जयपुरः प्रदेश भर के 300 निकाय आम लोगों को पट्टे जारी करने में कितने गंभीर है और कौनसे निकाय ने कितने पट्टे जारी किए हैं. इसका सही आकलन करने के लिए राज्य सरकार ने अभिनव प्रयोग किया है. आखिर क्या है यह प्रयोग और कैसे इससे राज्य सरकार निकायों पर लगाम कस पाएगी.
शहर में रह रहे व्यक्ति को उसके भूखंड का पट्टा जारी करना, किसी भी विकास प्राधिकरण,नगर सुधार न्यास,आवासन मंडल,नगर निगम,नगर परिषद और नगर पालिका का सबसे मूलभूत काम है. लेकिन अक्सर इन निकायों में शिकायतें आम हैं कि पट्टे नहीं दिए जा रहे हैं. निकायों के अधिकारी पट्टों के लिए चक्कर कटवा रहे हैं. ये शिकायतें लगातार राज्य सरकार के पास भी पहुंच रही थी. इन्हीं शिकायतों के निवारण के लिए राज्य सरकार ने एक अभिनव प्रयोग किया है.
प्रदेश भर में कुल 300 निकाय हैं
-इनमें से नगर निगम,नगर परिषद, नगर पालिका मिलाकर 282 शहरी निकाय हैं
-इसके अलावा 5 विकास प्राधिकरण, 12 नगर सुधार और आवासन मंडल है
-नगरीय विकास विभाग और स्वायत्त शासन विभाग की ओर से इन सभी निकायों को एक आदेश जारी किया गया है
-इस आदेश में सभी निकायों से पट्टे जारी करने के डिस्पैच रजिस्टर के अंतिम पेज की फोटो कॉपी मांगी गई है
-इन निकायों को राज्य सरकार को ऐसी फोटो कॉपी भेजनी है जिसमें पट्टे से संबंधित विवरण और
-पट्टे जारी किए जाने की तिथि भी अंकित हो
-ऐसा पहली बार है जब सरकार ने निकायों से डिस्पेच रजिस्टर के अंतिम पेज की फोटो कॉपी मांगी है
राज्य सरकार की ओर से डिस्पेच रजिस्टर के अंतिम पेज की फोटो कॉपी मांगने से निकाय कार्मिकों में खलबली मची हुई है. आखिर यह फोटो कॉपी क्यों मांगी गई? यही इन दिनों निकायों में चर्चा का विषय बना हुआ है. आपको बताते हैं कि डिस्पैच रजिस्टर की जानकारी मांगने के पीछे राज्य सरकार का क्या उद्देश्य है
पिछली कांग्रेस सरकार में चलाए गए प्रशासन शहरों के संग अभियान को लेकर निकाय मार्गदर्शन मांग रहे थे
-पट्टों के लंबित प्रकरणों को लेकर लगातार मार्गदर्शन मांग रहे थे
-इस राज्य सरकार की ओर से 13 मार्च 2024 को आदेश जारी किया गया
-इस आदेश में स्पष्ट किया गया कि किन प्रकरणों में अभियान की छूट के साथ पट्टे जारी किए जा सकते है
-और किन प्रकरणों में बिना छूट के पट्टे जारी किए जा सकते है
-31 मार्च को प्रशासन शहरों के संग अभियान की अवधि खत्म हो गई
-इसके बाद 5 जून को लोकसभा चुनाव की लागू आदर्श आचार संहिता भी हट गई
-इसके बाद फिर से कई निकाय अभियान के संदर्भ में पट्टे जारी करने को लेकर मार्गदर्शन मांगते रहे
-इस पर राज्य सरकार ने बार फिर 12 जुलाई आदेश जारी किया
-इस आदेश में पट्टे जारी करने को लेकर वही मार्गदर्शन दिया गया जो 13 मार्च के आदेश में दिया गया था
-निकायों की ओर से पट्टे जारी करने के डिस्पैच रजिस्टर के अंतिम पेज की फोटो प्रति से पता चलेगा
-राज्य सरकार को यह पता चलेगा कि बार-बार मार्गदर्शन मांगने वाले निकाय पट्टे जारी करने को लेकर कितने गंभीर है
-12 जुलाई को सरकार की ओर से दुबारा मार्गदर्शन देने के बाद किस निकाय ने कितने पट्टे जारी किए है
-इसकी जानकारी भी राज्य सरकार को इस फोटो प्रति से मिल पाएगी
-भविष्य में जब कभी राज्य सरकार निकायों से जारी किए जाने वाले पट्टों की संख्या पूछेगी तो
-निकायों को जारी किए जाने वाले पट्टों की सही संख्या बतानी पड़ेगी
-किसी शिकायत पर संदेह की स्थिति में सरकार संबंधित निकाय से डिस्पैच रजिस्टर तलब कर लेगी
-और पूर्व में भेजे रजिस्टर के अंतिम पेज से संख्या का मिलान कर वस्तु स्थिति पता लग जाएगी.