जयपुर: करीब ढाई हजार करोड़ रुपए लागत की बजट घोषणाओं को इसी वित्तीय वर्ष में धरातल पर उतारना जेडीए के लिए बड़ी चुनौती है. इसी के चलते विभिन्न जोन्स में सरकारी जमीनों को खंगाला जा रहा है.
उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने 10 जुलाई को मौजूदा वित्तीय वर्ष का पूर्ण बजट पेश किया था. इस पूर्ण बजट में उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने जेडीए की ओर से करीब ढाई हजार करोड़ रुपए लागत के प्रोजेक्ट्स क्रियान्वित करने की घोषणा की थी. इनमें एलिवेटेड रोड,फ्लाई ओवर ओवरब्रिज, लंबी सेक्टर रोड का निर्माण प्रोजेक्ट्स शामिल हैं. चूंकि यह बजट घोषणा है इसलिए इन पर काम भी इसी वित्तीय वर्ष में शुरू किया जाना चाहिए. हांलाकि ये प्रोजेक्ट्स इसी वित्तीय वर्ष में पूरे नहीं होंगे. इन प्रोजेक्ट्स को पूरा होने में दो से तीन साल का समय लगेगा. जानकारों के अनुसार इसी वित्तीय वर्ष में इन प्रोजेक्ट्स को मौके पर शुरू करने के लिए जेडीए को ढाई सौ से तीन सौ करोड़ रुपए खर्च करने पड़ेंगे.
बजट घोषणा के दूसरे ही दिन 11 जुलाई को जेडीए आयुक्त मंजू राजपाल ने जेडीए के अभियंताओं की बैठक ली. बैठक में बजट घोषणाओं पर शीघ्र कार्यवाही शुरू करने की हिदायत दी गई. रूटीन के विकास कार्य और इन प्रोजेक्ट्स के लिए जेडीए को धन की आवश्यकता है. यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने 9 जुलाई को जेडीए अधिकारियों की बैठक ली थी. बैठक के बाद मीडिया को झाबर सिंह कार्य ने कहा कि यह कटु सत्य है कि जेडीए को विकास कार्य के लिए धन की आवश्यकता है. इसलिए जोन वार सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं. इन जमीनों के बेचान से जैसे-जैसे धन आएगा, उसके अनुसार विकास कार्य करवाए जाएंगे.
जेडीए के राजस्व का प्रमुख स्त्रोत सरकारी जमीनों की नीलामी है. जेडीए के राजस्व का बड़ा हिस्सा इसी मद से आता है. मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने भी स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि विकास कार्यों की निर्भरता इसी मद से मिलने वाले राजस्व पर रहेगी. आपको बताते हैं कि जेडीए की मौजूदा वित्तीय स्थिति क्या है और राजस्व जुटाने के मामले में जेडीए की परफॉर्मेंस कैसी रही है.
- जेडीए के खजाने में अभी 687 करोड़ रुपए हैं
-इसमें से 597.63 करोड़ रुपए की राशि की एफडी है
-जबकि विभिन्न खातों में करीब 90 करोड़ रुपए हैं
-कार्मिकों के वेतन भत्ते व अन्य प्रशासनिक खर्चों पर जेडीए हर महीने औसतन 27 करोड़ रुपए खर्च करता है
-इस वित्तीय वर्ष के नौ महीनों में इस पर जेडीए को करीब 243 करोड़ रुपए खर्च करने हैं
-इस वित्तीय वर्ष में विकास कार्यों पर जेडीए का 1709.88 करोड़ रुपए खर्च करने का लक्ष्य है
-जमीनों की नीलामी से इस वित्तीय वर्ष में जेडीए ने 1209.80 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा है
-जबकि कुल राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य 2128.70 करोड़ रुपए रखा है
-पिछले वित्तीय वर्ष में 1086.29 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले नीलामी के मद में जेडीए ने 1185.29 करोड़ रुपए जुटाए थे
-जानकारों का मानना है कि बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए जरूरी है
-नीलामी के मद में निर्धारित लक्ष्य से अधिक राशि जुटाना जरूरी है
यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा की अध्यक्षता में हुई जेडीए की समीक्षा बैठक का कार्यवाही विवरण 12 जुलाई को जारी किया गया था. इसके मुताबिक मंत्री झाबर सिंह खर्रा जेडीए के जोन उपायुक्तों को सात दिन का समय दिया था. इन सात दिनों में जोन उपायुक्त सरकारी जमीनों का सर्वे करेंगे. इन जमीनों पर अगर कोई अस्थायी अतिक्रमण है तो उसे हटाने की कार्यवाही शुरू करेंगे. साथ ही स्थायी अतिक्रमणों को हटाने की कार्य योजना भी तैयार करेंगे. मंत्री की ओर से दी गई मियाद 19 जुलाई को खत्म हो जाएगी खत्म. इसके बाद पता चलेगा कि यूडीएच मंत्री के आदेशों की किस प्रकार अधिकारियों ने पालना की.