देशभर में होली पर्व की धूम, विभिन्न शहरों में मनाई जा रही धुलंडी, जयपुर के आराध्य देव मंदिर में फूलों की होली

देशभर में होली पर्व की धूम, विभिन्न शहरों में मनाई जा रही धुलंडी, जयपुर के आराध्य देव मंदिर में फूलों की होली

जयपुर: देशभर में होली का त्यौहार धूमधाम से मनाया जा रहा है. छोटी काशी जयपुर में भी श्रद्धालु ठाकुर जी के दरबार में पहुँचकर अपनी आस्था व्यक्त कर रहे हैं. गोविंद देव जी मंदिर में इस बार विशेष रूप से फूलों की होली खेली जा रही है. श्रद्धालु गोविंद देव जी से होली की शुरुआत कर रहे हैं, जिससे इस बार की होली और भी खास हो गई है.

जोधपुर: सूर्यनगरी जोधपुर में होली का त्यौहार उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है. लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर शुभकामनाएं दे रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी बधाइयां दी जा रही हैं. जोधपुर के राव जी की गैर में माली समाज द्वारा निकाली जाती है पारंपरिक गैर, जिसमें भव्य उत्साह देखने को मिल रहा है. इसके अलावा, रामा-श्यामा का दौर भी शुरू होने वाला है, और लोग एक-दूसरे के घर जाकर शुभकामनाएं देने का सिलसिला जारी रखेंगे.

झुंझुनूं: झुंझुनूं में भी धुलंडी का उत्सव धूमधाम से मनाया गया. नगर नरेश बालाजी मंदिर परिसर में फूलों की होली खेली गई और एक भव्य जुलूस भी निकाला गया. यह जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. शहरवासियों ने इस पर्व को पारंपरिक और सांस्कृतिक धरोहर को संजोते हुए मनाया और सभी को प्रेम, सौहार्द्र व भाईचारे का संदेश दिया.

चौमूं: चौमूं में होली के त्यौहार पर वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वाह करते हुए बींद-भाडू की बारात निकाली जाती है. इस बारात में दूल्हा घोड़ी पर सवार होकर ससुराल पहुंचता है और तोरण मारने की परंपरा निभाई जाती है. बैंडबाजे और डीजे की धुन पर बाराती नाचते-गाते हुए प्रमुख मार्गों से गुजरते हैं. खास बात यह है कि इस बारात में अविवाहित व्यक्ति को दूल्हा बनाया जाता है, और इसके बाद अगले एक साल में उसकी शादी का संयोग बनता है.

प्रतापगढ़: प्रतापगढ़ में इस साल होली का त्यौहार नहीं मनाया जा रहा है. यहां की विशेष मान्यता के अनुसार, परिवार में शोक होने पर लोग इस दिन रंग नहीं लगाते हैं. रियासत काल में होली के दिन राज परिवार में किसी की मृत्यु हो गई थी, और तब से यह परंपरा चली आ रही है कि इस दिन रंग और गुलाल नहीं लगाते. हालांकि, जिले में 'रंग तेरस' का पर्व मनाया जाता है, और इस दिन कलेक्टर द्वारा सार्वजनिक अवकाश भी घोषित किया जाता है. इस प्रकार, देशभर में होली के विभिन्न रंग और रूप देखने को मिल रहे हैं, जो इस रंग-बिरंगे पर्व को और भी खास बना रहे हैं.