VIDEO: राजस्थान उपचुनाव का दंगल; नतीजे तय करेंगे कांग्रेस नेताओं का कद, पायलट, डोटासरा, जूली और भंवर जितेन्द्र की प्रतिष्ठा दांव पर

जयपुर: राजस्थान में सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की ज्ंग जारी है. नतीजों से तो वैसे सरकार पर कोई खास फर्क नहीं पड़ने वाला. लेकिन कांग्रेस और उसके नेताओं के लिए रिजल्ट सियासी मायने से काफी अहम रहेंगे. सचिन पायलट, टीकाराम जूली, भंवर जितेन्द्र सिंह और गोविंद सिंह डोटासरा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है. नतीजों से इनका सियासी कद तय होगा.

राजस्थान में सात सीटों पर विधानसभा उपचुनाव का घमासान जारी है. भाजपा और कांग्रेस सहित अन्य दलों ने चुनाव में पूरी ताकत झोंक रखी है. कांग्रेस ने अपनी चार मौजूदा सीटों को वापस जीतने के लिए पूरा जोर लगा रखा है. उपचुनाव का परिणाम कांग्रेस के कईं नेताओं का सियासी वजूद भी तय करेगा.

सचिन पायलट- झुंझुनूं,देवली-उनियारा औऱ दौसा सीटों के परिणाम सीधे पायलट की प्रतिष्ठा से जुड़े हुए हैं. मौजूदा सांसद औऱ पायलट की सिफारिश पर ही इन तीनों पर प्रत्याशी तय किए गए हैं.

टीकाराम जूली औऱ भंवर जितेंद्र सिंह-रामगढ़ सीट का परिणाम इन दोनों नेताओं के सियासी वजूद को तय करेगा.

गोविंद डोटासरा- पीसीसी चीफ होने के नाते सभी सीटों के परिणाम सीधे डोटासरा के सियासी करियर को प्रभावित करेंगे. हारे या फिर जीते दोनों स्थितियों में डोटासरा के खाते में क्रेडिट जाएगा. वहीं खींवसर सीट का परिणाम डोटासरा की प्रतिष्ठा से से जुड़ गया है. आरएलपी के साथ गठबंधन नहीं करने से लेकर उम्मीदवार चयन तक जैसे फैसले डोटासरा ने ही किए थे.

वहीं बात अशोक गहलोत की करें तो गहलोत ने इस बार टिकट वितरण में कोई खास रुचि नहीं दिखाई. ऐसे में गहलोत इस बार प्रचार करने के रोल में ही ज्यादा नजर आएंगे. दीपावली के बाद ये सब नेता फील्ड में उतरेंगे औऱ प्रभावी तरीके से प्रचार में जुटेंगे. अब 23 नवम्बर को नतीजों से ही तय होगा कि इनमें से किस नेता का पलड़ा भारी रहेगा.