जयपुरः राज्य सरकार ने बजट में जयपुर में एक्सीलेंस सेंटर, उदयपुर में इंस्टीट्यूट ऑफ माइंस और जोधपुर में एमबीएम यूनिवर्सिटी में पेट्रो केम्पस की स्थापना के साथ ही राजस्थान मिनरल एक्सप्लोरेशन लि. के गठन की घोषणा से प्रदेश के माइंस सेक्टर को नई दिशा, एक्सप्लोरेशन को गति और नई पीढ़ी को खनन क्षेत्र के नवीनतम शोध-अध्ययन के अवसर उपलब्ध होंगे. खान विभाग ने बजट घोषणाओं की समयवद्ध क्रियान्विति के लिए रोड़मेप तैयार करने और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करना शुरु कर दिया है.
प्रमुख सचिव माइंस एवं प्रभारी सचिव उदयपुर टी. रविकान्त को उदयपुर में निदेशक माइंस दीपक तंवर, अतिरिक्त निदेशक मुख्यालय महेश माथुर व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और आवश्यक दिशानिर्देश दिए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में माइंस सेक्टर में तेजी से सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं. राज्य में नई खनिज नीति, एम सेण्ड नीति के साथ ही नियमों व प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है. माइनिंग ब्लॉकों व प्लॉटों की नीलामी में आज राजस्थान देश में शीर्ष पर आ गया है और पिछले दिनों उडीसा के कोणार्क में आयोजित देश के खान मंत्रियों के सम्मेलन में राजस्थान की उत्कृष्ट उपलब्धि पर सम्मानित किया गया है. रविकान्त ने अधिकारियों से रेवेन्यू लक्ष्यों की शतप्रतिशत अर्जित करने के निर्देश देते हुए रेवेन्यू छीजत पर प्रभावी रोक और राजस्व अर्जन का नया रेकार्ड बनाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि वैध खनन को बढ़ावा देकर ही अवैध खनन पर कारगर रोक संभव है. इसके लिए एक्सप्लोरेशन, डेलिनियेशन, ब्लॉक तैयार करने और योजनावद्ध ई नीलामी की रणनीति बनानी होगी.
नया इतिहास बनाया जाएगा:
निदेशक माइंस दीपक तंवर ने बताया कि विभाग द्वारा 23 प्रतिशत विकास दर के साथ रेकार्ड राजस्व अर्जन कर लिया है. उन्होंने विश्वास दिलाया कि राजस्व लक्ष्यों की शतप्रतिशत उपलब्धि के साथ ही राजस्व अर्जन का नया इतिहास बनाया जाएगा. अतिरिक्त निदेशक माइंस महेश माथुर ने बताया कि माइनर और मेजर ब्लॉकों व प्लॉटों की नीलामी जारी है वहीं अवैध खनन के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई जारी है. मुख्यकार्यकारी आरएसएमईटी एनके सिंह ने एक्सप्लोरेशन और खनिज ब्लॉकों की तैयारी की जानकारी दी. बैठक में प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने विधानसभा प्रश्नों का समय पर उत्तर भिजवाने, नीलाम खानों को परिचालन में लाने, ऑक्शन की तैयारी, क्लोजिंग एरर, आईटी सिस्टम सहित विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तार से समीक्षा की. बैठक में अतिरिक्त निदेशक पीआर आमेटा, मुख्य कार्यकारी आरएसएमईटी एनपी सिंह, एडीजी गोपालाराम, एसएमई धर्मेन्द्र लोहार, कमलेश्वर बारेगामा, एसपी शर्मा, टीए सतीष आर्य, एमई उदयपुर आसिफ अंसारी सहित अधिकारियों ने हिस्सा लिया.