जयपुर: जम्मू कश्मीर आतंकी हमले में मृतकों के प्रकरण में अब जाकर सहमति बनी. राजस्थान सरकार परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा और डेयरी बूथ देगी. वहीं 20 लाख रुपए का मुआवजा जम्मू-कश्मीर सरकार देगी. अब कुछ देर में शवों का अंतिम संस्कार होगा. आपको बता दें कि भाजपा से राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत का ने बड़ा एलान किया. कश्मीर में आतंकी हमले में मारे गए परिवार के बच्चों को गोद लेंगे.
कश्मीर में आतंकी हमले में मारे गए परिवार के बच्चों को गहलोत गोद लेंगे. जयपुर रेलवे जंक्शन पर शव पहुंचने के बाद राजेंद्र गहलोत ने घोषणा की. मौके पर मौजूद परिजनों और समाज के लोगों के चिंता जताने के दौरान घोषणा की. गहलोत ने बच्चों को शिक्षा, दीक्षा और पालन पोषण की जिम्मेदारी ली. इसके बाद जयपुर जंक्शन से मृतकों के शव रवाना किए जा सके. आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले में मारे गए लोगों के मामले को लेकर मुरलीपुरा थाने के बाहर परिजन और स्थानीय लोग प्रदर्शन कर रहे.
थाने के अंदर पुलिस और प्रशासन से प्रतिनिधि मंडल की वार्ता चल रही. लोग थाने के बाहर सड़क पर धरने पर बैठे. एंबुलेंस से पूजा और लिवांश के शव चरण नदी स्थित आवास पहुंचाए. मुरलीपुरा थाने के बाहर करीब 2 घंटे से धरना प्रदर्शन जारी है. कश्मीर में आतंकी हमले में मारे गए लोगों के मामले में अपडेट सामने आया था. सांसद राजेंद्र गहलोत और परिवार के लोगों के बीच पहले दौर वार्ता विफल रही. सांसद राजेंद्र गहलोत परिवार से धरना उठाने की मांग कर रहे थे. ऐसे में सरकार और परिवार के बीच सहमति नहीं बनी. मृतकों के परिजनों ने मांग की. कन्हैया लाल हत्याकांड की तर्ज पर सरकारी नौकरी व आर्थिक मुआवजा दी जाए.
आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर में वैष्णो देवी श्रद्धालुओं पर हुए आतंकी हमले में मारे गए जयपुर जिले के चौमूं निवासी चारों नागरिकों के पार्थिव शरीर पूजा एक्सप्रेस ट्रेन से जयपुर जंक्शन लाए गए है. जम्मू-कश्मीर में रविवार को हुए आतंकी हमले में 10 श्रद्धालुओं की मौत हुई. इनमें से 4 जयपुर जिले के चौमूं निवासी थे. हमले में राजेंद्र सैनी उनकी पत्नी ममता सैनी, भतीजी पूजा सैनी और पूजा के दो साल का बेटा लिवांश की मौत हुई.