VIDEO: पर्यटन भवन में दिखेगी अब राजस्थान की सांस्कृतिक झलक, गुलाबी नगर के प्रवेश द्वार भी बिखेरेंगे सांस्कृतिक छटा, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर : उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी की पहल पर राजस्थान के पर्यटन को एक नई दिशा मिल रही है. पर्यटन भवन में अब टूरिस्ट हैल्प डेस्क की शुरुआत की जा रही है, ताकि पर्यटकों को राजस्थान की संस्कृति और पर्यटन से जुड़ी सभी जानकारियां आसानी से मिल सकें. इस हैल्प डेस्क पर राजस्थान पर्यटन से संबंधित पूरी जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे पर्यटक राज्य में घूमने के लिए बेहतर तरीके से योजना बना सकेंगे. इसके अलावा, इस डेस्क पर पर्यटक अपनी सुझाव और शिकायत भी दर्ज कर सकेंगे, जिससे सेवा में सुधार संभव होगा.

पर्यटन भवन की प्रवेश लॉबी को और भी आकर्षक बनाने के लिए एक नए डिजाइन पर काम किया जा रहा है. यहाँ श्री गणेश जी के भित्ति चित्र, गणगौर और तीज की झांकी के अलावा हिल फोर्ट्स और वाइल्डलाइफ के दृश्य भी दीवारों पर उकेरे जा रहे हैं. इन प्रयासों से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर की झलक पर्यटकों को यहाँ आते ही मिल सके. इस योजना के तहत जल्द ही डिजिटल हैल्प डेस्क भी शुरू की जाएगी और इसमें एलईडी डिस्प्ले भी लगाए जाएंगे. राजस्थान पर्यटन विभाग जयपुर एयरपोर्ट पर भी एक काउंटर खोलने की योजना बना रहा है, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक राज्य के पर्यटन स्थल और गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें. साथ ही, पिंक सिटी के सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों को और भी आकर्षक बनाया जाएगा, ताकि पर्यटकों का स्वागत एक प्रभावशाली तरीके से किया जा सके.

इसके अलावा, 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन डेस्टीनेशन' योजना के तहत, राजस्थान के प्रत्येक जिले में एक प्रमुख पर्यटन स्थल को प्रमोट किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को विविधता के अनुभव मिल सकें. इस पहल से पर्यटन उद्योग को मजबूती मिलेगी और पर्यटकों को अधिक विकल्प प्राप्त होंगे. पर्यटन विभाग इस समय जयपुर के 300 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक साल भर चलने वाले कार्निवाल की तैयारी में जुटा हुआ है. जयपुर की स्थापना 1727 में तत्कालीन महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा की गई थी, और 2027 में जयपुर 300 वर्ष का हो जाएगा. इस विशेष अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें न केवल राजस्थान के नागरिकों को बल्कि देश और दुनिया के पर्यटकों को भी शामिल किया जाएगा. उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के नेतृत्व में इस आयोजन को भव्य बनाने की योजना है, जिससे जयपुर और राजस्थान के पर्यटन को और भी बढ़ावा मिलेगा.

इस पहल के माध्यम से राजस्थान सरकार का उद्देश्य न केवल राज्य के पर्यटन को बढ़ावा देना है, बल्कि देश-विदेश के पर्यटकों को भी अपनी संस्कृति, कला और ऐतिहासिक धरोहर से रूबरू कराना है.