'पावणों का प्रदेश' राजस्थान, 'भजन' सरकार में पर्यटन का 'दीया' रोशन, बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड

जयपुरः राजस्थान, जिसे 'पावणों के प्रदेश' के रूप में जाना जाता है, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, ऐतिहासिक स्थलों और अद्भुत परिदृश्यों के साथ दुनिया भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है. राज्य ने 2024 में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया, जब पर्यटकों की संख्या ने 23 करोड़ का आंकड़ा पार किया. यह वृद्धि राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र की ताकत और समृद्धि को दर्शाती है, और इसके पीछे कई महत्वपूर्ण कारक हैं, जिनमें सरकार की नीतियां, प्रचार-प्रसार, और पर्यटकों के आकर्षण को बढ़ाने वाली पहल शामिल हैं. एक रिपोर्ट:

'भजन' सरकार में पर्यटन का 'दीया' हुआ रोशन
राजस्थान सरकार ने पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं और परियोजनाएं शुरू कीं. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के विजन में राज्य सरकार ने पर्यटन क्षेत्र को एक नई दिशा देने की कोशिश की, जिसके परिणामस्वरूप पर्यटन की नई ऊँचाइयों को छुआ गया. 'पधारो म्हारे देश' की प्रसिद्ध थीम के साथ राज्य के पर्यटन को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है. सरकार के विजन के परिणामस्वरूप राजस्थान ने न केवल घरेलू, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को भी आकर्षित किया है.

'फर्स्ट इंडिया न्यूज़' के दिए स्लोगन 'नो ऑफ सीजन, आल सीजन ट्यूरिज्म सीजन' की प्रमोशन में अहम भूमिका
'फर्स्ट इंडिया न्यूज़' ने राज्य के पर्यटन को प्रमोट करने के लिए जो स्लोगन 'नो ऑफ सीजन, आल सीजन ट्यूरिज्म सीजन' दिया, वह सच में महत्वपूर्ण साबित हुआ है. यह स्लोगन इस बात को प्रकट करता है कि राजस्थान में हर मौसम में पर्यटकों के लिए कुछ न कुछ खास होता है, चाहे वह सर्दी हो, गर्मी या बारिश. इसके प्रचार-प्रसार के चलते राज्य में पर्यटन सीजन को किसी खास मौसम तक सीमित नहीं रखा गया, और पर्यटक सालभर राज्य का दौरा कर रहे हैं.

राजस्थान में पर्यटकों की बढ़ती संख्या
राजस्थान का पर्यटन क्षेत्र लगातार बढ़ता जा रहा है. वर्ष 2022 में 10.87 करोड़ से अधिक पर्यटक आए थे, जबकि 2023 में यह संख्या बढ़कर 18.07 करोड़ हो गई थी. 2024 में यह आंकड़ा 23 करोड़ 21 लाख से ऊपर पहुंच गया. यह वृद्धि 5.14 करोड़ पर्यटकों की थी, जो पिछले वर्ष की तुलना में 28.44 प्रतिशत अधिक थी. इस वर्ष 23 करोड़ घरेलू और 20.72 लाख विदेशी पर्यटक आए, जो राज्य के पर्यटन में भारी वृद्धि का संकेत देते हैं.

ग्रामीण और धार्मिक पर्यटन में विकास
राजस्थान में धार्मिक और ग्रामीण पर्यटन को विशेष बढ़ावा दिया गया है. राज्य के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों ने पर्यटन को आकर्षित किया है, जैसे कि पुष्कर, श्रीनाथजी, खाटू श्याम जी, अजमेर शरीफ और कई अन्य धार्मिक स्थल. ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्यटकों को राजस्थान के पारंपरिक गांवों, कल्चर और जीवनशैली का अनुभव करने का मौका मिला है.

नवीनतम पर्यटन योजनाएं और सुविधाएं
राजस्थान सरकार ने पर्यटन सुविधाओं को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए कई योजनाओं को लागू किया है. नए एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी में सुधार, और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आधारभूत ढांचे का विकास इन योजनाओं में शामिल हैं. इन पहलों से राज्य में पर्यटन के लिए आने वाली यात्रा अधिक सुविधाजनक और आकर्षक हो गई है. केंद्र की योजनाओं जैसे प्रसाद 2.0, स्वदेश दर्शन 2.0, और कृष्णा सर्किट ने भी राज्य को पर्यटन के क्षेत्र में लाभ पहुंचाया है.

विदेशी पर्यटकों की बढ़ती संख्या
राजस्थान ने विदेशी पर्यटकों को भी अपने आकर्षण की ओर खींचा है. विदेशी पर्यटकों की संख्या में 21.92% की वृद्धि देखी गई है, जो राज्य के पर्यटन में अंतरराष्ट्रीय पहचान को दर्शाता है. विदेशों में रोड शो और अन्य प्रचार अभियानों ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

विभिन्न प्रकार के पर्यटन
राजस्थान ने विभिन्न प्रकार के पर्यटन क्षेत्रों में भी प्रगति की है. एडवेंचर, चिकित्सा, फिल्म, वाइल्डलाइफ, और एक्सपीरियंशियल टूरिज़म जैसे नए और अलग-अलग पर्यटन क्षेत्रों ने राज्य को और अधिक विविध और रोमांचक बना दिया है. राजस्थान अब केवल ऐतिहासिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत के लिए नहीं, बल्कि इन नई श्रेणियों के लिए भी प्रमुख गंतव्य बन चुका है.

2025 के लिए लक्ष्य: 25 करोड़ पर्यटक
2024 में रिकॉर्ड 23 करोड़ पर्यटकों के आने के बाद राजस्थान सरकार ने 2025 के लिए एक और बड़ा लक्ष्य तय किया है. सरकार का उद्देश्य 2025 तक 25 करोड़ पर्यटकों को राज्य में आकर्षित करना है. उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार के सभी अधिकारियों और पर्यटन विभाग को एकजुट करने की दिशा में काम किया है.

पर्यटन ढांचे में सुधार की आवश्यकता
हालांकि राजस्थान ने पर्यटकों की आवक में रिकॉर्ड वृद्धि की है, लेकिन इसे और बढ़ावा देने के लिए पर्यटन ढांचे को और मजबूत करना जरूरी है. होटल और रिसॉर्ट्स में कमरे बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि अधिक पर्यटक यहां ठहर सकें. मनोरंजन गतिविधियों और अनुभवों को वर्ल्ड क्लास बनाना भी राज्य की प्राथमिकताओं में शामिल है.

इसके अलावा, सड़क और एयर कनेक्टिविटी को बढ़ाना, और रोपवे और एयर टैक्सी जैसे सुविधाओं पर तेज़ी से काम करना होगा. पर्यटक सुरक्षा को पुख्ता करना भी महत्वपूर्ण है, जिससे पर्यटन में और अधिक बढ़ावा मिलेगा. 

राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र में निवेश का योगदान
'राइजिंग राजस्थान' के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्तावों से पर्यटन ढांचे को और भी मजबूती मिली है. इन प्रस्तावों के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र में नवाचार और विकास के नए अवसर उत्पन्न होंगे. राजस्थान का पर्यटन क्षेत्र लगातार आगे बढ़ रहा है और यह राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है. राज्य सरकार की नीतियों, प्रमोशनल प्रयासों और बेहतर सुविधाओं ने पर्यटन को एक नई दिशा दी है. आने वाले वर्षों में, राजस्थान पर्यटन के क्षेत्र में और अधिक उन्नति करेगा और न केवल भारत में, बल्कि दुनियाभर में अपनी पहचान बनाता रहेगा.