VIDEO: विधानसभा में उठा भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों की अभियोजन स्वीकृति का मुद्दा, कालीचरण सराफ बोले- सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस रखे

जयपुर: भाजपा के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री कालीचरण सराफ ने आज विधानसभा में एसीबी से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में नियुक्त अधिकारियों की अभियोजन स्वीकृति नहीं दी जा रही है और अधिकारी आपस में मिले हुए हैं. सराफ बोले- मेरा तो सवाल ही बदल दिया पूछा क्या बताया क्या है, मोदीजी कहते है न खाऊंगा न खाने दूंगा. ऐसे में सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस रखे. 

भाजपा विधायक कालीचरण सराफ ने एसीबी के मामलों में केस चलाने की मंजूरी देने से जुड़े सवाल के जवाब पर तंज कसा. सराफ ने कहा कि मैने पूछा क्या था और जवाब क्या दिया है. सवाल ही बदल दिया. इस पर मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि हमने सवाल का पिन पॉइंट जवाब दिया है 1 जनवरी 2021 से 2022 तक एसीबी में 1592 केस दर्ज हुए,उनमें से 1189 में केस चलाने की मंजूरी दे दी, 403 पेंडिंग है. 

सराफ ने पूरक सवाल में कहा कि सतर्कता आयुक्त ने तीन महीने में ACB के मामलों में केस चलाने की मंजूरी देने का प्रावधान है, फिर भी भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी नहीं दी जा रही. अफसर आपस में मिल जाते हैं. सतर्कता आयुक्त ने दिए हैं तो दो-दो साल से केस पेंडिंग क्यों पड़े . कालीचरण ने मंत्रिमंडलीय समिति बनाकर पेंडिंग केस के अभियोजन स्वीकृति 3 महीने के अंदर-अंदर देने की मांग की.

 

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भी कहा कि कौन सा प्रकरण कितना पुराना है उसे पर सरकार तत्काल निर्णय करें तो अच्छा रहेगा . सबसे पुराने कैसे सबसे पहले लिए जाए.