आमजन को राहत देने की दिशा में JDA का बड़ा कदम, भूखंड के नाम हस्तांतरण के लिए आवेदक का आना जरूरी नहीं

जयपुरः आमजन को राहत देने की दिशा जेडीए ने एक और बड़ा कदम उठाया है. अब भूखंड के नाम हस्तांतरण के लिए आवेदक को जेडीए कार्यालयों के चक्कर काटने नहीं होंगे. जेडीए कार्यालय में बिना जाए आवेदक को घर बैठे नाम हस्तांतरण पत्र उपलब्ध हो जाएगा. 

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का मेंडेड है कि भ्रष्टाचार रहित और पारदर्शी तरीके से आमजन को अधिकतम राहत दी जाए. इसी के तहत जेडीए की ओर से पिछले वर्ष पांच प्रमुख सेवाओं पट्टा जारी करने,नाम हस्तांतरण,लीज मुक्ति प्रमाण पत्र, उप विभाजन/पुनर्गठन और लीज होल्ड से फ्री होल्ड पट्टा देने सहित सभी सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था लागू की है. इनमें से लीज मुक्ति प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन के साथ लीज मुक्ति प्रमाण पत्र भी जेडीए की वेबसाइट पर अपलोड हो जाता है. जिसे आवेदक डाउनलोड कर सकता है. यही व्यवस्था नाम हस्तांतरण की सेवा में लागू है. आपको बताते हैं कि अब जेडीए ने आमजन की राहत के लिए क्या नई व्यवस्था शुरू की है.

-भूखंड के नाम हस्तांतरण के लिए आवेदक को जेडीए की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है
-आवेदन के बाद आवेदक के मोबाइल नंबर पर जेडीए की ओर से एक मैसेज आता है
-इस मैसेज में जेडीए के नागरिक सेवा केन्द्र में आने की तिथि के बारे में सूचना होती है
-नागरिक सेवा केन्द्र आकर आवेदक नाम हस्तांतरण के लिए जरूरी सभी दस्तावेजों को वहां बैठे कांउलर से सत्यापित कराते हैं
-इस सत्यापन के बाद ही नाम हस्तांतरण का आवेदन संबंधित जोन में अग्रिम कार्यवाही के लिए जाता है
-कार्यवाही पूरी होने के बाद ई हस्ताक्षरित नाम हस्तांतरण पत्र जेडीए की वेबसाइट से डाउनलोड करना होता है
-जेडीए की ओर से लागू की गई नई व्यवस्था के तहत अब आवेदक को बिल्कुल भी जेडीए नहीं आना पड़ेगा
-दस्तावेजों के सत्यापन के लिए भी आवेदक को जेडीए के नागरिक सेवा केन्द्र में नहीं आना पड़ेगा
-ऑनलाइन आवेदन के साथ ही जरूरी दस्तावेज भी आवेदक को लगाने होंगे
-इनमें भूखंड का मूल रजिस्टर्ड विक्रय पत्र या वसीयत आदि दस्तावेज स्कैन करके लगाने होंगे
-साथ ही आवेदक को ऑनलाइन एक सेल्फ डिक्लेरेशन भी देना होगा कि उनके द्वारा दी गई सूचना पूरी तरह सही है
-नाम हस्तांरण के लिए ई मित्र के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकेगा
-आवेदन पर कार्यवाही पूरी होने के बाद नाम हस्तांतरण पत्र पहले की तरह जेडीए की वेबसाइट पर तो उपलब्ध होगा ही
-साथ ही अब नई व्यवस्था के तहत यह ई हस्ताक्षरित नाम हस्तांतरण पत्र आवेदक के दिए गए मोबाइल नंबर के व्हाट्सएप पर भी भेजा जाएगा

नाम हस्तांतरण के साथ ही लीज मुक्ति प्रमाण पत्र को लेकर भी जेडीए की ओर से नवाचार शुरू किया गया. इसके साथ ही कुछ अन्य सेवाएं भी ऑनलाइन शुरू की गई हैं. आपको इस बारे में देते हैं जानकारी- 

-कार्यवाही के बाद लीज मुक्ति प्रमाण पत्र जेडीए की वेबसाइट पर आवेदक के लिए उपलब्ध रहता है
-जेडीए की ओर से लागू की गई नई व्यवस्था के तहत अब आवेदक के व्हाटसएप पर भी जेडीए की ओर से यह प्रमाण पत्र भेजा जाएगा
-इसके अलावा जेडीए ने साइट प्लान में सुधार,नाम में सुधार,क्षेत्रफल में सुधार और पते में सुधार संबंधी सेवाएं भी ऑनलाइन कर दी हैं
-ऑनलाइन आवेदन के साथ कार्यवाही के बाद संशोधित नाम,साइट प्लान,पता या क्षेत्रफल संबंधी दस्तावेज जेडीए वेबसाइट पर उपलब्ध होगा
-जेडीए की कवायद है कि आमजन से जुड़ी अन्य सेवाओं को भी पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया जाए
-इन सेवाओं में नाम हस्तांतरण सेवा की तर्ज पर दस्तावेज सत्यापन के लिए जेडीए आने की जरूरत नहीं हो
-इसके लिए जेडीए आयुक्त आनंदी के निर्देश पर जेडीए की आईटी शाखा काम कर रही है
-जेडीए का लक्ष्य है कि आमजन से जुड़ी शेष सेवाएं,पट्टा जारी करने, उप विभाजन/पुनर्गठन और
-लीज होल्ड से फ्री होल्ड पट्टा जारी करने की सेवा को 31 मार्च तक पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया जाए