जयपुर: राजस्थान विधानसभा में गतिरोध समाप्त हो गया. सदन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि हम वो लोग हैं जो राजस्थान की जानता को क्या दिखाने चाहते हैं. गतिरोध सदन के अंदर था जो ज्यादा बड़ी बात नहीं थी. बातचीत में हमारा हर विषय पर वाद विवाद होता है. आप सभी सौभाग्यशाली है कि राजस्थान की जनता ने चुनकर भेजा हैं. जनता की बहुत बड़ी उम्मीदें हैं. उनके मन में जनप्रतिनिधियों के प्रति भाव और समर्पण बहुत होता हैं. यदि आप थोड़ा भी विचार करेंगे तो मेरा और तेरा की बात खत्म हो जाएगी. हम राजस्थान की 8 करोड़ की जनता के लिए है. किसी के भी मुंह से गलत बात निकलती है तो उसे पश्चाताप होता है उसे नींद नहीं आती. हम जो भी सोच विचार कर बोले. विधानसभा के अध्यक्ष रहे वरिष्ठ नेताओं और दिग्गजों के नाम लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा अध्यक्ष हमारा प्रमुख होता हैं.
सदन का समय होता हैं बहुत कीमती:
सदन में CM भजनलाल शर्मा ने कहा कि जोर से हल्ला मचा देते हैं सिर्फ एक सुर्खी में बनने के लिए. सदन का समय बहुत कीमती होता हैं. पूरा का पूरा खर्चा राजस्थान की जनता वहन करती हैं. 2-3 दिन से सदन में बड़ा व्यवधान होता है. मैंने कहा कि राजस्थान की जनता के लिए यहां विचार होता है. सदन चलना बहुत जरूरी है. हम भावावेश में टिप्पणी करते हैं, ऐसी टिप्पणी ठीक नहीं है. कई लोग सहन करते हैं, कई लोग नहीं करते. जिस वृक्ष में फल लगते हैं वही वृक्ष झुकता है.
सत्ता पक्ष के विधायकों का धन्यवाद:
राजस्थान विधानसभा में गतिरोध समाप्त हो गया. सदन में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बयान देते हुए कहा कि सत्ता पक्ष के विधायकों का धन्यवाद, जिन्होंने गतिरोध समाप्त करने में भूमिका निभाई. गोविंद सिंह डोटासरा की टिप्पणी आसन के प्रति सही नहीं थी. उसके लिए मैं सदन और आसन से माफी मांगता हूं. आसन को हमने सदैव सर्वोपरि रखा. जो घटना थी वो सही नहीं थी, उसके लिए क्षमा चाहते हैं.