जयपुर: हिन्दू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास साल का आख़िरी महीना होता है. 13 फरवरी से शुरु हो जाएगा और 14 मार्च तक रहने वाला है. आमतौर पर यह महीना आनंद और उल्लास का महीना माना जाता है. इस महीने से ग्रीष्म ऋतु यानी गर्मियों के मौसम की शुरुआत होने लगती है. मान्यता है कि बसंत ऋतु होने की वजह से इस महीने में लोगों के प्रेम संबंधों एवं व्यक्तिगत संबंधों में सुधार होने लगता है. पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की इस वर्ष गुरुवार 13 फरवरी 2025 से शुरुआत होगी. वहीं शुक्रवार 14 मार्च 2025 तक रहेगा. यह महीना विशेष रूप से धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है. फाल्गुन मास को समाप्त होने के बाद हिंदी नव वर्ष की शुरुआत होती है. इस मास में मां लक्ष्मी, भगवान शिव, श्रीकृष्ण और चंद्रदेव की पूजा की जाती है. इसलिए यह महीना भक्ति, साधना और पुण्य कार्यों के लिए बहुत शुभ माना जाता है.
फरवरी में माघ और फाल्गुन:
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि खास बात ये है कि फरवरी में हिंदी कैलेंडर के मुताबिक 12 फरवरी तक माघ मास रहेगा. इस तिथि तक आने वाले तीज-त्योहार माघ माह की परंपरानुसार होंगे, जबकि 13 तारीख से फाल्गुन महीना शुरू हो जाएगा. इसके बाद के त्योहारों में तिल के बजाय मेवा और मिठाइयों का भोग लगेगा और मंदिरों में भगवान का श्रृंगार भी बदल जाएगा. इस महीने तीर्थ स्नान और अन्य परंपराओं में भी बदलाव होने लगेगा.
शिवलिंग पर जल चढ़ाएं:
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि इस माह के दौरान सफ़ेद वस्तुओं का दान करना बेहद शुभ माना गया है. आप सफेद फूल, दही, शंख, चीनी, चावल, सफेद चंदन, सफेद कपड़े आदि का दान कर सकते हैं. इस महीने प्रत्येक सोमवार के दिन भगवान शिव के लिए व्रत रखें. इस माह की पूर्णिमा तिथि को चंद्र देव के दर्शन करते हुए चंद्रमा के मंत्रों का उच्चारण करें. ये महीने शिव को विशेष प्रिय होता है. इसलिए प्रतिदिन शिवलिंग पर जल चढ़ाएं.
फाल्गुन मास में करें ये शुभ काम:
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि इस माह में भगवान शिव का रुद्राभिषेक और श्रीकृष्ण के भजन-कीर्तन करने से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है. फाल्गुन मास में अन्न, वस्त्र, गुड़, चावल और तिल का दान करने से विशेष लाभ मिलता है. इसके साथ ही यह महीना साधना और संयम के लिए बहुत शुभ होता है. इसलिए सात्विक भोजन और ध्यान करना लाभकारी होता है. रंगों का यह त्योहार प्रेम और सौहार्द बढ़ाने का संदेश देता है, इसलिए इसे हर्षोल्लास से मनाना चाहिए. फाल्गुन मास आध्यात्मिकता, धार्मिक अनुष्ठानों और उत्सवों से परिपूर्ण होता है. इस माह में भक्तिभाव से पूजा-पाठ और दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है. यह महीना नई ऊर्जा और सकारात्मकता से भरपूर होता है, जो जीवन में खुशहाली लाने का संदेश देता है.
महाशिवरात्रि:
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित महाशिवरात्रि मनाई जाती है. इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है. इस वर्ष महाशिवरात्रि 26 फरवरी, दिन बुधवार को पड़ रही है.
होलाष्टक:
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि होली के ठीक 8 दिन पहले होलाष्टक आरंभ होते हैं और होलिका दहन तक रहते है. यहां ध्यान देने की बात यह है कि इन आठ दिनों के दौरान किसी भी तरह का शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है. इस बार फाल्गुन महीने में होलाष्टक 7 मार्च से शुरू होकर 14 मार्च तक चलेंगे.
होलिका दहन:
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि 13 मार्च यानि फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को व्रतादि की पूर्णिमा और होलिका दहन भी किया जाएगा.
होली :
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि फाल्गुन महीने के आखिरी दिन यानि 14 मार्च शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को स्नान-दान की पूर्णिमा मनाई जाएगी और आपसी सौहार्द का त्यौहार होली भी मनाई जाएगी यानि रंगों से होली खेली जाएगी.
फाल्गुन में त्योहार
• 16 फरवरी 2025 - द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी
• 20 फरवरी 2025 - शबरी जयंती
• 21 फरवरी 2025 - जानकी जयंती
• 24 फरवरी 2025 - विजया एकादशी
• 25 फरवरी 2025 - प्रदोष व्रत
• 26 फरवरी 2025 - महाशिवरात्रि
• 27 फरवरी 2025 - फाल्गुन अमावस्या
• 1 मार्च 2025 - फुलैरा दूज, रामकृष्ण जयंती
• 3 मार्च 2025 - विनायक चतुर्थी
• 10 मार्च 2025 - आमलकी एकादशी
• 11 मार्च 2025 - प्रदोष व्रत
• 13 मार्च 2025 - होलिका दहन, फाल्गुन पूर्णिमा व्रत
• 14 मार्च 2025 - होली, मीन संक्रांति, चंद्र ग्रहण
विवाह शुभ मुहूर्त
फरवरी: 13, 14, 15, 18, 19, 20, 21, 25
मार्च: 3, 5, 6, 7, 11, 12, 13, 14