जयपुरः खनन विभाग बजट घोषणाओं की समयवद्ध क्रियान्वयन की रणनीति बनाने में जुट गया है. प्रमुख सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त ने विभाग को बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन के संबंध में एक्टिव मोड़ पर लाते हुए 2025-26 की बजट घोषणाओं के संबंध में विभागीय स्तर पर आवश्यक प्रस्ताव व कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं.
यह पहला मौका है जब जयपुर में एक्सीलेंस सेंटर, उदयपुर में इंस्टीट्यूट ऑफ माइंस और जोधपुर में एमबीएम यूनिवर्सिटी में पेट्रो केम्पस की स्थापना के साथ ही राजस्थान मिनरल एक्सप्लोरेशन लि. के गठन की घोषणा से माइंस सेक्टर को नई दिशा, एक्सप्लोरेशन को गति और नई पीढ़ी को खनन क्षेत्र के नवीनतम शोध-अध्ययन से रुबरु होने का अवसर मिलेगा. प्रमुख सचिव माइंस टी. रविकान्त ने सचिवालय में एमडी आरएसएमएम भगवती प्रसाद कलाल, निदेशक माइंस दीपक तंवर, जेएस माइंस आशु चौधरी व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअली बैठक में बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन के संबंध में निर्देश दिए. गौरतलब है कि बुधवार को बजट घोषणा के तत्काल बाद दूसरे दिन ही वीसी के माध्यम से आवश्यक निर्देश देकर माइंस विभाग को एक्टिव मोड़ पर लाया गया है. टी. रविकान्त ने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा स्वयं माइंस मंत्री भी है और उनके मार्गदर्शन में प्रदेश में माइंस सेक्टर के सभी पहलूओं का समावेश करते हुए बजट घोषणाएं की गई है और इससे प्रदेश में खनिज खोज-खनन, शोध एवं विकास, युवाओं को खनन क्षेत्र में विशेषज्ञता अध्ययन सहित नए कार्यों को नई दिषा मिलेंगी व प्रदेश में खनन क्षेत्र में एक्सप्लोरेशन, निवेश, राजस्व व रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे. बजट घोषणाओं को तीन भागों में विभाजित करते हुए रोडमेप बनाया जा रहा है. एक वह घोषणाएं जिनके क्रियान्वयन पर वित्तीय भार नहीं पड़ेगा और विभागीय स्तर पर ही परीक्षण कर प्रशासनिक व विधिक आदेश जारी किए जा सकेंगे. दूसरी वह घोषणाएं जिनके लागू करने पर सरकार पर वित्तीय भार तो नहीं पड़ेगा पर वित व कार्मिक आदि अन्य विभागों से सहमति ली जानी होगी.
राज्य सरकार को भिजवाए जाएंगे प्रस्तावः
उन्होंने कहा कि तीसरी कैटेगरी में वह घोषणाएं हैं जिनको लागू करने पर सरकार पर वित्तीय भार पड़ेगा. रविकान्त ने कहा कि तीनों कैटेगरी की सभी घोषणाओं का परीक्षण कर कार्रवाई तत्काल शुरु कर दी जाएं. राजस्थान मिनरल एक्सप्लोरेशन लिमिटेड के गठन की आवश्यक रुपरेखा शीघ्र ही तैयार कर ली जाएगी. निदेशक माइंस दीपक तंवर ने बताया कि बजट घोषणाओं के समयवद्ध क्रियान्वयन की आवश्यक कार्ययोजना तैयार कर राज्य सरकार को प्रस्ताव भिजवाए जाएंगे. संयुक्त सचिव माइंस आशु चौधरी ने बताया कि बजट घोषणाओं को क्रियान्वयन के अनुसार वर्गीकृत करने की आवश्यक कार्यवाही आरंभ कर दी गई. बैठक में अतिरिक्त निदेशक महेश माथुर, पीआर आमेटा, वाईएस सहवाल, मुख्यकार्यकारी अधिकारी आरएसएमईटी एनपी सिंह, निदेशक पेट्रोलियम अजय शर्मा, एसएमई मेजर भीम सिंह, जयपुर एनएस शक्तावत, ओएसडी श्रीकृष्ण शर्मा, एसजी सचिवालय सुनील कुमार वर्मा, एमई उदयपुर आसिफ अंसारी आदि ने आवष्यक सुझाव दिए.