जयपुर: कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की इस दौरान कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि जिन्होंने अपने पेट में गोलियां खाई ऐसी महान प्रधानमंत्री और वो इस सदन की सदस्य नहीं, उनके लिए गैर जिम्मेदाराना बोलना ये सही नहीं है. हमारी मांग इतनी सी थी कि वो मंत्री माफी मांगे जिन्होंने इंदिरा जी के खिलाफ अनर्गल अमर्यादित बात कही है.
हमारे नेताओं ने सदन में खेद प्रकट कर दिया. फिर भी सरकार ने और किसी मंत्री ने खेद प्रकट करने की दिशा में कोई पहल नहीं की. हमारे नेताओं को अपमानित करने, अमर्यादित टिप्पणी करने, ये नैतिकता नहीं है. कांग्रेस विधायक दल नेता प्रतिपक्ष की अगुवाई में एक साथ है.
ये झगड़ा है बीजेपी की अंतर्कलह का :गोविंद सिंह डोटासरा
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि हम राहुल गांधी के बब्बर शेर हैं, डरने वाले नहीं है. मेरे खिलाफ तो चार सालों से आरोप लगा रहे हैं. ये खुद ही डेड लॉक करके बैठ गए हैं. इंदिरा गांधी जी पर अमर्यादित शब्द बोलने वाले मंत्री को माफी मांगनी चाहिए. ना ही असंसदीय शब्दों को डिलीट किया गया है.
मैं आसन से चार फीट दूर था.अगर मैंने आसन का अपमान किया तो बता दे वीडियो फुटेज ,जारी कर दे. लेकिन ये नहीं कर पाए, मेरा कार्यवाही में रिकॉर्ड देख लीजिए. सम्पूर्ण घटनाक्रम पर खेद प्रकट कर दीजिए. मैंने स्व प्रेरित कहा कि मंत्री माफी मांग लें तो मुझे भी स्पेसिफिक कहने में कोई दिक्कत नहीं है. हमारा विरोध लोकतांत्रिक है. स्पीकर के कक्ष में मंत्री के माफी मांगने पर बात हुई थी. ये झगड़ा बीजेपी की अंतर्कलह का है.
हम राहुल गांधी के बब्बर शेर हैं, डरने वाले नहीं है :टीकाराम जूली
वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि मंत्री की जो लैंग्वेज थी वो व्यंग्यात्मक थी. पिता तुल्य कहना बाप कहने में यही फर्क हो जाता है. सदन में मंत्री जवाब नहीं दे पा रहे हैं. बीजेपी के विधायक ही संतुष्ट नहीं है. मार्शल्स से हम डरने वाले नहीं है. डायस पर हम गुहार लगाने गए थे. हमारे पास रास्ता विरोध का ही बचता है. सदन चलाने में हम सहयोग के लिए तैयार है,. डोटासरा जी ने तीन बार कहा है हमें खेद है.