VIDEO: राजस्थान में 5000 मेगावाट सोलर प्रोजेक्ट की राह तेज ! प्रोजेक्ट्स को धरातल पर लाने के लिए शुरू की कवायद

जयपुर: राजस्थान के ऊर्जा सेक्टर को ग्रीन एनर्जी में तब्दील करने के लिए भजनलाल सरकार तेजी से कदम आगे बढ़ा रही है.किसानों को दिन में बिजली देने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार से हाल ही में कुसुम कम्पोनेट ए में 5000 मेगावाट के जिन सोलर प्रोजेक्टस को मंजूरी मिली है, उन्हें धरातल पर उतारने के लिए बिजली कम्पनियों ने युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है.प्रोजेक्ट्स की प्रीफिक्स लेवलाइज्ड टैरिफ निर्धारण के लिए RERC में याचिका दायर की गई है, जहां से अनुमति मिलते ही टेण्डर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. सौर ऊर्जा को लेकर दुनियाभर की निगाहें राजस्थान पर टिकी है.

अब इसे सूर्यदेव की मेहरबानी कहे या ऊर्जा विभाग की टीम की मेहनत, जिसके चलते केन्द्र सरकार ने भी सोलर प्रोजेक्ट्स में प्रदेश को पहली प्राथमिकता पर रखा है.ये ही कारण है कि कुसुम ए में राजस्थान को देशभर का 65 फीसदी आवंटन किया गया है.डिस्कॉम के आंकड़ों को देखे तो कुसुम ए में 1500 मेगावाट के प्रोजेक्ट्स प्रक्रियाधीन है, जबकि हाल में आवंटित 5000 मेगावाट क्षमता के प्लांट लगाने के लिए राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग में याचिका दायर की गई है.राजस्थान डिस्कॉम प्रशासन ने प्रीफिक्स लेवलाइज्ड टैरिफ के लिए 3.04 रुपए का प्रस्ताव दिया है, जिस पर विनियामक आयोग जल्द ही अंतिम मुहर लगाएगा.

कुसुम ए में राजस्थान को देशभर का 65 फीसदी आवंटन !:
-केन्द्र से कुसुम कम्पोनेट ए में स्वीकृत प्रोजेक्ट्स से जुड़ी बड़ी खबर
-नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने देशभर में आवंटित किया 10 हजार मेगावाट
-इसमें से दो चरणों में सर्वाधिक 6500 मेगावाट के प्लांट राजस्थान को मिले
-इनमें से 1500 मेगावाट के प्लांट्स लगाने के लिए विभिन्न स्तर पर काम जारी
-जबकि 5000 मेगावाट के प्लांट्स के लिए RERC में प्रकरण विचाराधीन
-डिस्कॉम अधिकारियों की माने तो जैसे ही प्रीफिक्स लेवलाइज्ड टैरिफ होगी तय
-तत्काल प्रभाव से टेण्डर की प्रक्रिया को किया जाएगा शुरू

राजस्थान पर विशेष फोकस की वजह ये:
-पीएम नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2030 तक का रखा है लक्ष्य
-देश में क्लीन एनर्जी यानी अक्षय ऊर्जा का उत्पादन 500 गीगावाट तक बढ़ाने और
-वर्ष 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा से ऊर्जा आवश्यकता का 50 प्रतिशत पूरा करने तथा
-वर्ष 2070 तक देश को नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन तक ले जाने का तय किया गया लक्ष्य
-इन लक्ष्य की पूर्ति के लिए जो सोलर प्लांट लगाए जाने है, उनके लिए राजस्थान सबसे उपयुक्त स्थान

ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि केन्द्र सरकार की कुसुम योजना को लेकर राजस्थान में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है.सोलर निवेशकों के अलावा धरती पुत्र भी अपने खेतों में सोलर प्लांट लगाने के लिए बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे है.ये ही कारण है कि केन्द्र सरकार ने हाल ही में कुसुम कम्पोनेट ए के लिए राजस्थान को 5000 मेगावाट का आवंटन किया है.तय प्रक्रिया के तहत टेण्डर आमंत्रित करने से पहले विनियामक आयोग से टैरिफ अप्रूव करना जरूरी है.आयोग में याचिका दायर कर दी है, जहां से जैसे ही टैरिफ तय होगी, प्रोजेक्ट के लिए टेण्डर आमंत्रित किए जाएंगे.हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द ये प्लांट धरातल पर उतरे ताकि शतप्रतिशत किसानों को दिन के वक्त बिजली दी जा सके.