कांग्रेस संगठन में अब होंगे बड़े बदलाव, कईं राज्यों के बदले जाएंगे पीसीसी चीफ और प्रभारी

जयपुरः दिल्ली चुनाव समाप्त होने के बाद कांग्रेस पार्टी का पूरा फोकस संगठन की मजबूती पर रहेगा. कर्नाटक में कांग्रेस वर्किंग कमेटी बैठक में किए गए प्रस्ताव के मुताबिक संगठन में अब बड़े बदलाव किए जा सकते हैं. कईं राज्यों के पीसीसी चीफ बदले जाएंगे तो कईं राज्यों के प्रभारी भी बदले जा सकते हैं. वहीं अशोक गहलोत,भूपेश बघेल औऱ भूपेन्द्र हुड्डा जैसे दिग्गज नेताओं को नई और अहम जिम्मेदारी भी मिल सकती है. 

आखिरकार कांग्रेस संगठन में बदलाव की घड़ी अब नजदीक आ गई है. दिल्ली चुनाव निपटने के बाद कांग्रेस हाईकमान संगठन में फेरबदल औऱ बदलाव के टास्क को अंजाम देगा. कर्नाटक के बेलगावी में हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी बैठक में अगले 100 दिन में संगठन में नियुक्तियां और बदलाव करने का अहम प्रस्ताव पारित हुआ था. 100 दिन की मियाद 31 मार्च को समाप्त हो रही है. ऐसे में संभावना है कि इसी माह या फिर अगले माह बदलाव औऱ फेरबदल की सूचियां सामने आ सकती है. AICC,अग्रिम संगठनों और राज्यों इकाइयों में ये बदलाव हो सकते हैं. 

-कांग्रेस संगठन में होंगे बड़े बदलाव-
कईं राज्यों के बदले जाएंगे पीसीसी चीफ
उड़ीसा,छत्तीसगढ़,हरियाणा,महाराष्ट्र और बिहार को मिलेंगे नए प्रदेशाध्यक्ष
कईं राज्यों के बदले जाएंगे AICC प्रभारी
हरियाणा में होगी नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति
अग्रिम संगठन,विभागों और प्रकोष्ठों में होगी नियुक्तियां
हिमाचल प्रदेश और बंगाल में पेंडिंग प्रदेश कांग्रेस कमेटियों का होगा गठन
AICC में कईं नेताओं को किया जाएगा शामिल
अशोक गहलोत,भूपेन्द्र हुड्डा और भूपेश बघेल जैसे नेताओं को मिल सकती है नई जिम्मेदारी
नए राष्ट्रीय प्रवक्ताओं की होगी नियुक्तियां

इसके अलावा संगठन में खाली पड़े अन्य पदों पर भी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरु होगी. साथ ही राज्यों में भी खाली पड़े पद भरे जाएंगे. बात राजस्थान की करें तो यहां भी कईं बदलाव देखने को मिल सकते हैं. प्रदेश महिला कांग्रेस को नई मुखिया मिलेगी. साथ ही बाड़मेर और अजमेर देहात को नए जिलाध्यक्ष मिलेंगे. इसके अलावा पिछले चार से भंग पड़े प्रकोष्ठ और विभाग भी गठित किए जाएंगे. इसके अलावा पीसीसी टीम में भी बदलाव हो सकता है जिसके तहत निष्क्रिय पदाधिकारियों की छुट्टी हो सकती है फिर नए पदाधिकारियों को टीम डोटासार में जगह मिल सकती है. 

कांग्रेस में लंबे समय से संगठन में फेरबदल और बदलाव करने की अटकले चल रही थी. लेकिन पहले हरियाणा, फिर महाराष्ट्र और अब दिल्ली चुनाव के चलते संगठन मजबूती का काम अटकता चला गया. लेकिन अब दिल्ली के चुनाव के बाद सितंबर तक किसी भी राज्य में चुनाव नहीं है. लिहाजा अब कांग्रेस हाईकमान संगठन मजबूती के टास्क को पूरा करने में जुट जाएगा.