VIDEO: शहरों मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय शहरी विकास योजना की जाएगी शुरू, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी की ओर से आज पेश बजट में प्रदेश के शहरों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए कई घोषणाएं की गई है. साथ ही शहरी आबादी की सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है. राज्य सरकार की ओर से पेश पूर्ण बजट में शहरों में रहने वाले लोगों को क्या दिया गया है.

प्रदेश के शहरी क्षेत्रों के समावेशी विकास, पलायन की रोकथाम, सीवरेज, सेनटिशेन तथा वेस्ट डिस्पोजल के लिए  हेतु लगभग 12 हजार 50 करोड़ रुपये की लागत से 7 वर्षों की अवधि के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय शहरी विकास योजना की घोषणा की गई. आपको बताते हैं कि इस योजना में किस तरह से ठोस कचरा प्रबंधन वेस्ट वाटर मैनेजमेंट और सीवरेज और ड्रेनेज संबंधी काम किन शहरों में किए जाएंगे.

ठोस कचरा प्रबंधन के ये होंगे कार्य
-प्रदेश के शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन संबंधी कार्यों पर 3 हजार 650 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे
-इनमें समस्त संभाग मुख्यालय के साथ ही चाकसू, फुलेरा, दौसा,अजीतगढ़, बिलाड़ा, केशोरायपाटन सहित 32 शहरों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के काम किए जाएंगे
-नगरीय निकायों के डंपिंग साइट्स पर पड़े लगभग 55 लाख तन पुराने कचरे का निस्तारण किया जाएगा
-राज्य की सभी 52 नगर परिषद में घर-घर कचरा संकरण वाहनों पर वाहन ट्रैकिंग सिस्टम लगाने, कंट्रोल कमांड सेंटर का निर्माण करने
-और राज्य स्तरीय कमांड सेंटर स्थापित किया जाएगा
-नगरीय निकायों में ठोस कचरा संग्रहण परिवहन और निस्तारण के लिए जीसीसी मॉडल पर 4000 हूपर लगाए जाएंगे
-आगामी तीन सालों में नवगठित 65 नगरीय निकायों में वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट्स और फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना की जाएगी
-30 नगर परिषदों में मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन की स्थापना की जाएगी
-जिला स्तर की 41 नगरीय निकायों में मृत पशुओं के अपशिष्ट के निस्तारण की व्यवस्था हेतु प्लांट्स का निर्माण किया जाएगा
-अलवर, पाली, भीलवाड़ा, दौसा, हनुमानगढ़ व झुंझुनू में सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट्स का संचालन किया जाएगा

वेस्ट वाटर मैनेजमेंट के ये होंगे कार्य
-शहरों में वेस्ट वाटर मैनेजमेंट और ट्रीटेड वॉटर के रियूज संबंधी कार्यों पर 4 हजार 230 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे
-296 शहरों मेवेस्ट वाटर मैनेजमेंट और ट्रीटेड वॉटर को विभिन्न उपयोग में लिया जाएगा
-कुम्हेर, सांगोद, श्रीगंगानगर, बीकानेर सहित 65 नगरीय निकायों के जल भराव क्षेत्र में ड्रेनेज और ग्रे वॉटर ट्रीटमेंट का कार्य किया जाएगा
-जयपुर का ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा
-जयपुर स्थित दहलावास सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के ट्रीटेड वॉटर के उपयोग के लिए हाइब्रिड एन्युटी मॉडल लागू किया जाएगा
-जयपुर स्थित हिंगोनिया गौशाला को 20 एमएलडी आवश्यक पानी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से पहुंचाया जाएगा

शहरों में सीवरेज व ड्रैनेज संबंधी ये होंगे कार्य
-प्रदेश के शहरों में सीवरेज और ड्रेनेज संबंधी कार्यों में 3 हजार 450 करोड रुपए खर्च होंगे
-जयपुर, अजमेर, विराटनगर, बयाना, कांमा, बांदीकुई, बसवा, सूरजगढ़, नाथद्वारा, लक्ष्मणगढ़, अलवर, कोटा, खींवसर,
-सांचौर, पुष्कर, हनुमानगढ़ और संभाग्य मुख्यालय सहित 75 शहरों मे सीवरेज गैप को चरणबद्ध तरीके से कवर किया जाएगा
-चूरू शहर में सीवरेज ट्रीटमेंट और स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज प्रोजेक्ट और एसटीपी के निर्माण का काम किया जाएगा
-शहरों के आधारभूत ढांचे के विकास और सफाई व्यवस्था को बनाए रखने की दृष्टि से 2000 किलोमीटर लंबी पुरानी सीवरेज लाइन को अगले 4 सालों में बदला जाएगा
-सीवरेज लाइनों के अंदर सीसीटीवी सर्वे द्वारा कंडीशन असेसमेंट करवा कर क्षतिग्रस्त भाग को बिना सड़क के खुदाई करें ट्रेंचलैस मैथड़ से बदलने का काम किया जाएगा -प्रथम चरण में यह काम जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर, बीकानेर और भरतपुर में होगा
-सीवरेज मैनहोल सफाई में होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए 100 अत्याधुनिक रोबोटिक 3 इन 1 सीवरेज सफाई मशीन उपलब्ध कराई जाएगी
-सफाई मित्रों की सुरक्षा के लिए डिजिटल गैस डिटेकटर उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे
-नगर निगमों में चरणबद्ध रूप से सुपर सकर मशीनें खरीदी जाएंगी
-सीकर के पिपराली चौराहे के क्षेत्र झुंझुनू बायपास के दोनों और गोकुलपुरा सांवली चौराहे के दोनों और
-ढूंढ चौराहा और पालवास चौराहे के आसपास क्षेत्र में सीवरेज और बरसाती पानी निकासी का काम किया जाएगा
-अलवर न्यास योजना अरावली विहार फेज प्रथम, द्वितीय और अंबेडकर नगर के एमएन ब्लॉक में सीवर लाइन एवं नाले के निर्माण का काम किया जाएगा
-उदयपुर स्थित नवरतन कॉलोनी में सीवरेज लाइन एवं कनेक्शन का काम किया जाएगा
-भरतपुर में भरतपुर मथुरा बाईपास पर सेवर तिराहे से कंजौली तक नाली निर्माण कार्य किया जाएगा
-अलवर में 200 फीट बाईपास तिजारा रोड और दिल्ली रोड पर नाला निर्माण और ड्रेनेज कार्य किया जाएगा

इन विविध कार्यों पर खर्च होंगे 720 करोड़ रुपए
-शहरों मे विविध कार्यों पर 720 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे
-एनसीआर और नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम में शामिल शहरों के लिए एंटी स्मोग गन, स्मोग टावर ऑन हेवी ट्रेफिक एरिया,
-गॉबलर मशीन, मैकेनाइज्ड रोड स्वीपर और एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन के निर्माण संबंधी कार्य किए जाएंगे
-वायु प्रदूषण के प्रभावी नियंत्रण व वायु गुणवत्ता के सुधार के लिए प्रदेश के 50 शहरी क्षेत्र में वाटर स्प्रिंकलर मैकेनिकल स्वीपर उपलब्ध कराए जाएंगे
-और प्लांटेशन का काम किया जाएगा
-पाली,बालोतरा,जोधपुर,भिवाड़ी और भीलवाड़ा स्थित प्रदूषण नियंत्रण केन्द्र के क्षेत्रीय कार्यालय में प्रदूषण जल एवं
-खतरनाक केमिकल्स के अवैध निर्माण और डंपिंग की निगरानी के लिए सिस्टम स्थापित किया जाएगा
-जयपुर, जोधपुर, भरतपुर, कोटा, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर व चूरू पाली सहित 14 उच्च शहरीकृत शहरों और
-उनके 42 सैटलाइट टाउन में पर्यटन हेरिटेज कमांड कंट्रोल सिस्टम व बाढ़ प्रबंधन संबंधी कार्य किए जाएंगे
-प्रदेश के समस्त शहरों मे 50 हजार स्ट्रीट लाइट्स लगवाई जाएगी
प्रदेश की शहरी आबादी को नागरिक सुविधाएं जैसे पार्किंग बस स्टैंड गरीबों के लिए फ्लैट्स और जुनेदार संबंधित कार्यों पर 780 करोड रुपए खर्च करने की घोषणा की गई है आपको बताते हैं यह राशि किन शहरों में किस कार्य पर खर्च की जाएगी.
-जैसलमेर स्थित पूनम स्टेडियम में भूमिगत पार्किंग किला पार्किंग तक हेरिटेज वॉकवे
-और सौंदर्य पर 70 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे
-भरतपुर में शीशम तिराहे से काली बगीची चौराहे तक सड़क की चौड़ाई बढ़ाने
-और ड्रेनेज के निर्माण कार्य के लिए 13 करोड रुपए खर्च होंगे
-भरतपुर में हीरादास चौराहे से काली बगीची चौराहे तक सड़क की चौड़ाई बढ़ाने
-और ड्रेनेज निर्माण पर करीब 18 करोड रुपए खर्च होंगे
-जयपुर के स्वर्ण जयंती पार्क विद्याधर नगर को ऑक्सीजन जॉन के रूप में विकसित किया जाएगा
-उदयपुर स्थित रामगिरी पहाड़ी बड़गांव को ऑक्सीजन हब के तौर पर विकसित किया जाएगा
-इन दोनों कार्यों पर 15 करोड रुपए खर्च होंगे
-भरतपुर में एसपीजी योजना में विद्युतीकरण कार्य पर 25 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे
-जयपुर स्थित प्रताप नगर आवासीय योजना में 400 फ्लैट्स बनाए जाएंगे
-इनके निर्माण की लागत 325 करोड रुपए है
-जयपुर की इंदिरा गांधी नगर योजना में 50 करोड रुपए की लागत से 144 फ्लैट बनाए जाएंगे
-जयपुर की मानसरोवर योजना में 160 फ्लैट्स 35 करोड रुपए की लागत से बनाए जाएंगे
-उदयपुर में पानेरियों की मांदड़ी आवासीय योजना में 20 करोड रुपए की लागत से 200 फ्लैट बनाए जाएंगे
-जोधपुर में विवेक विहार में ट्रांसपोर्ट हब का निर्माण 50 करोड रुपए की लागत से किया जाएगा
-जयपुर की द्रव्यवती नदी को 50 करोड रुपए की लागत से पर्यटन की दृष्टि से अपग्रेडेशन किया जाएगा
-अजमेर में सार्वजनिक पुस्तकालय के अपग्रेडेशन और शहर के लिए प्रवेश द्वार के निर्माण पर 10 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे
-अनूपगढ़-श्रीगंगानगर, शाहपुरा-भीलवाड़ा, गंगापुर सिटी-सवाई माधोपुर में ऑडिटोरियम के निर्माण
-और कुचामन सिटी में सिटी पार्क के निर्माण पर 14 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे
-विभिन्न शहरों में रोडवेज बस स्टैंड के निर्माण पर 30 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे
-अलवर शहर में हनुमान चौराहे के पास पीपीपी मॉडल पर 60 करोड रुपए की लागत से नया बस स्टैंड बनाया जाएगा
-शहरों में इन 780 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के अलावा और भी कई घोषणाएं की गई हैं
-नवगठित निकायों सहित अन्य निकायों में 175 करोड़ रुपए की लागत से महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट्स बनाए जाएंगे
-समस्त संभागीय मुख्यालयों का कॉम्प्रिहैन्सिव मोबलिटी प्लान बनाया जाएगा
-जयपुर,जोधपुर,कोटा व अजमेर में सेक्टर सड़कों के निर्माण पर 575 करोड़ रुपए खर्च होंगे
-आगामी वित्तीय वर्ष में स्टेट हाईवे,बायपास रोड,फ्लाई ओवर,एलिवेटेड रोड, रेलवे ओवर ब्रिज व अंडर पास के निर्माण व रिपेयर पर 5 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे