कांग्रेस का नीचले स्तर पर संगठन को एक्टीव करने का मिशन, सभी 200 विधानसभा सीटों पर लगाए प्रभारी

जयपुरः राजस्थान कांग्रेस अब नीचले लेवल पर खाली पड़े पदों को भरने और संगठन को एक्टिव करने के एक्शन मोड़ में आ गई है. इसके लिए प्रदेश नेतृत्व ने सभी 200 विधानसभा सीटों पर प्रभारी लगाए हैं. खास बात है कि सीनियर लीडर्स के बजाय दूसरे नेताओं को इंचार्ज की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इन प्रभारियों को 12 मार्च तक पीसीसी चीफ को खाली पड़े पदों की रिपोर्ट सौंपनी है.

दिल्ली चुनाव निपटते ही कांग्रेस अब एक्टिव और एक्शन मोड़ में नजर आने लगी है. हाईकमान के निर्देश पर कांग्रेस ने अब संगठन की मजबूती की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है.शुरुआत पहले निचले स्तर पर संगठन को सक्रिय औऱ मजबूत करने से हुई है. इसके लिए स्टेट लीडरशिप ने 200 विधानसभा प्रभारियों की नियुक्ति की है. इन प्रभारियों को बूथ तक संगठन को एक्टिव करने का अहम टास्क दिया गया है. 

सभी 200 सीटों पर कांग्रेस ने तैनात किए विधानसभा प्रभारी
ब्लॉक,नगर,मंडल,ग्राम पंचायत और बूथ लेवल पर संगठन मजबूती का दिया टास्क
सीनियर लीडर्स के बजाय नए,युवा और मेहनती चेहरों को बनाया प्रभारी
प्रभारी ले सकेंगे ब्लॉक औऱ मंडल कांग्रेस कमेटियों की बैठक
जिलाध्यक्षों को इन बैठक में अनिवार्य रुप से मौजूद रहने के दिए निर्देश
सभी जिलाध्यक्षों को पीसीसी ने भेजी प्रभारियों की सूची
प्रभारियों को 12 मार्च तक खाली पड़े पदों की रिपोर्ट देनी है पीसीसी चीफ को
जल्द पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा लेंगे प्रभारियों की पहली बैठक

डोटासरा ने इंचार्च लगाने का फैसला लियाः
दरअसल नीचले स्तर पर पिछले कुछ दिनों से संगठन और पार्टी की गतिविधियां एक तरह से ठप पड़ी है. लिहाजा ब्लॉक से लेकर बूथ तक गतिविधियों को नई धार देने के लिए प्रभारी तैनात करने का प्रयोग किया गया है. पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा को लगातार नीचले लेवल पर संगठन की निष्क्रियता की रिपोर्ट मिल रही थी. ऐसे में जमीनी स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों के प्रभावी संचालन के लिए गोविंद डोटासरा ने इंचार्च लगाने का फैसला लिया. खास बात है कि प्रभारी के तौर पर किसी विधायक,सांसद,पूर्व विधायक या फिर पीसीसी पदाधिकारी जैसे सीनियर नेताओं को नहीं लगाया गया है. डोटासरा ने उन नेताओं को यह अहम जिम्मेदारी दी है जो पार्टी के लिए कुछ करना चाहते हैं.

पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा ने कहा कि जो प्रभारी पार्टी के निर्देश पर बेहतरीन काम करते तो उसका फिर प्रमोशन भी होगा. मतलब अच्छा काम करने वाले नेताओं को पीसीसी में पदाधिकारी या फिर अन्य अहम पोस्ट पर मौका दिया जाएगा. ये प्रभारी ग्राउंड की हर रिपोर्ट सीधे पीसीसी चीफ को रिपोर्ट करेंगे. अब देखना है कि कांग्रेस का प्रभारी लगाने का एक्सपेरीमेंट कितना कारगर साबित होता है