रीजनल थ्री आर एंड सर्कुलर इकॉनोमी फोरम में किए गए समझौते, हर शहर को मिलेंगे करीब 100 करोड़ रुपए, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित रीजनल थ्री आर एंड सर्कुलर इकॉनोमी फोरम में सिटीज 2.0 के तहत 14 राज्यों के 18 शहरों के लिए समझौते किए गए. जयपुर के राजस्थान इंटरनेशल सेंटर में रीजनल थ्री आर एंड सर्कुलर इकॉनोमी फोरम के बारहवें संस्करण की आज से शुरूआत की गई. इस तीन दिवसीय आयोजन के पहले दिन केन्द्र सरकार के कार्यक्रम सिटीज 2.0 के तहत केन्द्रीय शहरी मामलात मंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी में 14 राज्यों के 18 शहरों को लेकर समझौते किए गए. प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा, उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल और मध्य प्रदेश के शहरी  के शहरी विकास व आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद थे. आपको सबसे पहले केन्द्र सरकार के इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की विस्तार से देते हैं जानकारी--

CITIIS(सिटीज) का मतलब है सिटी इनवेंस्टमेंट टू इनोवेट,इंटीग्रेट एंड सस्टेन
केन्द्र सरकार के कार्यक्रम सिटीज 2.0 के तहत चयनित इन 18 शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन
और एकीकृत सफाई व्यवस्था के उद्देश्य से प्रोजेक्ट क्रियान्वित किए जाएंगे
इन प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन के लिए हर शहर को करीब 100 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए जाएंगे
इनमें प्रदेश के दो शहर जयपुर और उदयपुर शामिल किए गए हैं
इस कार्यक्रम के तीन घटक सिटी लेवल एक्शन,स्टेट लेवल एक्शन और नेशनल लेवल एक्शन हैं
सिटी लेवल एक्शन में 18 शहरों के 18 प्रोजेक्ट का चयन किया गया है
इस घटक की कुल लागत 1496 करोड़ रुपए है
अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्था से बतौर ऋण के रूप में ली जाने वाली इस राशि का भुगतान आधे-आधे अनुपात के तौर पर केन्द्र व राज्य सरकार करेंगे
स्टेट लेवल एक्शन के घटक की लागत 264 करोड़ रुपए है
इस राशि का उपयोग राज्य जलवायु केन्द्रों की स्थापना व उनके सुदृढ़ीकरण पर किया जाएगा
साथ ही राज्य व शहर स्तर पर जलवायु आकड़ों की वेधशालाएं स्थापित की जाएंगी
और शहरी निकायों की क्षमता संवर्धन पर भी यह राशि खर्च की जाएगी
नेशनल लेवल एक्शन घटक के लिए यूरोपियन यूनियन से 106 करोड़ रुपए का अनुदान लिया जाएगा
सिटी लेवल एक्शन घटक के तहत जिन 18 शहरों का चयन किया है
उनमें जयपुर व उदयपुर के अलावा श्रीनगर,बरेली,आगरा,मुजफ्फरपुर,गुवाहाटी,अगरतला,न्यू टाउन कोलकाता,
बिलासपुर,बेलागावी,राजकोट,उज्जैन,जबलपुर,पणजी,तिरूवनतपुर,मदुराई और थांजावुर शामिल हैं
इस घटक में करीब 1800 करोड़ रुपए की राशि समझौते किए गए
ये समझौते केन्द्र सरकार, राज्य सरकार, संबंधित स्मार्ट सिटी कंपनी और संबंधित शहरी निकाय के बीच किए गए 

इस एग्रीमेंट सेरेमनी के अवसर पर केन्द्रीय शहरी मामलात मंत्री मनोहरलाल खट्टर ने जानकारी दी कि शहरों में आपसी प्रतिस्पर्धा के लिए सुपर स्वच्छ लीग की शुरूआत की गई है. इस  सुपर स्वच्छ लीग में पिछले चार साल के स्वच्छता सर्वेक्षणों में चारो कैटेगिरी में पहले से तीन स्थान पर रहे शहरों को शामिल किया जाएगा. ऐसी चार सुपर स्वच्छ लीग का आयोजन होगा. इस लीग में पिछड़ने वाले शहरों को लीग से बाहर कर दिया जाएगा. ताकि वे इस लीग के लिए दुबारा खुद को योग्य बनाया जाए. इसी तरह लीग में शामिल शहरों के साथ ऐसे शहर भी जोड़े जाएंगे, जो सफाई की दृष्टि से काफी पिछड़े हुए हैं. लीग में शामिल शहर का आकलन खुद के स्वच्छता में प्रदर्शन के साथ ही जोड़े गए पिछड़े शहर के प्रदर्शन से भी किया जाएगा.