सफाई कर्मियों की भर्ती नियमों में बदलाव की सरकार कर रही बड़ी तैयारी, हर दो महीने में काम का होगा आकलन

जयपुरः सफाई कर्मियों की भर्ती को लेकर एक बार फिर राज्य सरकार भर्ती नियमों बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है. इस बदलाव का क्या होगा असर और कब तक सरकार दुबारा भर्ती शुरू करेगी. प्रदेश की पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में दो बार सफाई कर्मियों की भर्ती शुरू की गई थी. लेकिन विभिन्न कारणों के चलते दोनों बार भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर दी गई. भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही इस दिशा में काम शुरू किया. संबंधित सफाई श्रमिक यूनियन की मांगों के आधार पर सफाई कर्मियों की भर्ती के नियमों में बदलाव किया गया. नए नियमों के अनुसार भर्ती के लिए स्वायत्त शासन विभाग ने पिछले वर्ष 27 सितंबर को विज्ञप्ति जारी की. लेकिन इस भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया. आपको सबसे पहले बताते हैं कि भर्ती प्रक्रिया को क्यों निरस्त किया गया.

-स्वायत्त शासन विभाग की ओर से पिछले वर्ष 27 सितंबर को विज्ञप्ति जारी की गई
-इस विज्ञप्ति के माध्यम से सफाई कर्मियों के 23 हजार 820 पदों पर भर्ती के आवेदन मांगे गए
-इस भर्ती में आवेदन के लिए एक वर्ष के सफाई कार्य का अनुभव आवश्यक किया गया
-अनुभव प्रमाण पत्र की अनिवार्यता के चलते फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने के कई मामले सामने आए
-फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने के बदले रूपए लेते हुए कुछ लोग रंगे हाथों पकड़े भी गए
-इसके चलते पिछले वर्ष ही 4 दिसंबर को भर्ती की जारी विज्ञप्ति को प्रत्याहारित कर लिया गया
-भर्ती निरस्त करने के संबंध में पूछे एक सवाल पर सरकार ने विधानसभा में जवाब दिया है
-इस जवाब में कहा गया है कि स्थानीय निवासियों के आवेदन नहीं आने और
-पर्याप्त संख्या में अनुभव प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जाने के चलते भर्ती प्रक्रिया को निरस्त किया गया
-यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा का भी कहना है कि अनुभव प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़े के चलते भर्ती निरस्त की गई

पिछले वर्ष सफाई कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया के दौरान फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के मामले सामने आने के बाद अब सरकार नए सिरे से भर्ती नियमों में बदलाव करने जा रही है. विधानसभा सत्र के बाद नियमों में बदलाव की प्रक्रिया को मूर्त रूप दिया जाएगा और इसी वर्ष दुबारा से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की सरकार की मंशा है. आपको बताते हैं कि भर्ती नियमों में क्या बड़ा बदलाव करने की तैयारी है. 

-राज्य सरकार भर्ती नियमों में बदलाव कर अनुभव प्रमाण पत्र की बाध्यता खत्म करने की तैयारी कर रही है
-बिना अनुभव प्रमाण पत्र के ही सफाई कर्मी के पद पर भर्ती के लिए आवेदन किया जा सकेगा
-फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने के मामले सामने आने के बाद यह बदलाव किए जाने की तैयारी है
-यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा का कहना है कि इसके लिए सफाई श्रमिक यूनियन भी सहमत है
-लेकिन सफाई कर्मी के पद पर अनुभवी अभ्यर्थी ही रहें
-इसके लिए सरकार नियमों में नया प्रावधान डालने की तैयारी कर रही है
-इसके मुताबिक नियुक्त के बाद दो साल के परिवीक्षा काल में आकलन किया जाएगा
-परिवीक्षा काल में हर दो महीने में नव नियुक्त सफाई कर्मियों के कार्य का आकलन किया जाएगा
-जिन सफाई कर्मियों का कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुसार नहीं होगा
-उन सफाई कर्मियों को नियुक्ति से बेदखल करते हुए घर भेज दिया जाएगा
-और उनके स्थान पर वेटिंग लिस्ट के अभ्यर्थियों को इन पदों पर मौका दिया जाएगा
-हर सफाई कर्मी के परिवीक्षा काल में हर दो महीने में उसके कार्य का आकलन होगा.