Delhi Election Results 2025: 27 साल बाद दिल्ली में BJP सरकार, केजरीवाल को हराकर अमित शाह से मिलने पहुंचे प्रवेश वर्मा

Delhi Election Results 2025: 27 साल बाद दिल्ली में BJP सरकार, केजरीवाल को हराकर अमित शाह से मिलने पहुंचे प्रवेश वर्मा

नई दिल्ली : प्रवेश वर्मा गृह मंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे हैं. केजरीवाल को हराकर अमित शाह से मिलने प्रवेश वर्मा पहुंचे हैं. दिल्ली चुनावों आप पार्टी संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपनी सीट नहीं बचा सके. उन्हें नई दिल्ली सीट पर बीजेपी के प्रवेश वर्मा ने तीन हजार से अधिक वोटों के अंतर से हरा दिया. केजरीवाल को हार की खबर आने के फौरन बाद वर्मा सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने पहुंच गए है.

बता दें कि विश्वासनगर से भाजपा के ओमप्रकाश शर्मा जीत गए है.  शालीमार बाग से भाजपा की रेखा गुप्ता जीती. कस्तूरबा नगर से भाजपा के नीरज बसोया जीत गए. त्रिनगर से भाजपा के तिलक राम गुप्ता जीत गए है. कोंडली से AAP के कुलदीप कुमार जीत गए.

बल्लीमारान से AAP के इमरान हुसैन जीत गए. जंगपुरा से भाजपा के तरविंदर सिंह मारवाह जीते गए. जंगपुरा से मनीष सिसोदिया को मात दी. ​दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों के लिए चुनाव हुए थे. जिनके परिणाम आने शुरू हो गए है. आपको बता दें कि  दिल्ली में AAP को बड़ा झटका लगा है. आपको बता दें कि सुबह 8 बजे से काउंटिंग जारी है. मतगणना के लिए कुल 70 स्ट्रांग रूम बनाए गए. हर एक विधानसभा क्षेत्र के लिए 19 जगहों पर स्ट्रांग रूम बनाए गए है. काउंटिंग मॉनिटर करने के लिए 5 हजार लोगों की टीम तैनात की गई है. 

इस बार कम हुई वोटिंगः
पिछले 3 चुनावों के मुकाबले इस बार कम वोटिंग हुई. दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार 60.54% लोगों ने वोट डाले. साल 2013 में 65.63% वोटिंग हुई थी. 2015 में 67.12% और 2020 में 62.59% वोटिंग हुई थी. AAP ने 2013 में कांग्रेस के समर्थन से पहली बार सरकार बनाई थी. हालांकि गठबंधन नहीं चला और उसके बाद 2015 और 2020 में हुए चुनाव में AAP ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई.  

70 सीटों पर हुआ 60.54% मतदानः
5 फरवरी को 70 सीटों पर 60.54% मतदान हुआ था. वोटिंग के बाद 14 एग्जिट पोल में से 12 में भाजपा सरकार बन रही थी जबकि 2 एग्जिट पोल में केजरीवाल की सरकार बनने का अनुमान जताया गया. भाजपा की सरकार बनी तो दिल्ली में 27 साल बाद सत्ता में वापसी होगी. इससे पहले 1993 में भाजपा ने 49 सीटें जीतीं और 5 साल में 3 CM बनाए थे.