बजट सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अभिभाषण, स्वामित्व योजना के तहत अब तक 2.25 करोड़ स्वामित्व कार्ड जारी किए

बजट सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अभिभाषण, स्वामित्व योजना के तहत अब तक 2.25 करोड़ स्वामित्व कार्ड जारी किए

नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित कर रहीं हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने अभिभाषण की शुरुआत में संविधान को अंगीकार किए जाने के 75 साल पूरे होने का जिक्र करते हुए संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर को नमन किया. साथ ही प्रयागराज महाकुंभ में हुई घटना पर भी दुख व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की. 

स्वामित्व योजना के तहत अब तक 2.25 करोड़ स्वामित्व कार्ड जारी किए. 70 लाख पिछले 6 महीने में लागू किए गए हैं. किसान सम्मान निधि के 41000 करोड़ रुपए का भुगतान पिछले महीने हुआ. उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने आदिवासी समाज के पांच करोड़ लोगों के लिए 'धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान' शुरू किया है. सरकार ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' और वक्फ संशोधन विधेयक की दिशा में कदम उठाए हैं. सरकार ने युवाओं की शिक्षा और उनके लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर विशेष ध्यान दिया है. 

सरकार देश में महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास में विश्वास करती है:
आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के छह करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान करने का निर्णय लिया गया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आगे कहा कि ऐतिहासिक महाकुंभ चल रहा है. यह हमारी सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक जागरण का पर्व है. देश-दुनिया से करोड़ों श्रद्धालुओं ने प्रयागराज में पवित्र डुबकी लगाई है. मैं इसके लिए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं. राष्ट्रपति ने कहा कि मेरी सरकार देश में महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास में विश्वास करती है. 

 

आज बड़ी संख्या में महिलाएं लड़ाकू विमान उड़ा रही हैं:
सरकार का लक्ष्य 3 करोड़ 'लखपति दीदी' बनाना है. यह संसद के लिए बहुत गर्व की बात है कि आज बड़ी संख्या में महिलाएं लड़ाकू विमान उड़ा रही हैं, पुलिस में शामिल हो रही हैं और देश में कॉर्पोरेट्स का नेतृत्व भी कर रही हैं. हमारी बेटियां ओलंपिक पदक जीतकर देश को गौरवान्वित कर रही हैं. आज हमारे युवा स्टार्टअप से लेकर खेल और अंतरिक्ष तक हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रहे हैं. भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रौद्योगिकी अपनाने के क्षेत्र में दुनिया को रास्ता दिखा रहा है. हमारा लक्ष्य भारत को वैश्विक नवाचार का केंद्र बनाना है. कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में भारत एआई मिशन शुरू किया गया है.