विधानसभा की कार्यवाही जारी; शहीद सैनिकों के परिवार कल्याण योजना को लेकर बोले राज्यवर्धन सिंह, सैनिक के सम्मान के लिए राज्य सरकार चिंता कर रही

विधानसभा की कार्यवाही जारी; शहीद सैनिकों के परिवार कल्याण योजना को लेकर बोले राज्यवर्धन सिंह, सैनिक के सम्मान के लिए राज्य सरकार चिंता कर रही

जयपुर: विधानसभा की कार्यवाही जारी है. रतनगढ़ पंचायत समिति में मनरेगा योजना में स्वीकृत कार्य को लेकर विधायक पूसाराम गोदारा ने सवाल लगाया. और ग्रेवल सड़कों से जुड़ा मामला उठाया. ग्राम पंचायत में सड़कों के प्रस्ताव बरसों से लंबित है. 130 एमएम बारिश में सड़कें खराब हुई है.

मंत्री ओटाराम देवासी ने जवाब देते हुए कहा कि  ग्रेवल सड़कों का काम शुरू कर दिया है. महात्मा गांधी नरेगा योजना में श्रमिकों रोजगार के माध्यम से रतनगढ़ से जुड़ी पंचायत समिति में पांच कार्य शुरू कर दिए है. छह कार्य अभी शुरू नहीं किए गए, रास्ते की समस्या है.

गोदारा ने कहा कि 2008 और 2015-16 में जो सड़कें स्वीकृत हुई थी वह अब तक नहीं बनी. आम आदमी का पैसा टैक्स के रूप में लिया जा रहा है. इसलिए सड़कों का लाभ भी मिलना चाहिए.

मंत्री ओटाराम देवासी ने जवाब देते हुए कहा कि कुछ कार्य रास्ता नहीं होने के कारण अभी शुरू नहीं हुआ है. लेकिन मैं जल्दी शुरू कराऊंगा.

शहीद सैनिकों के परिवार कल्याण के लिए योजना को लेकर सवाल :विधायक राजेंद्र 

विधायक राजेंद्र ने शहीद सैनिकों के परिवार कल्याण के लिए योजना को लेकर सवाल किया. 

मंत्री राज्यवर्धन सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि  CSD कैंटीन भारत सरकार खोलती है. नीतिगत निर्णय के अनुसार कृषि भूमिका आवंटन नकद पैसा विद्युत कनेक्शन आदि सुविधाएं सैनिक के सम्मान की बात की जा रही है तो राज्य सरकार चिंता कर रही है. हर तहसील में एक स्थान तय कर रहे हैं जहां उन सभी शहीदों का नाम आ जाए और सम्मान दिया जा सके.

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सवाल करते हुए कहा कि  कितने शहीद सैनिकों के परिवार को सहायता मिल चुकी है और कितने केस पेंडिंग ?

मंत्री का जवाब- दौसा के पांच बलिदानियों को सम्मान दिया जा चुका है. दौसा में पांच स्कूलों का नामकरण होना है यह सभी पेंडिंग हैं.

जूली का सवाल- अभी कितने केस पेंडिंग है जिन्हें लाभ नहीं दिया जा रहा ? कितने शहीद परिवार के केस पेंडिंग ?

मंत्री राज्यवर्धन सिंह का जवाब-  कोई भी केस पेंडिंग हो तो जल्दी से जल्दी उसका निस्तारण करवाया जाएगा.

स्वच्छ परियोजना अंतर्गत संचालित मां बाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं को लेकर सवाल: 

स्वच्छ परियोजना अंतर्गत संचालित मां बाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं को लेकर विधायक अनिल कुमार कटारा ने सवाल करते हुए कहा कि सामग्री नहीं पहुंच रही और काफी परेशानी आ रही है. घोटाले की बात भी सामने आ रही है.  गड़बड़ियों की जांच की मंशा सरकार रखती है या नहीं ?

मंत्री बाबूलाल खराड़ी का जवाब-  खाद्य सामग्री आपूर्ति की निविदा खत्म होने के कारण सहकारी उपभोक्ता भंडारों से खरीद कर देने के लिए लिखा गया है. जिला कलेक्टर डूंगरपुर में किसी संबंध में बैठक ली है. उपभोक्ता भंडारों को दरों का अनुमोदन करने के लिए लिखा है. उसके बाद मां बाड़ी केंद्रों पर आपूर्ति की गई और खाद्य सामग्री उपलब्ध है. मंत्री ने माना कि कुछ दिनों तक सामग्री नहीं पहुंची. हमारे विभाग को जानकारी मिली तो जांच के आदेश दिया है. जहां पर भी कमी रही उन्हें नोटिस जारी किया गया है. उन पर निश्चित रूप से उचित कार्रवाई जांच के बाद की जाएगी.

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा- 1 साल से कार्रवाई नहीं हुई सरकार का कोई मॉनिटर सिस्टम है. जो इस मामले में जांच की जाए या यह बताएं की जांच कैसे की जाती ? केवल नोटिफिकेशन से काम नहीं चलने वाला.  उस पर कार्रवाई होकर  सस्पेंड करें.

मंत्री का जवाब- हमने नोटिस दे दिया है जांच करेंगे.  जांच के बाद जो भी उचित कार्रवाई होगी वह करेंगे.