VIDEO: क्या बेंगलुरु से मिलेगा राजस्थान बीजेपी को नया संगठन महामंत्री, 21 से 23 मार्च तक बेंगलुरु में होगी RSS की बैठक, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: एक साल से अधिक का समय बीत चुका है. राजस्थान की बीजेपी में संगठन महामंत्री का पद खाली चल रहा है. चंद्रशेखर के तेलंगाना जाने के बाद से अब तक नया नया संगठन महामंत्री राजस्थान बीजेपी को नहीं मिल पाया. उम्मीद जताई जा रही है कि 21 से 23 मार्च को बेंगलुरु में होने वाली RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में इस बारे में निर्णय लिया जा सकता है. संगठन महामंत्री से जुड़े निर्णय आमतौर पर प्रतिनिधि सभा में ही लिए जाते है.

राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने और भजनलाल शर्मा के मुख्यमंत्री बनने के बाद यहां संगठन महामंत्री को बदल दिया गया था. 15 जनवरी 2024 को तत्कालीन संगठन महामंत्री चंद्रशेखर को तेलंगाना बीजेपी का संगठन महामंत्री  बनाकर भेज दिया गया. लगभग 1 साल से ऊपर हो चुका है राजस्थान बीजेपी को नया संगठन महामंत्री नहीं मिल पाया. उम्मीद जताई जा रही है कि 21 से 23 मार्च बेंगलुरु में होने वाली RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में इस बारे में कोई निर्णय लिया जा सकता है. संगठन महामंत्री के तौर पर चंद्रशेखर ने राजस्थान की बीजेपी में लंबे समय तक काम किया. RSS प्रचारक चंद्रशेखर ने प्रकाशचंद के स्थान पर संगठन महामंत्री का पद संभाला था. मूल रूप से यूपी के निवासी चंद्रशेखर ने यूपी के पूर्वांचल में बतौर प्रचारक काफी काम किया फिर काशी प्रांतीय संगठन मंत्री के नाते बीजेपी के लिये जो चुनावी रणनीति बनाई. राजस्थान में बीजेपी सरकार के निर्माण और भजनलाल शर्मा के मुख्यमंत्री बनने के बाद चंद्रशेखर यहां से विदा हो गए थे.. बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व में उन्हें दक्षिण भारत की जिम्मेदारी दी.

भाजपा का संगठन महामंत्री मॉडल
- संघ के प्रचारक को संगठन महामंत्री का दायित्व मिलता है
- कहा जाता है सरसंघचालक देवरस के जमाने से ये परम्परा चली
- संघ के प्रचारक को बीजेपी में भेजने की शरुआत हुई
- भाजपा को आर एस एस का आनुषाॉगिक संगठन माना जाता है
- फुलटाइमर के तौर पर संगठन महामंत्री का करता है
- उद्देश्य होता है राजनीतिक शाखा की मजबूती
- संघ और सियासी संगठन के बीच सेतु निर्माण करना

राजस्थान की बीजेपी में पहले संगठन महामंत्री बने थे ओम प्रकाश माथुर वे किसान संघ में प्रचारक नाते दायित्व निभा रहे थे और उन्हे बीजेपी में उस वक्त लाया गया जब राजस्थान में भैंरोसिंह शेखावत के हाथों में बीजेपी की कमान थी. लम्बे समय तक माथुर ने संगठन महामंत्री का दायित्व निभाया. शेखावत की गठबंधन सरकार के निर्माताओं में भी एक रहे ओम प्रकाश माथुर बाद में माथुर पूरी तरह बीजेपी की राजनीति की मुख्य धारा में आ गये. आज ओम प्रकाश माथुर सिक्किम के राज्यपाल है. माथुर के बाद राजस्थान की बीजेपी को प्रकाशचंद के तौर पर संगठन महामंत्री मिला.

वसुंधरा राजे के पिछले शासन में प्रकाशचंद संगठन महामंत्री थे. प्रकाशचंद आज RSS में विभिन्न दायित्वों को संभाल रहे. खास बात है ओम प्रकाश माथुर और प्रकाश चंद दोनों ही राजस्थान से रहे. लेकिन चुनावी हार के बाद जब प्रकाशचंद की विदाई हुई तब कहा जाता है कि स्थानीय संघ को ठीक नहीं लगी और मन बना लिया गया कि राजस्थान की बीजेपी में संघ से प्रचारक नहीं भेजा जाएगा. हालांकि लंबा बीत जाने के बाद बीजेपी आलाकमान ने राजस्थान में  पूर्णकालिक संगठन महामंत्री की दरकार को समझा और फिर यूपी से लाकर चन्द्र शेखर को यहां जिम्मेदारी सौंपी गई, वे सफल सियासी पारी खेल कर यहां से लौटे सरकार लाने में उनका योगदान रहा. 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सर्वोच्च संस्था प्रतिनिधि सभा ही तय करती है कि किस प्रचारक को किस राज्य की बीजेपी के लिए संगठन महामंत्री बनाकर भेजा जाए. चंद्रशेखर के उत्तराधिकारी के लिए भी कुछ नाम चर्चा में है. अभी राजस्थान बीजेपी के प्रदेश महामंत्री जितेंद्र गोठवाल कार्यवाहक तौर पर संगठन महामंत्री का जिम्मा संभाल रहे.