जयपुर : गुजरात में सामने आए मौतरूपी 'चांदीपुरा' वायरस की आहट ने एकबार फिर चिकित्सा विभाग की चिंता बढ़ा दी है. सीमावर्ती उदयपुर जिले में दो संदिग्ध बच्चे चिन्हित किए गए है, जिसमें से एक की मौत की पुष्टि के बाद विभाग अलर्ट मोड पर है. स्वास्थ्य निदेशालय ने उदयपुर सीएमएचओ को सर्विलांस बढ़ाने और संदिग्धों के सैम्पल जांच के लिए जयपुर और पूणे भिजवाने के निर्देश दिए है. आखिर क्या है 'चांदीपुरा' वायरस और राजस्थान में क्यों बढ़ रही है चिंता.
पहले स्वाइन फ्लू और जीका वायरस का कहर, फिर कोरोना ने मचाया मौत का तांडव. अब राजस्थान में एक नए वायरस की एंट्री की आहट ने चिकित्सा विभाग की नींद उड़ा दी है. सीमावर्ती उदयपुर जिले में 'चांदीपुरा' वायरस के दो संदिग्ध बच्चे चिन्हित किए गए है. सबसे चिंता की बात ये है कि इनमें से झांडफूंक के चलते एक बच्चे के इलाज में कुछ देरी हो गई, जिसके चलते उसे जान गंवानी पड़ी. जबकि दूसरे बच्चे का गुजरात के हिम्मतनगर सिविल हॉस्पिटल में ट्रीटमेंट चल रहा है. चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की माने तो दोनों ही बच्चों को संदिग्ध की श्रेणी में रखा गया है. NIA पुणे की रिपोर्ट के बाद ही वायरस की पुष्टि हो पाएंगी, लेकिन न्यू इमर्जिंग डिजिज की श्रेणी में शामिल इस वायरस का अभी तक राजस्थान में कोई केस नहीं है. ऐसे में किसी भी स्प्रेड से बचने के लिए सर्विलांस बढ़ाई गई है.
---क्या है चांदीपुरा वायरस---
- वर्ष 1966 में महाराष्ट्र के चांदीपुरा में हुई थी इस वायरस की पहचान
- इसके बाद वायरस को वर्ष 2004-06 और 2019 में आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में रिपोर्ट किया गया
- चांदीपुरा वायरस एक RNA वायरस है. यह वायरस सबसे अधिक मादा फ्लेबोटोमाइन मक्खी से ही फैलता है
- 15 साल से कम उम्र के बच्चे सबसे ज्यादा इसका शिकार होते हैं. उन्हीं में मृत्यु दर भी सबसे ज्यादा रहती है
- चांदीपुरा के इलाज के लिए आज तक कोई एंटी वायरल दवा नहीं बनी है
---ये लक्षण, तो अलर्ट होने की जरूरत---
- चांदीपुरा वायरस मच्छरों, टिक्स और सैंडफली जैसे वैक्टर के जरिए फैलता है.
- शुरूआत में मरीज को बुखार आता है, जिसमें फ्लू के समान लक्षण होते हैं.
- इसके साथ ही पीड़ित को उल्टी-दस्त की शिकायत भी होने लगती है.
- चिकित्सकों के मुताबिक मरीज में दौरे भी आने लगते है,जिससे उसके कोमा में जाने की आशंका रहती है.
इस पूरे प्रकरण को लेकर स्वास्थ्य निदेशालय ने उदयपुर से रिपोर्ट तलब की है. इसमें बताया गया है कि खेरवाड़ा के बलीचा गांव में 26 जून को एक बच्चे को अचानक दौरे आने लगे. परिजन उसे पहले भीलूड़ा सीएचसी लेकर गए, जहां से बच्चे को गुजरात के हिम्मतनगर सिविल हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया. यहां उपचार के दौरा बच्चे का दम टूट गया. इसके बाद बावलवाड़ा गांव की पांच वर्षीय बच्ची को जुलाई के पहले सप्ताह में उल्टी-दस्त, बुखार की शिकायत के बाद हिम्मतनगर ले जाया गया. यहां फिलहाल बच्ची की हालत स्वस्थ बताई गई है. लेकिन गुजरात में चिकित्सकों ने कुछ बच्चों की मौत के बाद चांदीपुरा वायरस का अंदेशा जताते हुए राजस्थान के बच्चों के सैम्पल भी जांच के लिए एनआईए पूणे भेजे है.