VIDEO: नाहरगढ़ और सरिस्का में वन भूमि पर अवैध होटल निर्माण, सुप्रीम कोर्ट एंपावर्ड कमेटी तक पहुंचे मामले ,देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: नाहरगढ़ वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी और सरिस्का टाइगर रिजर्व क्षेत्र के इको सेंसेटिव जोन और वन भूमि पर अवैध होटल, रिसोर्ट निर्माण के मामले सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी तक पहुंच गए हैं.नाहरगढ़ वन एवं वन्य जीव सेवा समिति की शिकायत पर एंपावर्ड कमेटी ने सभी आठ मामलों में 18 दिसंबर को बैठक, सुनवाई का नोटिस जारी किया है. नाहरगढ़ वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी और सरिस्का टाइगर रिजर्व संरक्षित वन क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण और निर्माण के मामलों की शिकायत सुप्रीम कोर्ट के इंपोर्ट कमेटी को नाहरगढ़ वन एवं वन्य जीव सेवा समिति द्वारा की गई थी.इस शिकायत में संरक्षित वन में अवैध अतिक्रमण और निर्माण तथा वन अधिनियम, 1980 की धारा 2 और नाहरगढ़ इको-सेंसिटिव जोन, 8 मार्च 2019 के अधिसूचना और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश, 12.12.1996 का उल्लंघन बताया गया है. किन-किन मामलों में शिकायत की गई जिन पर अब एंपावर्ड कमेटी बैठक कर सत्यता की जांच करेगी.

 किन-किन मामलों में हुई शिकायत :  
- शमौड़ा फार्म और जोधपुर फार्म द्वारा नाहरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य और वन भूमि के खसरा नंबर 431, 458/589 में अवैध अतिक्रमण.

- सरिस्का वन्यजीव अभयारण्य और टाइगर प्रोजेक्ट के बफर जोन में स्थायी होटल/रिसॉर्ट का अवैध निर्माण, जिल्हा अलवर, होटल देशी ठाठ रिसॉर्ट के निदेशक सीमा रानी और संदीप खंडेलवाल, प्रबंधक सुरेन्द्र सैनी द्वारा गैर-वन गतिविधियां करना, नदी के प्रवाह क्षेत्र को प्रभावित करना, तथा जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण अधिनियमों का उल्लंघन.

- सरिस्का वन्यजीव अभयारण्य और टाइगर प्रोजेक्ट के बफर क्षेत्र में होटल वणयविलास रिसॉर्ट द्वारा स्थायी होटल/रिसॉर्ट का अवैध निर्माण, नदी के प्रवाह क्षेत्र को प्रभावित करना, तथा जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण अधिनियमों का उल्लंघन.

- सरिस्का वन्यजीव अभयारण्य और टाइगर प्रोजेक्ट के बफर क्षेत्र में, गांव गुवाड़ा कुंडयाल, तहसील प्रतापगढ़, जिला अलवर स्थित होटल अनात्ता रिसॉर्ट द्वारा स्थायी होटल/रिसॉर्ट का अवैध निर्माण, सीटीएच से एक किलोमीटर के दायरे और अभयारण्य सीमा से 10 किलोमीटर के दायरे में, तथा गैर-वन गतिविधियों का संचालन और जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण का निर्माण.

- सरिस्का वन्यजीव अभयारण्य और टाइगर प्रोजेक्ट के बफर जोन में होटल हेरिटेज रिसॉर्ट (अमन बाग रिसॉर्ट) द्वारा स्थायी होटल/रिसॉर्ट का अवैध निर्माण, गांव अजबगढ़, तहसील प्रतापगढ़, जिला अलवर में, सीटीएच से एक किलोमीटर के दायरे और अभयारण्य सीमा से 10 किलोमीटर के दायरे में, तथा गैर-वन गतिविधियों का संचालन और जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण का उल्लंघन.

- नाहरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य के इको-सेंसिटिव जोन, उप वन संरक्षक कार्यालय, जयपुर के अंतर्गत होटल हाथी मौजा, आमेर (हाथी गांव), जयपुर द्वारा अवैध और गैरकानूनी उपहार डीड, पट्टा डीड, रजिस्ट्री और भूमि परिवर्तन तथा प्राकृतिक जल का शोषण और जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन.

- आवेदन संख्या 1590/2024, हेमराज मीना, नाहरगढ़ वन एवं वन्यजीव एवं सेवा समिति द्वारा दायर,  दामोदर अग्रवाल द्वारा गांव आमेर, तहसील आमेर, जिला जयपुर रेंज नाहरगढ़ नाका छिमनपुरा, आमेर के खसरा नंबर 758, 760, 761 और 757 (जैविक पार्क के नीचे) में नाहरपुर वन्यजीव अभयारण्य और इको-सेंसिटिव जोन की सीमा के भीतर बिना वन विभाग की अनुमति, वन्यजीव मंजूरी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति और जल स्रोत प्राधिकरण, भारत सरकार की अनुमति के बिना नए व्यापारिक प्रतिष्ठान होटल/रिसॉर्ट का अवैध निर्माण करने के संबंध में.

- आवेदन संख्या 1591/2024, गणेश नारायण और लेखराज मीना, नाहरगढ़ वन एवं वन्यजीव एवं सेवा समिति द्वारा दायर, गांव कलसीकला गुवाड़ा, तहसील ठाणागाजी (एम.एल. नंबर 102/88 और एम.एल. नंबर 12/1985) में खनन गतिविधि को तत्काल रोकने के संबंध में.

दरअसल सभी मामले वन क्षेत्र अतिक्रमण इको सेंसेटिव जोन की सीमा और नियमों का उल्लंघन और अवैध निर्माण से जुड़े हैं.अब सुप्रीम कोर्ट के एंपावर्ड कमेटी ने 18 दिसंबर को बैठक का नोटिस जारी किया है.इस बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक, सरिस्का के क्षेत्रीय निदेशक,  वन पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के प्रतिनिधि और शिकायतकर्ता को दस्तावेजों सहित बुलाया है.माना जा रहा है कि एंपावर्ड कमेटी में आठ ऑन इकाइयों के खिलाफ मामले साबित होते हैं तो उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.