति, पिता और सम्मान का ग्रह होने के कारण करियर और वैवाहिक जीवन पर एक अलग प्रभाव डालता है जहां जातक को करीबी लोगों के साथ बातचीत करनी होती है. सूर्य का सकारात्मक गोचर सभी रिश्तों और कार्यस्थलों में दूसरों पर बढ़त हासिल करने में असाधारण परिणाम दे सकता है. उसी प्रकार सूर्य का प्रतिकूल गोचर जातक को कमजोर और दूसरों के दबाव के आगे झुक सकता है.

खाद्य वस्तुओं और वस्त्रों का करें दान:
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि कुंभ संक्रांति के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए. जल्दी उठकर सूर्य देव की पूजा करते हुए उन्हें अर्घ्य देनी चाहिए. कुंभ संक्रांति के दिन आदित्य ह्रदय स्रोत का पाठ करना चाहिए. यह पाठ करने से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता की प्राप्ति होगी और सुख बना रहेगा.  कुंभ संक्रांति के शुभ दिन सूर्य कवच, सूर्य चालीसा, सूर्य आरती, सूर्य स्तोत्र, आदित्य ह्दय स्तोत्र, सूर्य मंत्र, सूर्य नामावली वादि का विधि विधान से जाप करना चाहिए. कुंभ संक्रांति के दिन दान करने से बहुत शुभ फल प्राप्त होता है. खाद्य वस्तुओं, वस्त्रों और गरीबों को दान अत्यंत ही फलदायी माना जाता है. इस दिन घी का दान सर्वश्रेष्ठ माना गया है. इसके अलावा संतरा फल गरीब बच्चों में बांटने चाहिए. स्वर्ण, स्टील, पीतल, तांबे, कांसे या चांदी के छोटे कलश मंदिर में दान करना चाहिए. कुंभ संक्रांति के दिन गंगा स्नान का बहुत महत्व होता है. गंगा नदी में पवित्र स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस दिन सुख-समृद्धि पाने के लिए मां गंगा का ध्यान करें. अगर आप कुंभ संक्रांति के अवसर पर गंगा नदी में स्नान नहीं कर सकते हैं तो आप यमुना, गोदावरी या अन्य किसी भी पवित्र नदी में स्नान कर पुण्य की प्राप्ति कर सकते हैं. अगर नदी स्नान संभव नहीं तो नदियों के मंत्र के साथ घर में ही स्नान पुण्य अर्जित किया जा सकता है.

देश-दुनिया पर असर
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि ज्योतिष में सूर्य और शनि को एक-दूसरे का शत्रु माना जाता है. जब भी ऐसे योग बनते हैं तब देश-दुनिया में अनचाहे बदलाव और दुर्घटनाएं होती हैं. तनाव, अशांति और डर का माहौल भी बनता है. ज्यादातर लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. कई लोग मानसिक और शारीरिक तौर से तो परेशान रहेंगे ही साथ ही सेहत संबंधी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ सकता है. शनि-सूर्य का अशुभ योग बनने से राजनीतिक नजरिये से समय अनुकूल नहीं रहेगा. बड़े बदलाव और विवाद होने की आशंका है. अंतरराष्ट्रीय व्यापार में वृद्धि के साथ शेयर बाजार फिर से बढ़ने की भी संभावना रहेगी. इससे अर्थव्यवस्था मजबूत होने के योग बनेंगे. राजनीतिक उथल-पुथल एवं प्राकृतिक आपदाओं की आशंका बढ़ेगी. लोगों को विशेष लाभ मिलेगा. शिक्षा प्रणाली में सुधार के भी योग बनेंगे. धरना जुलूस प्रदर्शन आंदोलन गिरफ्तारियां होगी. रेल दुर्घटना होने की संभावना. बडेी नेताओं का दुखद समाचार मिलने की संभावना.

उपाय
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि भगवान श्री विष्णु की उपासना करें. बंदर, पहाड़ी गाय या कपिला गाय को भोजन कराएं. रोज उगते सूर्य को अर्घ्य देना शुरू करें. रविवार के दिन उपवास रखे. रोज गुढ़ या मिश्री खाकर पानी पीकर ही घर से निकलें. जन्मदाता पिता का सम्मान करें, प्रतिदिन उनके चरण छुकर आशीर्वाद लें . भगवान सूर्य की स्तुति आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें . पीपल के पेड़ मे जल चढ़ाएं और घी का दीपक लगाकर उसकी परिक्रमा करें. हनुमानजी और शनि देव के मंदिर में तेल का दीपक लगाएं. शनि देव को तिल या सरसों का तेल चढ़ाएं. जरुरतमंद लोगों को भोजन और गर्म कपड़ों का दान करें.

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास से जानते हैं सूर्य के कुंभ राशि में जाने पर सभी राशियों पर क्या होगा प्रभाव.
मेष राशि

इस दौरान आप अपने अंदर छुपे हुए गुणों को दूसरों के सामने भी लेकर आएंगे. पेशेवर रूप से आपको अपने व्यवसाय और नौकरी के प्रति ईमानदार प्रयासों के लिए पदोन्नति मिलने की भी संभावना है.

वृषभ राशि
इस समय अवधि के दौरान आपको जीवन के कई क्षेत्रों में सुधार करने और चमकने का मौका हासिल होगा. इस दौरान आपको अपने कार्य क्षेत्र में पूर्ण अधिकार हासिल होगा. 

मिथुन राशि
इस अवधि में आपके व्यवसाय में आप अच्छा प्रदर्शन और उससे अच्छा मुनाफा कमाने में कामयाब रहेंगे. नई परियोजनाओं को सफलतापूर्वक संभालने में सक्षम रहेंगे.

कर्क राशि
कुछ वित्तीय परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. साथ ही प्रबल आशंका है कि इस दौरान आपसे आपका कोई कीमती सामान खो जाए. किसी भी तरह की अनावश्यक चीजों से बचें.
 
सिंह राशि
आपको अपने व्यवसाय और करियर में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़े. आपका व्यवसाय उतना लाभदायक ना साबित हो जितनी आप उम्मीद कर रहे हों.

कन्या राशि
इस दौरान शत्रु आप से लड़ने का विचार भी नहीं करेंगे. जो जातक सरकारी नौकरी के क्षेत्र से जुड़े हैं उन्हें इस अवधि में लाभ मिलेगा.

तुला राशि
आपने कोई निवेश किया है तो उससे आपको शुभ परिणाम प्राप्त होगा. करियर की दृष्टि से आपके करियर में इस दौरान अच्छे अवसर प्राप्त होंगे.

वृश्चिक राशि
कुछ घरेलू समस्याएं होने की आशंका है. इस दौरान आपको भावनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़े.

धनु राशि
भाग्य किस्मत और आध्यात्मिकता के नवम भाव पर सूर्य की दृष्टि आपके भाग्य को मजबूत बनाएगी आपके करियर में वृद्धि करेगी.
 
मकर राशि
आर्थिक पक्ष बहुत ज्यादा अनुकूल नहीं रहने वाला है. आपका वाद विवाद या गलतफहमी होने की प्रबल आशंका है.

कुंभ राशि 
सू्र्य के इस गोचर के बाद कुंभ राशि के जातकों को सावधान रहने की सलाह दी गई है. आप कोई भी बड़ा और गलत निर्णय ले सकते हैं. आने वाले समय में आपको परेशान कर सकता है.

मीन राशि
आर्थिक रूप से समय अनुकूल रहेगा. आपको कुछ अनियोजित खर्चों का सामना करना पड़ सकता है.