नई दिल्ली: उत्कर्ष ओडिशा - मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव 2025 को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे बताया गया है कि यह ओडिशा के इतिहास का सबसे बड़ा निवेशक सम्मेलन है. इसमें 5 से 6 गुना अधिक निवेशक भाग ले रहे हैं. मैं इसके लिए ओडिशा सरकार को बधाई देता हूं.
मेरा मानना है कि पूर्वी भारत देश का विकास इंजन है और ओडिशा इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. जब भारत का वैश्विक विकास में बहुत बड़ा योगदान हुआ करता था, तो भारत के पूर्वी हिस्से का उसमें बहुत बड़ा योगदान था. ओडिशा दक्षिण पूर्व एशिया के साथ व्यापार का मुख्य केंद्र हुआ करता था.
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति भारत की यात्रा पर थे तो उन्होंने कहा था कि ओडिशा उनके डीएनए में है. ओडिशा की एक विरासत है जो इसे दक्षिण पूर्व एशिया से जोड़ती है. इस सदी में, ओडिशा फिर से उस विरासत को पुनर्जीवित करने के लिए काम कर रहा है.
पीएम ने कहा कि भारत के आर्थिक विस्तार में दो बड़ी भूमिकाएं हैं. पहला, हमारा अभिनव सेवा क्षेत्र और दूसरा, भारत के गुणवत्तापूर्ण उत्पाद. केवल कच्चे माल के निर्यात से तीव्र विकास संभव नहीं है. हम पूरे पारिस्थितिकी तंत्र में बदलाव कर रहे हैं, भारत इस प्रवृत्ति को बदल रहा है क्योंकि यह मोदी को स्वीकार्य नहीं है.