जयपुर: प्रदेश की महिलाओं को सुरक्षा देने के लिए राजस्थान पुलिस के प्रयोग को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. राजस्थान पुलिस द्वारा डवलप किए गए राजकोप सिटीजन एप को मात्र एक दिन में 21000 से अधिक लोगों ने डाउनलोड किया है.
महिलाओं और बालिकाओं को जल्दी से जल्दी सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए राजस्थान पुलिस ने राजकोप सिटीजन एप तैयार किया है. राज्य सरकार का एक साल पूरा होने पर तैयार हुआ यह एप काफ़ी लोकप्रिय हो चुका है. अब तक 17.8 लाख से अधिक लोगों ने इस ऐप को डाउनलोड कर लिया है, जिसमें 9000 से ज्यादा शिकायतों को हैंडल किया जा चुका है. स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आईजी शरत कविराज ने बताया कि जयपुर के त्रिवेणी नगर में 12 फरवरी की सुबह कोचिंग छात्रा से सरेराह एक युवक द्वारा छेड़छाड़ की घटना के बाद यह एप चर्चा में आया था. आहत छात्रा ने ऐप के "मदद चाहिए" फीचर पर जैसे ही मैसेज भेजा, उसके बाद मात्र 3 मिनट के अंदर पुलिस मौके पर पहुंच गई और आरोपी युवक को पकड़ गिरफ्तार कर लिया. आईजी कविराज ने बताया कि इस ऐप में आम नागरिकों एवं महिलाओं की सहूलियत के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है जो काफी आसान और मददगार है इस ऐप के जरिए आने वाली शिकायतों के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण कर उनके मुताबिक एनालिटिक्स विकसित किया जाएगा, जो आने वाले समय में अपराध नियंत्रण में मददगार साबित होगा.
राजकॉप सिटीजन एप में आम नागरिकों के लिए पुलिस ने कई सुविधाएं उपलब्ध कराई है. यह ऐप एंड्राइड और आईओएस दोनों ही ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है. इस ऐप में महिला सुरक्षा, हेल्पलाइन, मेरा कोना, सेवाएं, संपर्क, निकटतम खोजें, जानकारी और सोशल मीडिया की सुविधाएं प्रदान की गई है. इस ऐप को एंड्राइड मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर एवं आईफोन के एप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है. यह फीचर आम महिला को इमरजेंसी और नॉन इमरजेंसी स्थिति में पुलिस सहायता प्रदान करने के लिए दिया गया है. इमरजेंसी स्थिति में महिला सहायता के लिए आने वाले वाहन की स्थिति को जांच सकती है. इस स्थिति में कन्ट्रोल रूम से महिला को फोन भी आता है.
यात्रा सुरक्षा
यह फीचर अकेली यात्रा करने वाली महिलाओं की मदद के लिए तैयार किया जा रहा है.
फिलहाल इस पर काम किया जा रहा है, जल्द ही यह रोल आउट होगा.
हेल्पलाइन के अंतर्गत आपातकालीन सहायता, साइबर क्राइम की रिपोर्ट, चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन, टेलीमानस सहित राजकॉप एसओएस की सुविधा दी गई है.
हेल्प लाइन नम्बरः
इसके अन्तर्गत नागरिकों को निम्न सुविधाएं दी गयी है.
हेल्प लाईन नम्बर :- महिला हेल्प लाईन (1090), आपातकालीन सहायता (112), साइबर क्राईम रिपोर्ट (1930), चाइल्ड हेल्प लाईन (1098) इन नम्बरों पर सीधे कॉल कर सहायता प्राप्त की जा सकती है.
टेली मानस :- यह फीचर नागरिक को ‘‘भारत के राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के टोल फ्री नम्बर पर ले जाता है. जो नागरिक को मानसिक स्वास्थ्य के सम्बन्ध में परामर्श प्रदान करता है.
राजकॉप एसओएस :- यह फीचर आम नागरिक को आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करता है. नागरिक जब इस पर क्लिक कर स्लाइड करता है तो उसकी लोकेशन के साथ सूचना कन्ट्रोल रूम को प्राप्त होती है और कन्ट्रोल रूम द्वारा त्वरित उस नागरिक को कॉल कर उसकी समस्या के बारे में जानकारी ली जाती है.