जयपुरः जयपुर के सीतापुरा स्थित जेईसीसी में केंद्रीय गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन किया गया, कार्यक्रम
देशभर के 16 राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया. केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से आयोजित क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का उदघाटन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने किया. इस अवसर पर डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा और जयपुर सांसद मंजू शर्मा भी मौजूद रहीं. कार्यक्रम में देशभर के 16 राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया. हिंदी भाषा को बढ़ावा देने और सरकारी विभागों में हिंदी के अधिकतम उपयोग को लेकर इस सम्मेलन में चर्चा की गई. सम्मेलन में हिंदी भाषा के उत्थान में योगदान देने वालों को सम्मानित भी किया गया,
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए CM भजनलाल शर्मा ने कहा कि "राजस्थान की धरती शक्ति और भक्ति के नाम से जानी जाती है. महाराणा प्रताप, पन्नाधाय और मीराबाई जैसे वीरों और संतों की इस भूमि पर हिंदी भाषा का विशेष महत्व है. हिंदी भाषा का कोई मोल नहीं है. गृह मंत्रालय के भाषा विभाग के प्रयास सराहनीय हैं, जो हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए ऐसे सम्मेलन आयोजित कर रहा है. हमारा संविधान भी हिंदी भाषा को बढ़ावा देने की बात करता है." उन्होंने कहा,"हिंदी दुनिया की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है और तकनीक की भाषा भी बन रही है. यह सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और सोच का हिस्सा है. राजस्थान में सरकारी विभागों में हिंदी का सबसे अधिक उपयोग हो रहा है. हिंदी को बढ़ावा देना केवल हमारा कर्तव्य नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है. हमें अपनी राजभाषा हिंदी के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए." मुख्यमंत्री ने देशवासियों से हिंदी भाषा को अपनाने और इसे राष्ट्रीय एकता का माध्यम बनाने की अपील भी की.
हिंदी पूरे विश्व में लोकप्रियः
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डिप्टी CM डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि हिंदी पूरे विश्व में लोकप्रिय और सबसे अधिक बोले जाने वाली भाषा है. सरकारी विभागों में भी हिंदी का अधिक प्रयोग होना चाहिए. मैं खुद हिंदी में लिखता हूँ और विभागीय कार्य भी हिंदी में करता हूँ, जिससे मुझे गर्व महसूस होता है. हम सभी को हिंदी भाषा को सम्मान देना चाहिए और इसका अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए." केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए कहा, "हिंदी हमारी संस्कृति का दर्पण है. देश और केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में हिंदी का उपयोग बढ़ाया जा रहा है. महात्मा गांधी ने भी कहा था कि हिंदी को बढ़ावा देने के लिए हमें इसका ज्यादा से ज्यादा उपयोग करना चाहिए. सरकार की कल्याणकारी योजनाएं तभी सार्थक होंगी जब वे जन-जन तक उनकी भाषा में पहुंचेंगी. भाषा वह माध्यम है जिससे कोई भी व्यक्ति अपनी संस्कृति और विरासत को दूसरों तक पहुंचा सकता है,, कार्यक्रम में समारोह में विभिन्न कार्यालयों, बैंकों एवं उपक्रमों को राजभाषा में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु पुरस्कार प्रदान किए गए, राजभाषा कार्यान्वयन समितियों (नराकासों) को नराकास राजभाषा सम्मान से सम्मानित किया गया, कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य के लिए 110 पुरस्कार भी प्रदान किए गए.