VIDEO: पावर कंट्रोल रिमोर्ट से चक्करघिन्नी जयपुर डिस्कॉम ! राजधानी जयपुर समेत प्रदेशभर में बिजली चोरी के हाईटैक तरीके, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर : उपभोक्ताओं के बिजली बिल में "करंट" दौड़ाने वाले जयपुर डिस्कॉम प्रशासन को इनदिनों खुद "झटका" लग रहा है. जी हां ये कोई "करंट" का झटका नहीं, बल्कि बिजली चोरों के हाईटैक तरीकों से डिस्कॉम को लग रही करोड़ों की राजस्व की चपत की बानगी है. किसी जगह रिमोर्ट तो किसी जगह जैमर लगाकर मीटर को स्टॉप किया जा रहा है, जिसके चलते डिस्कॉम प्रशासन चिंता में है. पिछले दिनों सामने आए ऐसे ही कुछ प्रकरणों के बाद डिस्कॉम से फील्ड अधिकारियों के लिए अलर्ट जारी किया है.

"बत्ती गुल, मीटर चालू" 2018 में आई इस फिल्म का नाम तो आपने सुना होगा. लेकिन प्रदेश की बिजली कम्पनियों में सामने आ रहे हाईटैक चोरी के प्रकरणों ने इस नाम को "मीटर बन्द, बिजली चालू" जैसी स्थिति में ला दिया है. जी हां, फील्ड में बिजली चोर आएदिन नए-नए तरीके निकालकर डिस्कॉम्स को चुना लगा रहे है. आमतौर पर मीटर को बाइपास करना या फिर सीधे मुख्य लाइन से बिजली लेने के सामने देखे जाते थे, लेकिन अब रिमोर्ट से मीटर को मैनेज करने का खेल शुरू हो गया है. असामाजित तत्व रिमोर्ट के जरिए "जब चाहे मीटर बन्द" और "जब चाहे मीटर को ऑन कर डिस्कॉम को करोड़ों का चूना लगा रहे है.

चिंता का कारण ये, लगातार सामने आ रहे केस:
4 मार्च  2025 : जलमहल के पास जय पैलेस होटल में सर्तकता शाखा की टीम की छापामार कार्रवाई, तो यहां होटल में अघरेलू श्रेणी का एक विद्युत कनेक्शन चलता मिला हुआ. होटल परिसर की जांच में मीटर की डिस्पले एवं टोंग टेस्टर के लोड में अन्तर पाया गया. पूछताछ में पता चला कि मीटर को रिमोर्ट से ऑपरेट किया जा रहा है. टीम ने मीटर व रिमोर्ट को जब्त कर कनेक्शन काटते हुए 17,03,259/- का जुर्माना लगाया गया.

4 दिसम्बर 2024 : जयपुर डिस्कॉम की सर्तकता टीम ने रामंगज में छापामार कार्रवाई की, तो रियासुद्दीन के प्लांट नम्बर 25 में मीटर में डिवाइस लगा मिला. जांच में पता चला कि उपभोक्ता रिमोट से बिजली मीटर को संचालित करता था. टीम ने मौके पर 1,06,034 रुपए जुर्माना के साथ वीसीआर भरकर रिमोट जब्त किया.

27 जून 2024 : जयपुर के जामडोली इलाके में सर्तकता टीम ने कार्रवाई की तो वहां एक उपभोक्ताओं के यहां मीटर में रिमोर्ट लगा हुआ मिला. उपभोक्ता रिमोर्ट में बिजली मीटर को "ऑन-ऑफ" कर रहा था.

 

डिस्कॉम की टीमों ने भले ही रिमोर्ट डिवाइस के खेल को पकड़ लिया हो, लेकिन अब यह तकनीक पूरे प्रबन्धन के लिए चिंता का कारण बनी हुई है. इस पूरे मामले को लेकर खुद अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा आलोक और सीएमडी आरती डोगरा ने अफसरों से रिपोर्ट ली है. इसके साथ ही प्रशासन डिवाइस को लेब में भेजकर टेस्टिंग करवा रहा है, ताकि ये पता चल सके कि डिवाइस कैसे काम करती है. इसके साथ ही मीटर निर्माता कम्पनियों से भी वार्ता की जा रही है कि आखिर मीटर में इस तरह का कैसा तोड़ डिवाइस के जरिए निकाला गया है.