नई दिल्ली: अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 राज्यसभा में पेश कर दिया है. उन्होंने यह बिल पेश करते हुए कहा कि व्यापक चर्चा के बाद तैयार किए गए बिल को जेपीसी के पास भेज दिया गया था. वक्फ को लेकर जेपीसी ने जितना काम किया, उतना काम किसी कमेटी ने नहीं किया. देर रात तक चर्चा के बाद आज सुबह इस बिल को लोकसभा से पारित कर दिया गया. कई सदस्यों ने कहा कि संशोधनों के लिए जितना वक्त मिलना चाहिए था, नहीं मिला. बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने तय किया था कि इसे आज ही चर्चा के लिए लेना है.
उन्होंने कांग्रेस की सरकार के समय गठित कमेटियों और सच्चर कमेटी की सिफारिशों का भी जिक्र सदन में किया. किरेन रिजिजू ने कहा कि आप जो नहीं कर सके, वह करने की हिम्मत हमने दिखाई है और ये बिल लेकर आए हैं. आप इसका समर्थन करेंगे, ऐसी उम्मीद है. उन्होंने ये भी कहा कि हम कोई नया काम नहीं कर रहे, इतिहास गवाह है कि पहले भी ऐसा हुआ है और संशोधनों का इतिहास भी गिनाया.
आपको बता दें कि वक्फ संशोधन बिल आज राज्यसभा में पेश हो गया. इसके चर्चा के लिए 8 घंटे का वक्त मुकर्रर किया गया है. आज दोपहर 1 बजे के राज्यसभा में इस बिल पर चर्चा शुरू होगी. इस बिल पर सरकार की तरफ से जेपी नड्डा बोलेंगे. जरूरत पड़ने पर चर्चा के समय में बदलाव भी हो सकता है. बिल पर चर्चा के लिए कांग्रेस को करीब 45 मिनट का समय मिलेगा.
पार्टी के प्रमुख नेता वक्फ बिल के विभिन्न पहलुओं पर अपनी राय रखेंगे. राज्यसभा में मौजूदा समय सदस्यों की संख्या 236 है. बीजेपी के पास 98 और NDA के पास कुल सदस्यों की संख्या 115 है. 6 मनोनीत सदस्यों को शामिल करने के बाद आंकड़ा 121 तक पहुंच रहा है. जबकि राज्यसभा में बिल पारित करने के लिए 119 सदस्यों की जरूरत चाहिए. बता दें कि लोकसभा में कल 12 घंटे की चर्चा के बाद वक्फ संशोधन बिल पास हो गया. 520 सांसदों ने वोटिंग में भाग लिया. इस बिल के पक्ष में 288 सांसदों ने वोट डाला वहीं 232 ने विपक्ष में वोट डाला.