निजी बस चालकों से अवैध वसूली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 4 सदस्यों को किया गिरफ्तार, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुर {सत्यनारायण शर्मा}: जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की वेस्ट जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए निजी बस चालकों और कंडक्टरों से अवैध वसूली करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने गिरोह के सरगना सहित चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है. गिरोह को राशि नहीं देने वाले चालकों की बस पर गिरोह के सदस्यों द्वारा पथराव किया जाता और यात्रियों की जान को भी खतरे में डाला जाता. गिरोह के खौफ के चलते अब तक किसी भी बस चालक या कंडक्टर द्वारा पुलिस में शिकायत तक नहीं दी गई. पुलिस को चौमू पुलिया पर प्राईवेट बस चालकों और कंडक्टरों से अवैध वसूली करने वाले संगठित गिरोह के बारे में सूचना मिली. जिस पर एक स्पेशल टीम का गठन किया गया और टीम ने कार्रवाई करते हुए झोटवाड़ा थाने में एफआईआर दर्ज कर कर गिरोह के सरगना भगवान सिंह व सदस्य श्याम वीर सिंह, विक्रम सैन उर्फ विक्की उर्फ बोगी और दिलिप सिंह को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध वसुली के 45360 रुपए, 1 चाकु और एक स्कार्पियो कार जप्त की है.

जयपुर की वेस्ट पुलिस ने एक स्टिंग ऑपरेशन करते हुए पिछले 15 सालों से चल रहे अवैद्ध वसूली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है. पुलिस अधिकारियो की माने तो अवैध वसूली की सूचना पर पुलिस की स्पेशल टीम ने गोपनीय रूप से रेकी करते हुए सूचना की तस्दीक की और संगठित गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई. स्पेशल टीम ने 28 और 29 मार्च को चौमू पुलिया व उसके आसपास के क्षेत्र में रेकी करते हुए स्पाई गेजेट्स की मदद से गिरोह के सभी बदमाशों के द्वारा की जा रही अवैध वसूली के कृत्य की रिकार्डिंग की. इस दौरान गिरोह के सदस्यों द्वारा चौमू पुलिया पर सवारी लेने के लिए रुकने वाली प्राइवेट बसों से प्रति बस 50-100 रुपए वसूलना सामने आया. पैसे नहीं देने पर गिरोह के सदस्यों द्वारा जान से मारने की धमकी दी जाती और चौमू पुलिया से आगे सामोद तक जहा भी मौका मिलता वहां हमला करते हुए बसों पर पत्थर फेंके जाते. है. बस मालिक, चालक और कंडक्टर अपने बस के धंधे के मध्य नजर व माफियाओं की कई वर्षों से दहशत होने के कारण गिरोह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने से डरते. यह गिरोह संगठित तौर पर कई सालों से कार्य कर रहा था और सभी प्राईवेट बस चालक और कंडक्टर इनसे बुरी तरह घबराए हुए थे. अवैध वसूली करने वाला यह गिरोह शिफ्ट में काम कर रहा था, जिसमें हर शिफ्ट में अलग–अलग व्यक्तियों की ड्यूटी लगाई जाती.

शिफ्ट में करते है यही कामः
पुलिस ने गिरोह पर कार्रवाई करते हुए चौमू पुलिया पर बसों से अवैध वसूली कर रहे श्याम वीर सिंह को मौके से गिरफ्तार किया. आरोपी ने पूछताछ में बताया की वह और उसके दो अन्य साथी विक्रम सैन व दिलिप सिंह भी शिफ्ट में यही काम करते हैं. गिरोह के सदस्य गिरोह के सरगना भगवान सिंह चांडी और बिजेन्द्र सिंह उर्फ बिजू सिंह के लिए काम करते है. पुलिस ने आरोपी श्याम वीर सिंह के पास से अवैध रूप से वसूली के करीबन 6 हजार रुपए नगद और एक काले रंग का चाकू बरामद किया. साथ ही आरोपी के दो अन्य साथियों के मोबाईल नम्बर प्राप्त कर तकनीकि सहायता से आरोपी विक्रम सैन उर्फ विक्की उर्फ बोगी को गिरफ्तार कर उसके पास से अवैध रूप से वसूली के 6450 रुपए नगद बरामद किए. वहीं तीसरे आरोपी दिलिप सिंह को तकनीकि सहायता से गिरफ्तार कर उसके पास से अवैध रूप से वसूली के 5810 रुपए नगद बरामद किए. पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी श्याम वीर सिंह और विक्रम सैन के द्वारा प्राईवेट बसों से की जा रही अवैध वसूली को भगवान सिंह चांडी को देना बताया गया. साथ ही आरोपी दिलीप सिंह के द्वारा बसों से की जा रही अवैध वसूली को बिजेन्द्र सिंह उर्फ बिजू को देना बताया गया. जिस पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भगवान सिंह को गिरफ्तार किया. जिसके पास से अवैध वसूली के 27260 रुपए और एक स्कॉर्पियो बरामद की गई. फिलहाल पुलिस फरार चल रहे बिजेंद्र सिंह उर्फ बिजू की तलाश कर रही है.

पिछले 15 साल से एक्टिव:
पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किए गए संगठित गिरोह से लगातार पूछताछ की जा रही है. गिरोह पिछले 15 साल से एक्टिव था जो हर महीने 8 से 10 लाख रुपए केवल चौमू पुलिया स्थित प्वाइंट से वसूल रहा था. इसके अलावा गिरोह द्वारा और कितने पॉइंट पर इसी तरह से अवैध वसूली की जा रही थी इसके संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है. इसके साथ ही गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों को आईडेंटिफाई कर उन्हें भी गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है.