चुनावी रणनीति के लिए कांग्रेस का एक्शन प्लान, जल्द होगा नए इलेक्शन मैनेजमेंट डिपार्टमेंट का गठन, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः लगातार तीन लोकसभा चुनाव और कईं राज्यों में चुनाव हारने के बाद कांग्रेस अब अपनी इलेक्शन स्ट्रेटजी में बदलाव करेगी. इस एक्शन प्लान के तहत पार्टी ने अब इलेक्शन मैनेजमेंट नाम से एक नए डिपार्टमेंट गठन करने का फैसला लिया है. गुजरात अधिवेशन के बाद नए विभाग का गठन हो सकता है. यह विभाग चुनावी रणनीति,उम्मीदवार चयन,मुद्दों का सिलेक्शन औऱ सर्वे करने सहित कईं कामों को अंजाम देगा.

कांग्रेस हाईकमान इन दिनों पार्टी की पुरानी बादशाहत वापस पाने की जद्दोजहद में जुटा हुआ है. लिहाजा इसके तहत एक तरफ जहां संगठन में ऊपर से लेकर नीचे तक बदलाव किए जा रहे हैं. वहीं अब कांग्रेस ने चुनाव लड़ने के अपने पुराने तौर तरीकों को भी टाटा बाय-बाय बोलने का फैसला लिया है. अब पार्टी ने खास चुनाव लड़ने की रणनीति के लिहाज से एक नए विभाग का गठन करने का फैसला किया है.

-चुनावी रणनीति के लिए कांग्रेस का एक्शन प्लान-
कांग्रेस में बनेगा अब एक और नया विभाग
अब होगा इलेक्शन मैनेजमेंट डिपार्टमेंट का  गठन
कांग्रेस चुनाव लड़ने के अपने पुराने तरीकों को कहेगी अलविदा
यह विभाग सिर्फ चुनाव से जुड़ी रणनीतियों को देगा खास तौर से अंजाम
करीब दो दर्जन  दिग्गज औऱ अनुभवी नेताओं को मिल सकती है विभाग में जगह
 विभाग लोकसभा औऱ विधानसभा चुनाव की रणनीति का खाका करेगा तैयार
विभिन्न राज्यों के लिए बनाएगा यह अलग-अलग रणनीति
उम्मीदवार चयन,गठबंधन,सर्वे,वोटर लिस्ट औऱ चुनावी मुद्दों पर रहेगी पैनी नजर

दरअसल लगातार तीन लोकसभा चुनाव में हार की हैट्रिक लगने औऱ महज तीन राज्यों में सरकार होने के चलते आज कांग्रेस की साख काफी गिर चुकी है. नेताओं औऱ कार्यकर्ताओं का मनोबल रसातल में जा चुका है. पिछले दिनों खुद खड़गे ने अपनी चुनावी रणनीति को कमजोर औऱ पुराने ढर्रे की मानते हुए इसमें बदलाव  के साफ संकेत दिए थे. वहीं एक बैठक में प्रियंका गांधी ने भी स्पेशल चुनावी रणनीति के लिए ही नए डिपार्टमेंट गठन की राय दी थी. बताया जा रहा है कि अंदरखाने नए डिपार्टमेंट गठन का मसौदा कांग्रेस हाईकमान ने पूरी तरह से तैयार भी कर लिया है. गुजरात अधिवेशन के बाद आधिकारिक रूप से इस विभाग के गठन के आदेश सामने आ सकते हैं. 

इस बात में कोई शक सुबह नहीं है कि कांग्रेस आज जिस दौर से गुजर रही है,उसके लिए उसकी रणनीतियां भी काफी जिम्मेदार है. मसलन नामांकन से ठीक पहले एनवक्त पर प्रत्याशियों की घोषणा की जाती है. वहीं टिकट वितरण में फिर सिफारिश को भी खूब तवज्जो दी जाती है. अब देखना होगा कि नया डिपार्टमेंट इन कमियों पर कैसे काबू पाता है और चुनाव लड़ने के क्या नए तरीके ईजाद करता है.