जयपुर : संघ प्रमुख मोहन भागवत असम के दौरे पर है. जहां उन्होंने कार्यकर्ता मिलन समारोह में हिस्सा लिया. इस दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि जहां-जहां संघ है वहां हिन्दुओं के जल, जमीन, मकान, मंदिर और श्मशान सभी की रक्षा हमें करनी है.
उन्होंने कहा कि स्वदेशी आचरण अपनाना जरूरी है. 'हमें स्वदेशी का आचरण करना है. हमारे देश के अंदर हम अंग्रेजी क्यों बोलेंगे. हमें अपनी मातृभाषा बोलनी चाहिए. जहां अंग्रेजी की आवश्यकता है. उसको वहां बोलेंगे लेकिन हमें स्वदेशी आचरण अपनाना चाहिए.
परिवार में भारतीय मूल्यों को बढ़ावा देने से समाज सही दिशा में आगे बढ़ेगा. हमें एकता को बढ़ावा देने पर बल देना होगा. उन्होंने आगे कहा कि समाज में विभिन्न जातियों, मतों, क्षेत्रों और भाषाओं के बीच मित्रता और एकता को बढ़ावा देने के महत्व पर बल देना चाहिए.
ताकि एक समरस समाज का निर्माण किया जा सके. अपने परिवार में भारतीय मूल्यों को बढ़ावा देना चाहिए. समाज को सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए मार्ग प्रदान करेगा. सभी हिन्दू मंदिरों, जलाशयों और श्मशान भूमि को आपसी सहयोग के माध्यम से उपयोग करना चाहिए.