नई दिल्ली: राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोकसभा चुनाव में साथ थे वो भी साथ छोड़ रहे हैं. कांग्रेस का मूल मंत्र- दूसरे की लकीर छोटी करना है. कांग्रेस ने दूसरे दलों की सरकार को अस्थिर किया है. अगर खुद की लकीर लंबी करते तो ये दशा नहीं होती. हमने पीएम विश्वकर्मा योजना शुरू करके समाज के लोहार, कुंभार, सुनार को ट्रेनिंग देना, नए औजार देना, आर्थिक सहायता देना, बाजार उपलब्ध कराना, इन सबके लिए अभियान चलाया हुआ है. इस तबके की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया.
जिसको किसी ने नहीं पूछा, उसको मोदी पूजता है:
समाज नियंता में जिसका रोल है, हमें उस विश्वकर्मा समाज की चिंता है. हमने मुद्रा योजना के तहत बिना गारंटी के लोन देने का अभियान चलाया और बड़ी सफलता मिली. हमने स्टैंडअप योजना बनाई जिसका मकसद एससी-एसटी समाज के लोग और किसी भी समाज की महिला को एक करोड़ का लोन बिना गारंटी के. अब हमने इसे डबल कर दिया है. हर कारीगर का सशक्तिकरण, हर समुदाय का सशक्तिकरण और बाबा साहब के सपने को पूरा करने का कार्य हमने मुद्रा योजना से किया है. जिसको किसी ने नहीं पूछा, उसे मोदी पूजता है. गरीब वंचित का कल्याण मेरा संकल्प है.
हमने मुद्रा योजना से बाबा साहेब के सपने को पूरा किया:
पीएम मोदी ने आगे कहा कि इस वर्ष के बजट में लेदर, फुटवियर इंडस्ट्री जैसे छोटे क्षेत्रों को हमने स्पर्श किया है जिसका लाभ गरीब-वंचित समाज को मिलने वाला है. खिलौने की बात करें, इस प्रकार के लोग ही इस काम में हैं. बहुत से लोगों को इस काम में मदद दी गई और इसका परिणाम ये है कि हम इसे इंपोर्ट करने की आदत में फंसे थे, आज हम तीन गुना एक्सपोर्ट कर रहे हैं. इसका फायदा गरीब लोगों को मिल रहा है. हमने मछुआरे साथियों के लिए अलग मंत्रालय बनाया और केसीसी के सारे बेनिफिट्स भी दिए. मत्स्य उत्पादन बढ़ा है. हमने मुद्रा योजना से बाबा साहेब के सपने को पूरा किया. हमने वित्तीय समावेशन पर काम किया.
मछुआरा समुदाय के लिए अलग मंत्रालय का गठन:
हमने मछुआरा समुदाय के लिए अलग मंत्रालय का गठन किया. जिससे मछलियों का उत्पादन और निर्यात तेजी से बढ़ा है. देश के आदिवासी समाज में भी कई स्तर की स्थितियां है. कई समूह ऐसे हैं जिनकी संख्या बहुत कम है. लेकिन वो ऐसे उपेक्षित रहे हैं कि उनके बारे में जानेंगे तो दिल दहल जाएगा. बहुत वंचित अवस्था के लोगों को विशेष रूप से योजना में लाने का प्रयास किया गया है. हमने पीएम जनमन योजना बनाई और 24000 करोड़ रुपये दिये कि पहले वे आदिवासी समाज की बराबरी पर तो पहुंचें. अलग-अलग भूभाग में भी बहुत इलाके हैं जहां पिछड़ापन है. जैसे सीमावर्ती गांव. हमने बदल दिया और तय किया कि सीमा पर जो लोग हैं, वो पहले. सूरज की किरण जहां पहले आती है और जहां आखिरी किरण जाती है, उसे प्रथम गांव का दर्जा दिया और विशेष योजना बनाकर काम किया.
नेहरू जी ने देश के महान कवि को जेल भेजा:
पीएम ने आगे कहा कि जब नेहरू जी प्रधानमंत्री थे, पहली सरकार थी और मुंबई में मजदूरों की एक हड़ताल हुई. उसमें मजरूह सुल्तानपुरी ने एक कविता गाई थी, कॉमनवेल्थ का दास है, इसके जुर्म में नेहरू जी ने महान कवि को जेल भेज दिया. मशहूर एक्टर बलराज साहनी एक जुलूस में शामिल हुए थे, उन्हें जेल में बंद कर दिया गया. लता मंगेशकर के भाई हृदयनाथ मंगेशकर को आकाशवाणी से निकाला. देश ने इमरजेंसी का दौर भी देखा है. देवानंद की सभी फिल्में दूरदर्शन पर बैन की गई. कई गणमान्य लोगों को हथकड़ियां पहनाई गई. शाही परिवार के सुख के लिए जेलें भरी गईं. ये भारत की जनता का सामर्थ्य था कि घुटने टेकने पड़े और इमरजेंसी हटी. कांग्रेस के मुंह से संविधान शब्द शोभा नहीं देता है.
पीएम मोदी ने खड़गे को सुनाई कविता:
पीएम मोदी ने कहा कि खड़गे जी आपके सामने शेर सुनाते रहते हैं और सभापति जी, आप भी बड़ा मजा लेते रहते हैं. एक शेर मैंने भी कहीं पढ़ा था... है बहुत अंधियारा रहा है, अब सूरज निकलना चाहिए! जिस तरह से भी हो, यह मौसम बदलना चाहिए! कांग्रेस के दौर में नीरज जी ने कविता लिखी थी... मेरे देश उदास ना हो, फिर दीप जलेगा, तिमिर ढलेगा... अटल जी ने भी लिखा था- सूरज ढलेगा, कमल खिलेगा.... जितना गरीबों के लिए हमने किया है, उतना अब तक कोई नहीं कर सका है. हमने 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला है. हमारी सरकार मध्यम वर्ग के साथ डटकर खड़ी है. हमने मिडिल क्लास को बड़ी राहत दी है. स्टार्टअप चलाने वालों में सबसे ज्यादा मिडिल क्लास को लोग हैं.
दुनिया ने भारत में स्टार्ट-अप क्रांति देखी है:
हमने बहुत बड़े तबके को टैक्स से छूट देते हुए 12 लाख तक की आय को करमुक्त कर दिया. 70 साल वालों को बिना शर्त आयुष्मान योजना का लाभ दिया. आज भारत के बुजुर्गों के प्रति दुनिया में आकर्षण बढ़ा है. हमारा न्यू मिडिल क्लास और मिडिल क्लास की आकांक्षाएं देश की प्रगति को गति देने वाली है. हमने मिडिल क्लास के लिए एक बहुत बड़े हिस्से को टैक्स में इस बजट में जीरो कर दिया है. हमने चार करोड़ घर बनाकर गरीबों को दिए हैं. हमारी सरकार में स्टार्टअप का रिवॉल्यूशन जिसे दुनिया ने देखा भी है. ये स्टार्टअप चलाने वाले नौजवान ज्यादातर मिडिल क्लास के हैं, आज पूरी दुनिया भारत के प्रति आकर्षित है. आज हमारा मिडिल क्लास आत्मविश्वास से भरा है.
हमने मातृभाषा में पढ़ाई पर बल दिया:
21वीं सदी की शिक्षा कैसी होनी चाहिए, इस पर सोचा भी नहीं गया. तीन दशक के अंतराल के बाद नई शिक्षा नीति हम लेकर आए हैं. हमने शिक्षा नीति में बदलाव लाए है. हमने मातृभाषा में पढ़ाई पर बल दिया. मातृभाषा में पढ़ाई और परीक्षा. देश आजाद हुआ है लेकिन गुलामी की मानसिकता जो जकड़ के रखा था, हमारी मातृ भाषा के साथ अन्याय हुआ है. मातृ भाषा में डॉक्टर, इंजीनियर बनें, जिनको अंग्रेजी भाषा पढ़ने को नसीब नहीं हुई, उसके सामर्थ्य को हम रोक नहीं सकते. हमने आदिवासी बच्चों के लिए एकलव्य मॉडल् स्कूलों का विस्तार किया है.