जल जीवन मिशन पर सदन में हंगामा, नेता प्रतिपक्ष व जलदाय मंत्री उलझे, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः राजस्थान विधानसभा में आज प्रश्न कल के दौरान फतेहपुर में जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर जबरदस्त हंगामा हुआ .विधायक हाकम और जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी में जमकर बहस हुई. इस बीच नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली इस मुद्दे पर बोलना चाहे तो विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने उन्हें रोक दिया इसके बाद कांग्रेस ने विरोध किया और सदन से प्रश्न काल की कार्यवाही का बाय कर दिया.

फतेहपुर से कांग्रेस के विधायक हाकम अली ने आज प्रश्न काल में उनके विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अंतर्गत होने वाले कार्यों का मुद्दा उठाया और कहा कि ठेकेदार व अधिकारियों की लापरवाही के चलते सड़कों का निर्माण नहीं हो रहा है. हाकम अली ने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने काम सबलेट कर दिया है और वहां कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं है जिससे शिकायत भी की जा सके. इस पर जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने कहा कि अगर कोई भी लापरवाही करेगा तो जांच कर के उसके खिलाफ कार्रवाई होगी. मंत्री ने विधायक से कहा कि वे फतेहपुर या सीकर के जलदाय विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर सकता है और अगर वहां पर भी सुनवाई ना हो तो मेरा मोबाइल हर समय चालू रहता है मुझसे संपर्क करें. इसी दौरान जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पूरक प्रश्न करना चाहा तो विधानसभा अध्यक्ष ने उनको रोक दिया इसके बाद कांग्रेस के विधायकों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया.

गतिरोध सदन के बाहर भीः
जल जीवन मिशन के मुद्दे पर सदन के अंदर उत्पन्न हुआ गतिरोध सदन के बाहर भी चला रहा. सदन के बाहर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि एक दलित नेता को विधानसभा अध्यक्ष व सरकार ने सदन में बोलने से रोक दिया ताकि सरकार के मंत्रियों की नाकामी उजागर ना हो. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि शायद मंत्री व ठेकेदार का गठजोड़ होगा तभी मंत्री ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की घोषणा नहीं कर रहे थे. इसके जवाब में मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने कहा कि मैंने सदन में उन सभी प्रश्नों का जवाब दिया जो विधायक ने पूछे थे लेकिन मुझे लगता है कि विधायक की मंशा यह थी कि मैं ठेकेदार से उनकी मीटिंग कर दो और फिर वही खेल शुरू हो जाए जो पिछले कांग्रेस कार्यकाल में था. 

आवाज उठाने से रोका जा रहाः
इस हंगामे  के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका माइक बंद करके जनता की आवाज उठाने से रोका जा रहा है. जूली ने कहा कि मंत्रियों के पास जवाब नहीं है और विधानसभा अध्यक्ष उनको बचाने में लगे हैं.