जयपुर: राजस्थान विधान सभा अब पेपर लेस विधानसभा के तौर पर जानी जाएगी. स्पीकर वासुदेव देवनानी के प्रयास रंग लाए. विधायकों ने नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन के माध्यम से ऑनलाइन पद्धति से कार्य की ट्रेनिंग ली. सोलहवीं विधानसभा के तीसरे सत्र के लिए विधायक विधान सभा सदन से संबंधित कार्यों में सूचना तकनीक का उपयोग करेंगे. सदन में विधायको की सीटों पर आइपेड लगाए है.
स्पीकर वासुदेव देवनानी ने राजस्थान विधान सभा को हाईटेक बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ाए है. सदन को नये कलेवर में तैयार किया गया है साथ ही सभी विधायको की सीटों पर आइपेड लगाये गये हैं. राजस्थान विधानसभा को पेपरलैस बनाने के नजरिए से ये बड़ा कदम है.
इसी सिलसिले में सोलहवीं विधानसभा के तृतीय सत्र से नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन नेवा लागू किया जाएगा. आज विधानसभा के विधायकों ने नेवा की ट्रेनिंग ली. पक्ष और विपक्ष के करीब 110विधायकों ने एप्लिकेशन के माध्यम से सदन से जुडी सभी जानकारी आईपेड पर देखने और चलाने सेजुड़ी ट्रेनिंग ली. विधायक मोबाइल से भी नेवा एप्लिकेशन एप द्वारा विधान सभा को ऑनलाइन प्रश्न प्रेषित कर सकते है. नेवा के तहत विधान सभा को प्राप्त हुए 800 से अधिक प्रश्न पहले ही प्राप्त हो चुके.
विधायकों ने स्पीकर देवनानी की पहल को सराहा.इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, देव स्थान मंत्री जोराराम कुमावत, सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, कालीचरण सराफ, विधायक रीटा चौधरी, गोपाल शर्मा, कैलाश वर्मा, हरीश चौधरी, लादू लाल पितलिया, शैलेंद्र दिगंबर सिंह, राजेंद्र मीणा, ताराचंद सारस्वत, राजेंद्र भादू, आदूराम मेघवाल, रोहित बोहरा समेत कई विधायकों ने ट्रेनिंग ली. BAP सांसद राजकुमार रोत भी अपने साथी विधायकों के साथ स्पीकर से मिले.