जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर का बड़ी चौपड़ आज फिर गवाह बना देश की आजादी से जुड़े पर्व को मनाने के लिए..हालांकि इस बार राजकीय समारोह उदयपुर में होने के कारण मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा यहां मौजूद नहीं थे. बीजेपी के मंच से उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने तिरंगा फहराया. शहर कांग्रेस के मंच से नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने झंडारोहण किया ,पीसीसी चीफ डोटासरा रहे मौजूद. बीजेपी अध्यक्ष ने संविधान के गौरव की बात कहने के साथ ही नरेंद मोदी और भजन लाल सरकार की उपलब्धियो को सामने रखा,वही नेता प्रतिपक्ष ने बीजेपी को संविधान विरोधी बताया.
चाहे सुखाडिया का सियासी युग हो या फिर भैरों सिंह शेखावत का गणतंत्र दिवस और स्वाधीनता दिवस के अवसर पर राजधानी जयपुर का हृदय स्थल कहे जाने वाले बड़ी चौपड़ एक अनूठी सियासत का साक्षी बनता है. यहां सत्ताधारी और विपक्षी दल परम्परानुसार झंडारोहण करते है. करीब 75सालों से यह परम्परा चली आ रही है. पहले झंडारोहण सत्तापक्ष की ओर से होता है और ठीक उसके बाद विपक्षी दल के नेता राष्ट्रीय ध्वज फहराते है. राजस्थान में सदैव दो ही दल प्रमुख रहे बीजेपी और कांग्रेस हाल ही में राज्य विधानसभा उप चुनाव संपन्न हुए थे और परिणामों के कारण बीजेपी नेता जोश में दिखे और विपक्ष पर प्रहार किए. परंपरा के अनुसार सत्ता पक्ष के मंच से मुख्यमंत्री ही ध्वज फहराते है लेकिन सरकारी समारोह इस बार उदयपुर में होने के कारण भजन लाल शर्मा ने राजधानी से बाहर झंडा रोहन किया. ऐसे में सत्ताधारी दल शहर बीजेपी के मंच से उप मुख्यमंत्री और जयपुर राजपरिवार की पूर्व राजकुमारी दिया कुमारी और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने झंडा रोहण किया.
सत्ता में आ गई. पिछले 30सालों से अधिक समय से राजस्थान में ऐसा ही चल रहा,एक बार बीजेपी सत्ता में और एक बार कांग्रेस..अब कांग्रेस विपक्ष में आ गई. बीजेपी और कांग्रेस दोनों अलग दिशाओं में तिरंगा फहराते है. मंच भी दोनों के समीप ही लगते है. यहां तिरंगा फहराने का कोड़ ऑफ कंडक्ट निर्धारित है. पहले सत्ता पक्ष और कुछ देर बाद ही विपक्ष के नेता झंडा फहराते है. सत्तापक्ष के मंच का मुंह रामगंज चौपड़ की ओर यूं कहे पूर्व की ओर देखता हुआ होता है, वहीं विपक्षी पार्टी के मंच का मुंह सांगानेरी गेट की ओर देखता हुआ रहता है. मुख्यमंत्री ही सत्तापक्ष की ओर से यहां झंडा फहराते आए है वहीं विपक्षी की ओर से नेता प्रतिपक्ष उधर कांग्रेस के मंच से परंपरानुसार नेता प्रतिपक्ष को झंडा फहराना होता है नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने झंडा फहराया . पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा समेत प्रमुख नेता मौजूद रहे.
BJP के मंच पर झंडारोहण के साक्षी बने सांसद मंजू शर्मा ,विधायक गोपाल शर्मा, विधायक बालमुकुंदा चार्य, हेरिटेज मेयर कुसुम यादव,शहर बीजेपी अध्यक्ष राघव शर्मा समेत प्रमुख नेता कांग्रेस के मंच पर थे महेश जोशी, प्रताप सिंह खाचरियावास, गोपाल मीना,वैभव गहलोत,शहर कांग्रेस अध्यक्ष आर आर तिवाड़ी, धर्मेंद्र राठौड़, कुलदीप इंदौरा, अश्क अली टॉक समेत प्रमुख नेता खास बात यह कि बड़ी चौपड़ पर झंडारोहण कार्यक्रम का आयोजन दोनों दलों की जिला यूनिट करती है. बहरहाल सियासी संदेशों से परे छोटी काशी के ह्र्दय में बसे बड़ी चौपड़ पर लहराता तिरंगा कौमी एकता का संदेश देता है ,यहीं आजादी की मूल भावना है. जिसे दलों की दिवारों को तोड़कर जयपुर का बड़ी चौपड़ बरसों से निभा रहा.