Mahakumbh 2025: मां जानकी के मायके में महाकुंभ का उल्लास, नेपाल के 50 लाख लोगों ने किया पवित्र स्नान

Mahakumbh 2025: मां जानकी के मायके में महाकुंभ का उल्लास, नेपाल के 50 लाख लोगों ने किया पवित्र स्नान

नई दिल्ली: मां जानकी के मायके में महाकुंभ का उल्लास देखने को मिला है. नेपाल के 50 लाख लोगों ने संगम में पवित्र स्नान किया. बड़े हनुमान जी के लिए भगवान राम की ससुराल से पवित्र अक्षत व अन्य सामान आया. नेपाल के लोगों में प्रयागराज के साथ-साथ अयोध्या और काशी का भी क्रेज बढ़ा है.

संगम की रेत की ओर नेपाल के लोगों का कारवां बढ़ा. बड़े हनुमान मंदिर और अक्षय वट के प्रति नेपालवासियों में अद्भुत आस्था है. गंगाजल और संगम की माटी नेपाल के लिए अमूल्य धरोहर है जिसे उन्होंने माथे पर लगाया और साथ ही भारत से अपने घर भी ले जा रहे हैं. माता सीता के मायके नेपाल से भारत उपहार आ रहे है. जिनमें नए कपड़े, आभूषण, फल, मेवा, पकवान, धोती-कुर्ता, गमछा भी लाया गया.

महाकुंभ बना भारत का सबसे बड़ा आर्थिक आयोजन:
महाकुंभ में आस्था से अर्थव्यवस्था तक का अद्भुत संगम भी देखने को मिला है. महाकुंभ में 3 लाख करोड़ रुपए का व्यापार हो चुका है. महाकुंभ भारत का सबसे बड़ा आर्थिक आयोजन बना है. स्थानीय व्यापार को भारी बढ़ावा मिला है. कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के अनुसार प्रयागराज ही नहीं बल्कि 150 किमी के दायरे में व्यापार में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है. अयोध्या, वाराणसी और अन्य धार्मिक स्थलों की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है. यह महा आयोजन आस्था और अर्थव्यवस्था के गहरे संबंध को भी दर्शा रहा है. 

 

महाकुंभ में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का अद्भुत संगम:
महाकुंभ में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. नमामि गंगे मिशन की पहल से प्रयागराज में नया इतिहास रच रहा है. 10 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट संचालित हुई है. तीन नए एसटीपी पर कार्य जारी किए गए हैं. 48,100 टॉयलेट्स और 20,000 कचरा डिब्बे लगाए गए हैं. इंटरएक्टिव बायोडायवर्सिटी टनल और डिजिटल प्रदर्शनी आकर्षित कर रही है.