जयपुर: राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही 24 फरवरी तक स्थगित कर दी गई. आज विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ. गोविंद सिंह डोटासरा सहित 6 विधायक बजट सत्र से निलंबित किए गए. आसन के नजदीक पहुंचने पर 6 विधायकों को निलंबित किया गया. रामकेश मीणा,अमीन कागजी,जाकिर हुसैन गेसावत, हाकीम अली खान,संजय जाटव को बजट सत्र से निलंबित किया गया. आपको बता दें कि बीजेपी विधायक दल का बड़ा स्टेप लिया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ बड़ा कदम लिया है. ऐसा संभवतः इतिहास में पहला उदाहरण सामने आया है. जब राज्य विधानसभा में किसी पार्टी के अध्यक्ष के खिलाफ निलंबन का प्रस्ताव रखा गया. सत्ता पक्ष के मुख्य सचेतक ने निलंबन का प्रस्ताव रखा.
मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने प्रस्ताव रखा. विधानसभा की समृद्ध परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सदन में समय-समय पर कटु भी आते हैं. उत्तेजना व्यक्त भी होती है और समाधान भी होते हैं. कई सदस्य उत्तेजित भी हो जाते हैं. आक्रोश को व्यक्त करने के लिए विपक्ष ने सारी हद लांघ दी. अध्यक्ष महोदय के शरीर के नजदीक तक पहुंचाने की घटना घटित हुई है. यह निंदनीय है और माफी योग्य नहीं है. जोगेश्वर गर्ग ने सदन में प्रस्ताव रखा. गोविंद सिंह डोटासरा, रामकेश मीणा, अमीन कागजी, जाकिर हुसैन गेसावत,
हाकम अली खान और संजय कुमार के निलंबन का प्रस्ताव रखा था. निलंबन प्रस्ताव पारित हुआ.
आपको बता दें कि सदन में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर टिप्पणी मामले पर हंगामा हुआ. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि दादी सम्मानजनक शब्द है, आपत्तिजनक नहीं है. PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने विधानसभा अध्यक्ष पर आक्रमण किया. विधनसभा अध्यक्ष बाल-बाल बच गए. यह निंदनीय है, लोकतंत्र में ऐसा नहीं होता है. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और PCC चीफ डोटासरा ने कहा कि ये तरीके से सदन नहीं चलाना चाहते तो हम नहीं सुनेंगे. हमारी दादी है इनके पेट में क्या दर्द है. लेकिन जो देश के लिए शहीद हो गई उनके बारे में अनर्गल बात कर रहे है. सत्ता पक्ष को माफी मांगनी चाहिए. हमने स्पीकर से निवेदन किया था इंदिरा गांधी को लेकर कही गई बातों को हटाने की मांग की.
लेकिन मांग नहीं मानी, सत्ता पक्ष सदन को डिस्टर्ब कर रहे. क्योंकि मंत्री जवाब नहीं दे पा रहे, स्पीकर भी पूरे दवाब में है. रफीक खान के लखपति दीदी के सवाल का जवाब मंत्री नहीं दे पा रहे. सत्ता पक्ष सदन नहीं चलाना चाहते. इनके पास सामान नहीं है. मंत्री माफी मांगे सदन में जो टिप्पणी पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के खिलाफ की गई. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और मेरे खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी की गई. स्पीकर के कक्ष में हम गए थे लेकिन उल्टे वो ही हमें कहने लग गए. आप क्यों हंगामा कर रहे. हमारे महान नेताओं पर टीका टिप्पणी करने को बर्दाश्त नहीं कर सकते है.
तीन तीन मंत्री जवाब देने के लिए आ गए आगेः
PCC चीफ डोटासरा बोले कि मोदी जी के लिए कहेंगे तो क्या वो सुन लेंगे. स्पीकर को व्यवस्था देनी है. जब स्पीकर सीपी जोशी थे तब न्याय पूर्ण बात करते थे. रफीक खान ने कहा कि मैंने सवाल किया लखपति दीदी को लेकर मंत्री जवाब नहीं दे पा रहे थे. उनके सहयोग में तीन तीन मंत्री जवाब देने के लिए आगे आ गए.
हम गाली खाने नहीं आतेः
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हम गाली खाने नहीं आते. आज हमारी देश की पूर्व पीएम को लेकर आपत्तिजनक बातें कर रहे ये शर्म की बात है. इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश के टुकड़े किए थे. बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया.
जोगाराम पटेल और डोटासरा आमने-सामनेः
विधानसभा कार्यवाही के दौरान अविनाश गहलोत ने कहा कि तुम्हारी दादी इंदिरा गांधी को लेकर हॉस्टल खोले गए, उनका क्या हुआ ? अविनाश गहलोत के इस जवाब पर विपक्ष ने आपत्ति जताई. इतना ही नहीं पीसीसी चीफ डोटासरा अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंच गए. जोगाराम पटेल और पीसीसी चीफ डोटासरा आमने-सामने हो गए. स्पीकर की चेयर की तरफ बढ़ने के दौरान मार्शल बुलाए गए. इसके बाद हंगामा बढ़ने पर स्पीकर ने की आधा घंटे के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित की.