उदयपुर: अखिल भारतीय राज्य जल मंत्रियों का सम्मेलन उदयपुर में आयोजित किया गया. राष्ट्रीय जल मिशन, जल शक्ति मंत्रालय की ओर से यह सम्मेलन आयोजित हुआ. सम्मलेन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शिरकत की. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जल प्रबंधन की दिशा में कार्य करने के लिए पारदर्शिता जरूरी है. वर्षा जल को सहजने का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया:
इस मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जल शक्ति मंत्रालय बनाने पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया. देश में जल की समस्या को समझते हुए उसके समाधान के लिए मंत्रालय का गठन किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से जल देश के सभी राज्यों का समग्र विषय', 'कम होते जंगल, सिकुढ़ती नदियां और घटते पहाड़ देश में पर्यावरण के अनुकूल नहीं है. जल मंत्रियों की कार्यशाला का राजस्थान में होना बेहद शुभ शगुन है. प्रदेश के 17 जिलों में सिंचाई के लिए मिली राम सेतु जल परियोजना राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण है.
राजस्थान में एक-एक बूंद सहेजने की परंपरा सदियों पुरानी:
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि देश के हर घर तक जल पहुंचने के लिए जल जीवन मिशन एक भागीरथी प्रयास है. जल संरक्षण और संवर्धन की दिशा में केंद्र सरकार से मिल रहे प्रयास के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि देश में सभी राज्यों का आपसी सहयोग इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा. राजस्थान में एक-एक बूंद सहेजने की परंपरा सदियों पुरानी है, जहां पानी होगा वहां विकास होगा. जल का महत्व सृष्टि के सृजन से ही है. जल प्रबंधन के लिए एक सुव्यवस्थित रोड मैप की आवश्यकता है. कार्य योजना का निर्माण आगामी कई वर्षों के लिए होना चाहिए. ताकि जनसंख्या के बढ़ते अनुपात के साथ तालमेल बिठाया जा सके.
त्रिपुरा में होगा अगला जल सम्मेलन:
कार्यक्रम को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने संबोधित किया. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सुझाई गई कैच द रेन योजना का जिक्र किया. जल संरक्षण और संवर्धन में जन भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही. केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने कहा कि धन संचय से ज्यादा जरूरी है जल का संचय. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय देश में नदियों को जोड़ने का कार्य हुआ था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की तारीफ की. केंद्रीय मंत्री सीआर पाटील ने घोषणा करते हुए कहा कि अगला जल सम्मेलन त्रिपुरा में होगा. जल संचय को लेकर डूंगरपुर में हुए प्रयासों की भी केंद्रीय मंत्री ने तारीफ की.