डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने की सड़क परियोजनाओं की समीक्षा, कहा- राजस्थान हाउस में राजस्थानी स्थापत्य कला की दिखी झलक, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने मंगलवार को निर्माण भवन में आयोजित प्रदेश की सड़क एवं विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा बैठक ली. उन्होंने निर्देश दिए है कि दिल्ली में निर्माणाधीन राजस्थान हाउस में राजस्थानी स्थापत्य और कला की जीवन्त तस्वीर दिखनी चाहिए. 

उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि पिछली सरकार में वहां सुस्त काम हुआ और इटालियन सामग्री ज़्यादा दिखाई दे रही थी. इसमें राजस्थानी सामग्री का अधिकतम उपयोग होना चाहिए, क्योंकि यह इटली का नहीं राजस्थान का हाउस है.उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के नाम से देश की राजधानी में बनने वाले भवन में राजस्थान की सभी महत्वपूर्ण कलाओं, राजस्थान की निर्माण सामग्रियों का उपयोग करके एक ऐसा भवन बनाया जा रहा है, जो देश और विदेश से आने वाले लोगों में प्रदेश की विरासत की अमिट छाप छोडे़. उपमुख्यमंत्री  निर्माण भवन में आयोजित प्रदेश की सड़क एवं विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रही थी. उन्होंने एनएचएआई की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए 200 फिट बाईपास सहित, जयपुर शहर की ट्रैफिक समस्या के समाधान हेतू कार्ययोजना बनाने एवं उसे तत्काल लागू करने के निर्देश दिए हैं. इसके अतिरिक्त प्रदेश में चल रही विभिन्न रिंग रोड़ परियोजनाओं, ब्लैक स्पाट्स  का निराकरण, दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेस वे, अमृतसर-जामनगर इकोनोमिक कोरीडोर आदि की भी उन्होंने बिन्दुवार समीक्षा की.

उपमुख्यमंत्री ने सीआरआईएफ योजना, राजस्थान स्टेट हाईवे अथॉरिटी, आरएसआरडीसी, पीएमजीएसवाई सहित विभिन्न घटकों की प्रगति की समीक्षा की. अधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री को बताया कि पीएमजीएसवाई चतुर्थ के तहत प्रदेश की 1630 बसावटों को पक्की सड़कों से जोड़ा जाना प्रस्तावित है, जिनके सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है. इसके साथ राजस्थान स्टेट हाईवे ऑथेरिटि के स्वीकृत 19 कार्यो में से 15 पूर्ण किए जा चुके है तथा शेष 4 अक्टूबर 2025 तक पूर्ण किया जाना सम्भावित है. समीक्षा बैठक में बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए समय पर कार्य पूरा करवाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए. उन्होनें कहा कि वन विभाग या अन्य किसी विभाग सहमति नहीं मिलने सहित विभिन्न कारणों से जो परियोजनायें लम्बित है, उनमें संबंधित विभागों के साथ नियमित बैठक कर परियोजना को पूर्ण करवायें. उन्होंने निर्देश दिए है कि जो अधिकारी समय पर काम पूरा नहीं करवाये उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जायें. 

इस दौरान राज्य मंत्री डॉ. मजू बाघमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता, शासन सचिव डी आर मेघवाल, मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त सचिव टी सी गुप्ता सहित सभी मुख्य अभियंता, अतिरिक्त मुख्य अभियंता एवं वीसी के माध्यम से सभी अधीक्षण अभियंता मौजूद रहे.