VIDEO: खनन क्षेत्र के विकास पर फोकस, MLPC द्वारा खनन पर राज्य स्तरीय सेमिनार, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: खान सुरक्षा अभियान और माइनिंग इंजीनियर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के जयपुर चैप्टर द्वारा गुरुवार को एक सेमिनार का आयोजन किया गया. इस सेमिनार में राजस्थान में जिम्मेदार खनन को बढ़ावा देने के लिए पर्यावरण मंजूरी (ईसी) प्रतिबद्धताओं की संभावनाओं का पता लगाने के लिए विषय विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की गई.  

 खनन क्षेत्र के विकास पर फोकस:

- इस सेमिनार का उद्देश्य राजस्थान में एक जिम्मेदार और टिकाऊ खनन क्षेत्र के लिए रणनीति विकसित करना है.
- खनन प्रथाओं के वैश्विक मानकों के अनुरूप ईसी अनुपालन तंत्र की समीक्षा करना और उसे मजबूत बनाना
- व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, तथा समूह व्यावसायिक प्रशिक्षण पर ध्यान केन्द्रित करते हुए EC के दायरे का अन्वेषण करना
- ईसी, सीएसआर पहल और सतत आजीविका कार्यक्रम के बीच तालमेल की खोज

इस सेमिनार में मुख्य अतिथि के तौर पर फर्स्ट इंडिया न्यूज़ के सीईओ और मैनेजिंग एडिटर पवन अरोड़ा शामिल हुए. खान मजदूरों के कल्याण के लिए अरोड़ा ने कहा कि इस क्षेत्र में बहुत काम करने की जरूरत है. इसके लिए कई विभागों को साझा प्रयास करने होंगे. खनन मजदूर और उनके बच्चे सामाजिक, आर्थिक व कानूनी रूप से कैसे सशक्त बनें इस दिशा में समन्वित प्रयास करने होंगे. खान विभाग मुख्य भूमिका में रहेगा लेकिन शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास व समाज कल्याण विभाग को भी अहम भूमिका निभानी होगी. पर्यावरणीय मंजूरी और वन विभाग से अनुमति की प्रक्रिया विभाग के स्तर पर ही पहले से हो जाए तो लीज धारकों को परेशानी नहीं होगी. खनन व्यवसाय से ज्यादा लोग जुड़ पाएं इसके लिए आमजन खासकर युवा उद्यमियों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है. अरोड़ा ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर फर्स्ट इंडिया न्यूज़ की तरफ से जल्द ही 'चैलेंजेज बिफोर माइनिंग इंडस्ट्री इन राजस्थान' विषय पर परिचर्चा आयोजित करने का आश्वासन दिया. इसके बाद सिलिकोसिस पीड़ितों से मुलाकात की, खान मजदूरों की विधवाओं द्वारा तैयार किए जा रहे वर्मी कंपोस्ट, बिलोना घी, शहद, मशरूम और रोहिडा की टहनियों से तैयार ऑर्गेनिक ट्री गार्ड भी देखे.

गुरुवार को सेमिनार में माइनिंग इंजीनियर एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के जयपुर चैप्टर के चेयरमैन ललित मोहन सोनी सीनियर एडवोकेट एनजीटी राहुल चौधरी,  इंटक के महासचिव जगदीश श्रीमाली, ईएमईएए के सीओओ संदीप रॉय और एमएलपीसी के सीईओ राणा सेन गुप्ता की मौजूदगी में जलवायु परिवर्तन, व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा, और सिलिकोसिस पीड़ितों के लिए आजीविका के अवसरों जैसे मुद्दों को संबोधित करने के लिए ईसी को एक उपकरण के रूप में उपयोग करना शामिल है. एमएलपीसी और माइनिंग इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एमईएआई) राजस्थान जयपुर चैप्टर खनन उद्योग में बाजार-संचालित समाधानों को प्रोत्साहित करने में रुचि रखते हैं, और उन्होंने खनन श्रमिक कल्याण बोर्ड जैसे महत्वपूर्ण नीति क्षेत्रों के साथ-साथ खनन में जिम्मेदार और टिकाऊ व्यावसायिक प्रथाओं पर चर्चा के माध्यम से पर्याप्त प्रगति करने के लिए सहयोग किया है.

ईसी प्रतिबद्धताएं उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर प्रदान करती हैं जिन पर हमारे संगठनों ने काम किया है. जैसे कि श्रमिकों का व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा, सीएसआर पहल और आजीविका के अवसर. सेमिनार में यह भी चर्चा की गई कि ईसी किस तरह से खनन क्षेत्र की जरूरतों के साथ व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए सरकारी संसाधनों के एकीकरण की सुविधा प्रदान कर सकता है.  इससे खनन समुदायों की भलाई में सुधार होगा और जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों को कम किया जा सकेगा.