वक्फ बिल पर लोकसभा में बोले अमित शाह, कहा- बोर्ड पर लालू यादव भी कड़ा कानून चाहते थे

वक्फ बिल पर लोकसभा में बोले अमित शाह, कहा- बोर्ड पर लालू यादव भी कड़ा कानून चाहते थे

नई दिल्ली: लोकसभा में आज वक्फ संशोधन बिल पेश किया गया. इसके बाद वक्फ संशोधन बिल पर लोकसभा में चर्चा जारी है. इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगी द्वारा प्रस्तुत विधेयक का समर्थन करता हूं. मैं दोपहर 12 बजे से चल रही चर्चा को ध्यान से सुन रहा हूं. मुझे लगता है कि कई सदस्यों के बीच कई गलतफहमियां हैं, चाहे वह वास्तविक हो या राजनीतिक साथ ही, इस सदन के माध्यम से उन गलतफहमियों को पूरे देश में फैलाने का प्रयास किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि वक्फ एक अरबी शब्द है. राजनीतिक कारणों से बिल पर भ्रम फैलाया जा रहा है. वक्फ दान के लिए होता है. सरकारी संपत्ति का दान नहीं किया जा सकता.  गैर-मुस्लिम सदस्यों को कहां शामिल किया जाएगा? काउंसिल और वक्फ बोर्ड में. वे क्या करेंगे? वे कोई धार्मिक गतिविधि नहीं चलाएंगे. वे केवल वक्फ कानून के तहत किसी द्वारा दान की गई संपत्ति के प्रशासन को देखेंगे, चाहे वह कानून के अनुसार हो रहा हो, क्या संपत्ति का उपयोग उस इरादे से किया जा रहा है जिसके लिए इसे दान किया गया था.

वक्फ परिषद और वक्फ बोर्ड 1995 से है:
वक्फ अधिनियम और बोर्ड 1995 में लागू हुआ. गैर-मुस्लिमों को शामिल करने के बारे में सभी तर्क वक्फ में हस्तक्षेप के बारे में हैं. सबसे पहले, कोई भी गैर-मुस्लिम वक्फ में नहीं आएगा. इसे स्पष्ट रूप से समझें... धार्मिक संस्थानों का प्रबंधन करने वालों में किसी भी गैर-मुस्लिम को शामिल करने का कोई प्रावधान नहीं है; हम ऐसा नहीं करना चाहते हैं... यह एक बहुत बड़ी गलत धारणा है कि यह अधिनियम मुसलमानों के धार्मिक आचरण में हस्तक्षेप करेगा और उनके द्वारा दान की गई संपत्ति में हस्तक्षेप करेगा. यह गलत धारणा अल्पसंख्यकों में अपने वोट बैंक के लिए डर पैदा करने के लिए फैलाई जा रही है.

माइनोरिटी को विपक्ष द्वारा डराया जा रहा:
बोर्ड में गैर इस्लामी नहीं होगा. माइनोरिटी को विपक्ष द्वारा डराया जा रहा है. बिल धार्मिक मामले में हस्तक्षेप नहीं किया है. धार्मिक असमानता का कोई सवाल ही नहीं है. विपक्ष का विरोध वोट बैंक के लिए ये कर रहा है. वक्फ के प्रशासन पर निगरानी होगी. 'विपक्ष देश तोड़ना चाहता है. इस सदन के माध्यम से मैं देश के मुसलमानों से कहना चाहता हूं कि आपके वक्फ में एक भी गैर-मुस्लिम नहीं आएगा। 

वक्फ बिल में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई होगी:
इस कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. लेकिन वक्फ बोर्ड और वक्फ काउंसिल क्या करेंगे? वक्फ की संपत्तियां बेचने वालों को पकड़कर बाहर निकालेंगे, वक्फ के नाम पर अपनी संपत्तियां 100 साल के लिए पट्टे पर देने वालों को पकड़ेंगे. वक्फ की आय कम हो रही है, जिस आय से हमें अल्पसंख्यकों के लिए विकास करना है और उन्हें आगे बढ़ाना है, वह पैसा चोरी हो रहा है. वक्फ बोर्ड और काउंसिल उसे पकड़ेंगे.

तमिलनाडु में मंदिर की जमीन को वक्फ को दे दिया गया:
अमित शाह ने आगे कहा कि 2013 में संशोधन नहीं होता तो यह बिल नहीं आता. तमिलनाडु में मंदिर की जमीन को वक्फ को दे दिया गया. सरकारी संपत्ति को UPA सरकार ने वक्फ को दे दिया. दान अपनी संपत्ति का कर सकते हैं. सरकार की संपत्ती को दान नहीं कर सकते. 2001-12 में सरकारी संपत्ति लीज पर दी गई. इस्लाम के अनुयायी ही वक्फ कर सकते हैं. आज कई इसाई संस्थाओं ने वक्फ बिल का समर्थन किया है. चैरिटी कमिश्नर का काम धार्मिक नहीं, प्रशासनिक है.

वक्फ बिल से मुस्लिम भाइयों को होगा फायदा:
वक्फ बिल से मुस्लिम भाइयों को फायदा होगा. 4 साल में मुस्लिम समझ जाएंगे कि कानून फायदे के लिए है. हर राज्य में जमीन पर वक्फ का अवैध कब्जा है. वफ्फ की संपत्ति हड़पने वालों को बोर्ड से बाहर करो. पैसा मुस्लिमों के कल्याण पर खर्च हो. बेरोजगार मुस्लिम युवाओं को फायदा होगा. प्रयागराज में वक्फ को जमीन दी गई. दिल्ली में रेलवे की संपत्ति वक्फ को दी गई.

ऑडिट से पारदर्शिता आएगी:
उन्होंने कहा कि कलेक्टर की जांच पर आपत्ति क्यों' ? ऑडिट से पारदर्शिता आएगी. वक्फ बोर्ड पर लालू यादव भी कड़ा कानून चाहते थे. 2013 में लालू यादव ने कहा था जमीन हड़पी गई है. जमीन का मालिकाना हक कलेक्टर तय करेगा. 123संपत्तियां वक्फ को दी गई. मोदी सरकार में पिछड़ों को संवैधानिक अधिकार मिला है. मोदी सरकार वोट बैंक के लिए कार्य नहीं करती. वोट बैंक के लिए हम कानून नहीं लाएंगे. वक्फ बिल में अपील का प्रावधान आगे बढ़ाया है. विपक्ष कहता है इसका हिसाब-किताब न करो. 

कानून सबको स्वीकार करना पड़ेगा:
इस बार दोनों सदनों में 16घंटे चर्चा हो रही है, जनता की आवाज का सदन मंच है. कानून पर अमल नोटिफिकेशन के बाद होगा. कानून सबको स्वीकार करना पड़ेगा. विपक्ष कानून न मानने की धमकी दे रहा है. संसद का कानून है, सबको मानना पड़ेगा. ये राजनीतिक हिसाब का अखाड़ा नहीं है. बंगाल में आकर सीना ठोककर कहूंगा, भारत सरकार का कानून सबको मानना पड़ेगा.

 

आदिवासियों की जमीन भी इसमें होगी सुरक्षित:
कानून न्याय और लोगों के कल्याण के लिए होता है. लालू यादव की इच्छा पीएम मोदी ने पूरी की है. विपक्ष अल्पसंख्यकों को भड़का रहा है. एएसआई की जमीन को हम सुरक्षा देंगे. आदिवासियों की जमीन भी इसमें सुरक्षित होगी. सिर्फ घोषणा से जमीन वक्फ की नहीं होगी. आम नागरिकों की निजी संपत्ति सुरक्षित होगी. दो साल में किसी भी मुसलमान की नागरिकता नहीं गई. CAA और तीन तलाक पर भी डराया गया था. मोदी सरकार में किसी नागरिक को आंच नहीं आएगी.